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Farrukhabad News: सीजन के सर्वाधिक 870 मरीज, बुखार-खांसी ने पकड़ा जोर
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल की ओपीडी में सीजन के सर्वाधिक 870 मरीज पहुंचे। ऑनलाइन पंजीकरण, पर्चा से लेकर डॉक्टरों के कमरे के बाहर धक्का-मुक्की होती रही। डॉक्टर तीन-तीन घंटे देरी से अपने कमरों में पहुंचे। फिजीशियन के सबसे अधिक करीब 450 मरीज पहुंचे।
रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को अस्पताल खुला, तो सुबह आठ बजे से ही मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया। नौ बजे तक ऑनलाइन पंजीकरण, पर्चा काउंटर पर लंबी कतारें लग गईं। डॉ. मनोज पांडेय, डॉ. प्रवीन कुमार के कमरों के बाहर धक्का-मुक्की होती रही। महिला-पुरुषों की अलग-अलग लाइनें लगवानी पड़ीं। टीबी एवं चेस्ट फिजीशियन डॉ. ध्रुवराज सिंह तीन घंटे बाद 11 बजे अपने कमरे में पहुंचे, तो पहले दिखाने के प्रयास में लोगों ने धक्का-मुक्की की।
मशक्कत के बाद भीड़ पर काबू पाया गया। तैनात कर्म हर मरीज से राउंड पर होने की बात कह रहे थे। सबसे अधिक फिजीशियन के 450 मरीज पहुंचे। डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि रात में बाहर निकलने पर ठंडक और दिन में गर्मी के अलावा त्योहारी सीजन सेहत के लिए हानिकारक है। इसीलिए मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे वक्त में सावधान रहने की जरूरत है। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि डॉक्टर समय से बैठे। मरीज बढ़ने से कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। डेढ़ बजे तक अधिकांश मरीजों को देखा जा चुका था।
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लैब में 250 मरीजों की हुईं जांचें
मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने का असर लैब पर भी दिखाई दिया। सुबह साढ़े आठ बजे से ही मरीजों का पहुंचना शुरू हुआ, तो 10 बजे तक धक्का-मुक्की होने लगी। कड़ी मशक्कत के बाद सीजन की सर्वाधिक 250 मरीजों की जांचें की गईं।
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रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को अस्पताल खुला, तो सुबह आठ बजे से ही मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया। नौ बजे तक ऑनलाइन पंजीकरण, पर्चा काउंटर पर लंबी कतारें लग गईं। डॉ. मनोज पांडेय, डॉ. प्रवीन कुमार के कमरों के बाहर धक्का-मुक्की होती रही। महिला-पुरुषों की अलग-अलग लाइनें लगवानी पड़ीं। टीबी एवं चेस्ट फिजीशियन डॉ. ध्रुवराज सिंह तीन घंटे बाद 11 बजे अपने कमरे में पहुंचे, तो पहले दिखाने के प्रयास में लोगों ने धक्का-मुक्की की।
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मशक्कत के बाद भीड़ पर काबू पाया गया। तैनात कर्म हर मरीज से राउंड पर होने की बात कह रहे थे। सबसे अधिक फिजीशियन के 450 मरीज पहुंचे। डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि रात में बाहर निकलने पर ठंडक और दिन में गर्मी के अलावा त्योहारी सीजन सेहत के लिए हानिकारक है। इसीलिए मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे वक्त में सावधान रहने की जरूरत है। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि डॉक्टर समय से बैठे। मरीज बढ़ने से कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। डेढ़ बजे तक अधिकांश मरीजों को देखा जा चुका था।
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लैब में 250 मरीजों की हुईं जांचें
मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने का असर लैब पर भी दिखाई दिया। सुबह साढ़े आठ बजे से ही मरीजों का पहुंचना शुरू हुआ, तो 10 बजे तक धक्का-मुक्की होने लगी। कड़ी मशक्कत के बाद सीजन की सर्वाधिक 250 मरीजों की जांचें की गईं।