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विधायक पर फर्जी तरीके से जमीन लिखाने का आरोप, चार भाई हिस्सेदार, एक भाई से पूरी जमीन का करा लिया बैनामा
Mon, 18 Jan 2021 10:20 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 18 Jan 2021 10:20 PM IST
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद में अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुशील शाक्य, तहसीलदार न्यायिक समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अधिवक्ता ने कोर्ट में अर्जी दायर की है। इसमें विधायक पर फर्जी तरीके से सह खातेदार भाई से पूरी जमीन का बैनामा अपने नाम कराने का आरोप लगाया है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव याकूतगंज निवासी अधिवक्ता सुरेश चंद्र कटियार ने आवास विकास कालोनी निवासी अमृतपुर विधान सभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सुशील शाक्य, सदर तहसीलदार न्यायिक, सह खातेदार भाई ब्रजभान चंद्र, याकूतगंज निवासी सुधीर कुमार, हुसैनपुर लगड़पुर कमालगंज निवासी अरविंद सिंह के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दायर की है।
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फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव याकूतगंज निवासी अधिवक्ता सुरेश चंद्र कटियार ने आवास विकास कालोनी निवासी अमृतपुर विधान सभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सुशील शाक्य, सदर तहसीलदार न्यायिक, सह खातेदार भाई ब्रजभान चंद्र, याकूतगंज निवासी सुधीर कुमार, हुसैनपुर लगड़पुर कमालगंज निवासी अरविंद सिंह के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दायर की है।
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इसमें कहा कि उसकी पैतृक जमीन है। इसमें भाई ब्रजभान चंद्र, सुभाष चंद्र, सतीश चंद्र सह खातेदार हैं। खतौनी में चारों भाइयों के नाम दर्ज करने का 24 फरवरी 2016 में एसडीएम ने आदेश दिया था। इसके विरोध में ब्रजभान ने अपर आयुक्त कानपुर मंडल के न्यायालय में अपील की। अपर आयुक्त ने 8 दिसंबर 2018 को समस्त कार्रवाई पर रोक लगा दी जो अब भी प्रभावी है।
यह जानते हुए भी विधायक ने ब्रजभान से पूरी जमीन का फर्जी व कूट रचित तरीके से बैनामा करा लिया। इसमें सुधीर कुमार व अरविंद सिंह गवाह हैं। तहसीलदार न्यायिक से साठगांठ कर विधायक ने 10 फरवरी 2020 को दाखिल खारिज करा लिया। 12 फरवरी 2020 को विधायक का नाम अभिलेखों में दर्ज हो गया।
फतेहगढ़ कोतवाली में रिपोर्ट न लिखे जाने पर 11 सितंबर 2020 को डाक से एसपी को प्रार्थना पत्र भेजा। इसके बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। सुनवाई के बाद सीजेएम ने फतेहगढ़ कोतवाल से आख्या मांगी है। विधायक सुशील शाक्य का कहना है कि जिसके नाम भूमि के कागज थे उसी से बैनामा कराया है। उसी के आधार पर दाखिल खारिज हुआ है। अगर उनका हिस्सा है, तो कोर्ट में जाकर ले सकते हैं।
यह जानते हुए भी विधायक ने ब्रजभान से पूरी जमीन का फर्जी व कूट रचित तरीके से बैनामा करा लिया। इसमें सुधीर कुमार व अरविंद सिंह गवाह हैं। तहसीलदार न्यायिक से साठगांठ कर विधायक ने 10 फरवरी 2020 को दाखिल खारिज करा लिया। 12 फरवरी 2020 को विधायक का नाम अभिलेखों में दर्ज हो गया।
फतेहगढ़ कोतवाली में रिपोर्ट न लिखे जाने पर 11 सितंबर 2020 को डाक से एसपी को प्रार्थना पत्र भेजा। इसके बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। सुनवाई के बाद सीजेएम ने फतेहगढ़ कोतवाल से आख्या मांगी है। विधायक सुशील शाक्य का कहना है कि जिसके नाम भूमि के कागज थे उसी से बैनामा कराया है। उसी के आधार पर दाखिल खारिज हुआ है। अगर उनका हिस्सा है, तो कोर्ट में जाकर ले सकते हैं।