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शरण में आने वाले भक्त की भगवान शिव करते रक्षा : सत्यव्रत
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फर्रुखाबाद। गंगा मइया स्वच्छता एवं दीपदान आयोजन समिति ने रविवार को पांचाल घाट दुर्वासा ऋषि आश्रम के सामने गंगा किनारे भगवान पार्थिवेश्वरनाथ व गंगा पूजन कर दीपदान किया। कहा कि भगवान शिव शरण में आने वाले हर किसी की रक्षा करते हैं।
समिति संस्थापक अध्यक्ष सत्यव्रत पांडेय की मौजूदगी में सेवकों ने सुबह ही गंगा की धार से रेत निकालकर भगवान पार्थिवेश्वरनाथ लिंग का निर्माण किया। इसके बाद भव्य श्रृंगार किया गया। मुख्य यजमान कांग्रेस नेता शिवम तिवारी ने सपत्नीक पहुंचकर दूध, दही, घी, शहद, शकर, दूर्वा, पंचामृत, बेलपत्र, समी पत्र आदि से अभिषेक किया। इसके बाद मंत्रोच्चार से गंगा मइया का अभिषेक कर दीपदान किया गया। आचार्य सत्यव्रत पांडेय ने कहा कि जिनकी गोद में हिमाचल सुता पार्वतीजी, मस्तक पर गंगाजी, ललाट पर द्वितीया का चंद्रमा, कंठ में हलाहल विष और वक्षस्थल पर सर्पराज शेषनाग सुशोभित हैं, वे भस्म से विभूषित, देवताओं में श्रेष्ठ, सर्वेश्वर, संहारकर्ता चंद्रमा के समान शुभ्रवर्ण श्रीशंकर की शरण में आने वाले की हर तरह से रक्षा होती है।
पूजन और व्यवस्था में गौरव मिश्रा, सर्वज्ञ पांडेय, विकास पांडेय, अतुल दीक्षित, दिलीप यादव, विजय दुबे, कृतार्थ तिवारी, संदीप पांडेय, संदीप बाजपेई, तेजस तिवारी, मेधांश तिवारी, छोटे अवस्थी आदि का सहयोग रहा।
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समिति संस्थापक अध्यक्ष सत्यव्रत पांडेय की मौजूदगी में सेवकों ने सुबह ही गंगा की धार से रेत निकालकर भगवान पार्थिवेश्वरनाथ लिंग का निर्माण किया। इसके बाद भव्य श्रृंगार किया गया। मुख्य यजमान कांग्रेस नेता शिवम तिवारी ने सपत्नीक पहुंचकर दूध, दही, घी, शहद, शकर, दूर्वा, पंचामृत, बेलपत्र, समी पत्र आदि से अभिषेक किया। इसके बाद मंत्रोच्चार से गंगा मइया का अभिषेक कर दीपदान किया गया। आचार्य सत्यव्रत पांडेय ने कहा कि जिनकी गोद में हिमाचल सुता पार्वतीजी, मस्तक पर गंगाजी, ललाट पर द्वितीया का चंद्रमा, कंठ में हलाहल विष और वक्षस्थल पर सर्पराज शेषनाग सुशोभित हैं, वे भस्म से विभूषित, देवताओं में श्रेष्ठ, सर्वेश्वर, संहारकर्ता चंद्रमा के समान शुभ्रवर्ण श्रीशंकर की शरण में आने वाले की हर तरह से रक्षा होती है।
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पूजन और व्यवस्था में गौरव मिश्रा, सर्वज्ञ पांडेय, विकास पांडेय, अतुल दीक्षित, दिलीप यादव, विजय दुबे, कृतार्थ तिवारी, संदीप पांडेय, संदीप बाजपेई, तेजस तिवारी, मेधांश तिवारी, छोटे अवस्थी आदि का सहयोग रहा।
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