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मनरेगा में नहीं मिल रहा मेट का काम
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कमालगंज। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से फिलहाल आधी आबादी को मायूसी हाथ लग रही है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मनरेगा में मेट का काम देने का आदेश साल भर से कागजी खानापूरी में सिमट कर रह गया है।
मनरेगा में श्रमिकों को 213 रुपये व काम की देखरेख करने वाले मेट को 325 रुपये प्रति दिन दिए जाते हैं। ग्रामीण गरीब महिलाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मेट नियुक्त किए जाने की महत्वाकांक्षी योजना गत वर्ष शुरू की गई थी। इसके लिए 35 महिलाओं को ब्लाक कार्यालय में तीन दिन प्रशिक्षण दिया गया था। लेकिन उन्हें मेट का काम नहीं दिया गया।
प्रधान से कहने पर भी काम नहीं मिला
- मेदाश्यामपुर की प्रशिक्षित मेट अंजली ढाई बीघा खेती में तीन बच्चों के साथ परिवार पाल रही हैं। उनका कहना है कि प्रधान धीर सिंह से कई बार कहा लेकिन काम नहीं मिला। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मेट का काम दिलाने के लिए ब्लाक कार्यालय में बैठक बुलाई जानी चाहिए।
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मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी गौरव सिंह का कहना है कि महिला मेट के लिए नए सिरे से व्यवस्था हो रही है। सभी 118 ग्राम पंचायतों के लिए महिला मेट का चयन कर सूची जनपद स्तर पर भेज दी गई है। जिले से शासन स्तर पर सूची पहुंचने पर महिला मैट के नाम मनरेगा की वेबसाइट पर प्रदर्शित होंगे। शत प्रतिशत महिला मेट को काम दिलाया जाएगा। पूर्व में प्रशिक्षित मेट को भी अनिवार्य रूप से काम मिलेगा।
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मनरेगा में श्रमिकों को 213 रुपये व काम की देखरेख करने वाले मेट को 325 रुपये प्रति दिन दिए जाते हैं। ग्रामीण गरीब महिलाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मेट नियुक्त किए जाने की महत्वाकांक्षी योजना गत वर्ष शुरू की गई थी। इसके लिए 35 महिलाओं को ब्लाक कार्यालय में तीन दिन प्रशिक्षण दिया गया था। लेकिन उन्हें मेट का काम नहीं दिया गया।
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प्रधान से कहने पर भी काम नहीं मिला
- मेदाश्यामपुर की प्रशिक्षित मेट अंजली ढाई बीघा खेती में तीन बच्चों के साथ परिवार पाल रही हैं। उनका कहना है कि प्रधान धीर सिंह से कई बार कहा लेकिन काम नहीं मिला। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मेट का काम दिलाने के लिए ब्लाक कार्यालय में बैठक बुलाई जानी चाहिए।
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मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी गौरव सिंह का कहना है कि महिला मेट के लिए नए सिरे से व्यवस्था हो रही है। सभी 118 ग्राम पंचायतों के लिए महिला मेट का चयन कर सूची जनपद स्तर पर भेज दी गई है। जिले से शासन स्तर पर सूची पहुंचने पर महिला मैट के नाम मनरेगा की वेबसाइट पर प्रदर्शित होंगे। शत प्रतिशत महिला मेट को काम दिलाया जाएगा। पूर्व में प्रशिक्षित मेट को भी अनिवार्य रूप से काम मिलेगा।