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Farrukhabad News: आरोग्य मेले में डॉक्टर नहीं, फार्मासिस्ट के भरोसे मरीज
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फर्रुखाबाद। गंगा व रामगंगा की बाढ़ का असर आरोग्य मेलों में भी दिख रहा है। अधिकांश अस्पतालों में डॉक्टर नहीं पहुंचे। तो कुछ पीएचसी बाढ़ के पानी से घिरी होने से फार्मासिस्टों ने गांव व सड़क किनारे आरोग्य मेला लगाकर उपचार दिया।
जनपद में शहर में छह व ग्रामीण क्षेत्र में 28 पीएचसी हैं। शहर के दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कभी आरोग्य मेला लगाया ही नहीं जाता। पीएचसी भोलेपुर में जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने आरोग्य मेले का निरीक्षण किया। वहां डॉ.श्वेता सिंह, फार्मासिस्ट अखिलेश, एलटी विनय कुमार सहित पूरा स्टाफ मौजूद मिला, लेकिन मरीज एक भी मौजूद नहीं था। दोपहर तक 15 मरीज दिखाकर जा चुके थे। बताया गया यहां प्रतिदिन 40 से 50 मरीज ओपीडी में आते हैं, रविवार को मरीजों की संख्या कम रहती है। डीएम ने अस्पताल में प्रसव की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। पीएचसी रमन्ना गुलजार बाग बाढ़ के पानी से घिरा है। यहां फार्मासिस्ट अरविंद यादव ने गांव में आरोग्य मेला लगाया। डॉक्टर न पहुंचने से खुद ही 69 मरीज देखकर दवा दी। मरीजों की शुगर के अलावा अन्य कोई जांच नहीं हो सकी। एएनएम सीतारानी, वार्ड ब्वाय राजीव, शिवम आदि मौजूद रहे।
अमृतपुर में क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर में बाढ़ का पानी भरा होने से आरोग्य मेला नहीं लगाया गया। कुछ दूरी पर स्थित गांव चित्रकूट में सड़क के किनारे डॉ. नेहा गुप्ता, फार्मासिस्ट प्रभाकर अग्निहोत्री कैंप लगाया। यहां 51 मरीजों दावा दी गई। पीएचसी अमृतपुर में डॉ.गौरव वर्मा, डॉ.रजत कटियार ने कुल 170 मरीज देखे। खुजली, जुकाम-बुखार के सर्वाधिक मरीज थे। जांच में बुखार के तीन मरीज टायफाइड पॉजिटिव मिले। एक भी एएनएम नहीं आई। पीएचसी सरह में फार्मासिस्ट ज्ञान पाल के भरोसे आरोग्य मेला रहा। उन्होंने 23 मरीज देखकर दवा दी। मरीजों की जांच नहीं की जा सकी।
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जनपद में शहर में छह व ग्रामीण क्षेत्र में 28 पीएचसी हैं। शहर के दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कभी आरोग्य मेला लगाया ही नहीं जाता। पीएचसी भोलेपुर में जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने आरोग्य मेले का निरीक्षण किया। वहां डॉ.श्वेता सिंह, फार्मासिस्ट अखिलेश, एलटी विनय कुमार सहित पूरा स्टाफ मौजूद मिला, लेकिन मरीज एक भी मौजूद नहीं था। दोपहर तक 15 मरीज दिखाकर जा चुके थे। बताया गया यहां प्रतिदिन 40 से 50 मरीज ओपीडी में आते हैं, रविवार को मरीजों की संख्या कम रहती है। डीएम ने अस्पताल में प्रसव की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। पीएचसी रमन्ना गुलजार बाग बाढ़ के पानी से घिरा है। यहां फार्मासिस्ट अरविंद यादव ने गांव में आरोग्य मेला लगाया। डॉक्टर न पहुंचने से खुद ही 69 मरीज देखकर दवा दी। मरीजों की शुगर के अलावा अन्य कोई जांच नहीं हो सकी। एएनएम सीतारानी, वार्ड ब्वाय राजीव, शिवम आदि मौजूद रहे।
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अमृतपुर में क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर में बाढ़ का पानी भरा होने से आरोग्य मेला नहीं लगाया गया। कुछ दूरी पर स्थित गांव चित्रकूट में सड़क के किनारे डॉ. नेहा गुप्ता, फार्मासिस्ट प्रभाकर अग्निहोत्री कैंप लगाया। यहां 51 मरीजों दावा दी गई। पीएचसी अमृतपुर में डॉ.गौरव वर्मा, डॉ.रजत कटियार ने कुल 170 मरीज देखे। खुजली, जुकाम-बुखार के सर्वाधिक मरीज थे। जांच में बुखार के तीन मरीज टायफाइड पॉजिटिव मिले। एक भी एएनएम नहीं आई। पीएचसी सरह में फार्मासिस्ट ज्ञान पाल के भरोसे आरोग्य मेला रहा। उन्होंने 23 मरीज देखकर दवा दी। मरीजों की जांच नहीं की जा सकी।
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