{"_id":"574c8ab04f1c1b6229109b21","slug":"nahin-maane-vakeel-jaaree-rakhenge-hadataal","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं मानें वकील, जारी रखेंगे हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं मानें वकील, जारी रखेंगे हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद
Updated Tue, 31 May 2016 12:17 AM IST
विज्ञापन
बैठक को संबोधित करते अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीवानी न्यायालय परिसर में दरोगा की पिटाई में वकीलों के खिलाफ रिपोर्ट लिखे जाने के विरोध में शुरू हुई हड़ताल अचानक वापस लिए जाने से गुटबाजी चरम पर आ गई है। सोमवार को एक गुट के वकीलों की हुई बैठक में अध्यक्ष और सचिव को दरकिनार कर बार एसोसिएशन के संचालन के लिए संयोजन समिति का गठन किया गया।
इसमें 15 सदस्यों को शामिल कर बार एसोसिएशन संबंधी सभी निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। समिति ने मांगें पूरी न होने तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जिला जज और जिलाधिकारी को पत्र भी भेज दिया गया।
24 मई को दीवानी न्यायालय परिसर में दरोगा से मारपीट हुई थी। दरोगा सर्वेश कुमार ने अधिवक्ता कृष्ण गोपाल पाठक और अनिल यादव समेत 10-15 अज्ञात वकीलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके विरोध में बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने 25 मई को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
मगर आरोप है कि 27 मई को मांगे पूरी हुए बगैर हड़ताल समाप्त कर दी गई। इसे लेकर वकील दो फाड़ हो गए। एक धड़े के वकीलों ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव पर अधिवक्ताओं को गुमराह करने का आरोप लगा हड़ताल जारी रखने की मांग शुरू कर दी थी। मगर वकीलों की मांगों को पदाधिकारियों ने नजरंदाज कर दिया। इसे लेकर सोमवार को पूर्व उपाध्यक्ष खुशनवाज खां की अध्यक्षता में बार एसोसिएशन सभागार में आमसभा हुई।
इसमें वकीलों ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव पर वकीलों को गुमराह करने और मनमाने तरीके से निर्णय लेने का आरोप लगाया। इस कारण अध्यक्ष और सचिव को दरकिनार कर बार एसोसिएशन के कामों को संचालित करने के लिए संयोजन समिति गठित कर दी गई। पूर्व अध्यक्ष राजकुमार सिंह राठौर को समिति का अध्यक्ष बनाया गया। समिति के सदस्यों को बार एसोसिएशन से संबंधित सभी निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है।
बैठक में वकीलों के खिलाफ लिखाई गई रिपोर्ट वापस न होने पर कार्य से विरत रहने तथा सिविल न्यायालय की निगरानी करने का निर्णय लिया गया है। सिविल जज की अदालत में पहुंच कर वकीलों ने अधिकारी से मिलकर मुलाकात की।
विज्ञापन
इसमें 15 सदस्यों को शामिल कर बार एसोसिएशन संबंधी सभी निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। समिति ने मांगें पूरी न होने तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जिला जज और जिलाधिकारी को पत्र भी भेज दिया गया।
विज्ञापन
24 मई को दीवानी न्यायालय परिसर में दरोगा से मारपीट हुई थी। दरोगा सर्वेश कुमार ने अधिवक्ता कृष्ण गोपाल पाठक और अनिल यादव समेत 10-15 अज्ञात वकीलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके विरोध में बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने 25 मई को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
मगर आरोप है कि 27 मई को मांगे पूरी हुए बगैर हड़ताल समाप्त कर दी गई। इसे लेकर वकील दो फाड़ हो गए। एक धड़े के वकीलों ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव पर अधिवक्ताओं को गुमराह करने का आरोप लगा हड़ताल जारी रखने की मांग शुरू कर दी थी। मगर वकीलों की मांगों को पदाधिकारियों ने नजरंदाज कर दिया। इसे लेकर सोमवार को पूर्व उपाध्यक्ष खुशनवाज खां की अध्यक्षता में बार एसोसिएशन सभागार में आमसभा हुई।
इसमें वकीलों ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव पर वकीलों को गुमराह करने और मनमाने तरीके से निर्णय लेने का आरोप लगाया। इस कारण अध्यक्ष और सचिव को दरकिनार कर बार एसोसिएशन के कामों को संचालित करने के लिए संयोजन समिति गठित कर दी गई। पूर्व अध्यक्ष राजकुमार सिंह राठौर को समिति का अध्यक्ष बनाया गया। समिति के सदस्यों को बार एसोसिएशन से संबंधित सभी निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है।
बैठक में वकीलों के खिलाफ लिखाई गई रिपोर्ट वापस न होने पर कार्य से विरत रहने तथा सिविल न्यायालय की निगरानी करने का निर्णय लिया गया है। सिविल जज की अदालत में पहुंच कर वकीलों ने अधिकारी से मिलकर मुलाकात की।