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Farrukhabad News: श्रमिकों की संख्या छिपाने वाले उद्योगों पर कसेगा शिकंजा
Sat, 15 Apr 2023 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 15 Apr 2023 12:15 AM IST
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फर्रुखाबाद। श्रमिकों की संख्या छिपाने वाले उद्योगों पर अब शिकंजा कसेगा। बिजली चोरी पकड़ने के लिए भी अभियान चलेगा। इन उद्योगों को चिह्नित कर फैक्ट्री एक्ट के तहत पंजीकरण कराया जाएगा।
जनपद में 95 शीतगृह संचालित हैं। इनमें कई शिफ्टों में 100 से अधिक श्रमिक काम करते हैं। धान मिल, फ्लोर मिल, जरदोजी कारखानों में भी 20 से अधिक श्रमिकों को काम मिलता है। अधिकांश का फैक्ट्री एक्ट के तहत पंजीकरण नहीं है। इससे कोई बड़ा हादसा होने पर कारखाना मालिक कार्रवाई के दायरे में आ जाते हैं। इस पर सरकार ने अब शिकंजा कस दिया है। शासन से प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने जिलाधिकारी को जारी आदेश में कारखाना अधिनियम के तहत प्रतिष्ठानों का पंजीकरण बढ़ाने को कहा है।
अब पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसमें उद्योगों में बिजली की खपत, पर्यावरण, अग्नि सुुरक्षा, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, जीएसटी से संबंधित विवरण एकत्र कर इनका श्रम विभाग के कारखाना प्रभाग में निवेश मित्र पोर्टल पर पंजीकरण किया जाएगा। इससे सरकार का राजस्व बढ़ने के साथ श्रमिकों का पंजीकरण होने से उन्हें श्रम विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। बिजली चोरी करने वाले कारखाना मालिकों पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
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श्रम उपायुक्त देवेश सिंह ने बताया कि शासनादेश प्राप्त हुआ है। जिले में अधिकांश शीतगृह व फ्लोर मिल आदि का पंजीकरण नहीं है। इससे श्रमिकों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। अब पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जाएगा। कोई भी कारखाना बिजली से संचालित हो, उत्पादन हो रहा हो या 20 से अधिक श्रमिक काम कर रहे हों, इन्हें चिह्नित किया जाएगा। सभी विभागों से प्रतिष्ठानों का विवरण मांगा गया है। शीघ्र ही पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जाएगा। प्रतिष्ठानों के मानक पूरे कराए जाने से बड़े हादसे की आशंका को भी कम किया जा सकेगा।
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जनपद में 95 शीतगृह संचालित हैं। इनमें कई शिफ्टों में 100 से अधिक श्रमिक काम करते हैं। धान मिल, फ्लोर मिल, जरदोजी कारखानों में भी 20 से अधिक श्रमिकों को काम मिलता है। अधिकांश का फैक्ट्री एक्ट के तहत पंजीकरण नहीं है। इससे कोई बड़ा हादसा होने पर कारखाना मालिक कार्रवाई के दायरे में आ जाते हैं। इस पर सरकार ने अब शिकंजा कस दिया है। शासन से प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने जिलाधिकारी को जारी आदेश में कारखाना अधिनियम के तहत प्रतिष्ठानों का पंजीकरण बढ़ाने को कहा है।
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अब पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसमें उद्योगों में बिजली की खपत, पर्यावरण, अग्नि सुुरक्षा, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, जीएसटी से संबंधित विवरण एकत्र कर इनका श्रम विभाग के कारखाना प्रभाग में निवेश मित्र पोर्टल पर पंजीकरण किया जाएगा। इससे सरकार का राजस्व बढ़ने के साथ श्रमिकों का पंजीकरण होने से उन्हें श्रम विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। बिजली चोरी करने वाले कारखाना मालिकों पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
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श्रम उपायुक्त देवेश सिंह ने बताया कि शासनादेश प्राप्त हुआ है। जिले में अधिकांश शीतगृह व फ्लोर मिल आदि का पंजीकरण नहीं है। इससे श्रमिकों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। अब पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जाएगा। कोई भी कारखाना बिजली से संचालित हो, उत्पादन हो रहा हो या 20 से अधिक श्रमिक काम कर रहे हों, इन्हें चिह्नित किया जाएगा। सभी विभागों से प्रतिष्ठानों का विवरण मांगा गया है। शीघ्र ही पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जाएगा। प्रतिष्ठानों के मानक पूरे कराए जाने से बड़े हादसे की आशंका को भी कम किया जा सकेगा।