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जिले से गंगा एक्सप्रेस-वे न निकलने पर अधिवक्ता करेंगे आंदोलन
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कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचे वकील।
- फोटो : FARRUKHABAD
जिले से ही गंगा एक्सप्रेस-वे निकालने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। गंगा एक्सप्रेस-वे का रूट परिवर्तित होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। अधिवक्ताओं ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, महासचिव संजीव पारिया दोपहर को साथी अधिवक्ताओं के साथ कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। गंगा एक्सप्रेस-वे जनपद शाहजांपुर से निकाले जाने की सूचना पर रोष व्यक्त करते हुए प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
कहा कि गंगा में बाढ़ की विभीषिका जनपदवासी भुगतें और गंगा एक्सप्रेस-वे बनने से विकास की उम्मीद जगी तो रूट परिवर्तन कर दूसरे जनपदों को लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। यह नहीं चलेगा। जनपद में यदि गंगा का बहाव नहीं बदला जा सकता तो एक्सप्रेस-वे का रूट कैसे बदला जाएगा। जहां गंगा-वहीं से एक्सप्रेस वे भी निकलना चाहिए।
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अधिवक्ताओं ने कार्यालय पहुंचकर डीएम मानवेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि पूर्व की भांति गंगा एक्सप्रेस वे का रूट रहने दिया जाए। अन्यथा स्थानीय लोग व अधिवक्ता आंदोलन को बाध्य होंगे। उन्होंने डीएम से शिकायत की कि एआरटीओ कार्यालय में वाहनों का पंजीकरण बंद है, जबकि चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस समस्या का भी निस्तारण किया जाए। इस पर जिलाधिकारी ने उन्हें निजात दिलाने का भरोसा दिया।
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जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, महासचिव संजीव पारिया दोपहर को साथी अधिवक्ताओं के साथ कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। गंगा एक्सप्रेस-वे जनपद शाहजांपुर से निकाले जाने की सूचना पर रोष व्यक्त करते हुए प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
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कहा कि गंगा में बाढ़ की विभीषिका जनपदवासी भुगतें और गंगा एक्सप्रेस-वे बनने से विकास की उम्मीद जगी तो रूट परिवर्तन कर दूसरे जनपदों को लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। यह नहीं चलेगा। जनपद में यदि गंगा का बहाव नहीं बदला जा सकता तो एक्सप्रेस-वे का रूट कैसे बदला जाएगा। जहां गंगा-वहीं से एक्सप्रेस वे भी निकलना चाहिए।
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अधिवक्ताओं ने कार्यालय पहुंचकर डीएम मानवेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि पूर्व की भांति गंगा एक्सप्रेस वे का रूट रहने दिया जाए। अन्यथा स्थानीय लोग व अधिवक्ता आंदोलन को बाध्य होंगे। उन्होंने डीएम से शिकायत की कि एआरटीओ कार्यालय में वाहनों का पंजीकरण बंद है, जबकि चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस समस्या का भी निस्तारण किया जाए। इस पर जिलाधिकारी ने उन्हें निजात दिलाने का भरोसा दिया।