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मनमानी: अल्ट्रासाउंड के लिए चार घंटे भटकते मरीज
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल के जिम्मेदार मनमानी पर उतारू हैं। शनिवार को अल्ट्रासाउंड के लिए मरीज चार घंटे तक भटकते रहे। 11:40 बजे अल्ट्रासाउंड कक्ष का ताला खुला। रेडियोलॉजिस्ट पास के ही कमरे में कागजी कार्रवाई निपटाने में व्यस्त रहे, जबकि मरीज परेशान दिखाई दिए।
लोहिया पुरुष अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराना मरीजों के लिए मुसीबत बन गया है। अल्ट्रासाउंड कक्ष का ताला साढ़े 11 बजे के बाद ही खुलता है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. योेगेंद्र सिंह पास के ही दूसरे कमरे में बैठकर कागजी कार्रवाई करते रहते हैं।
इस दौरान गंभीर बीमार मरीज भी अपनी बात कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। यही नहीं मरीजों को अल्ट्रासाउंड के बारे में जानकारी भी नहीं दी जाती है। भीड़ लगने के बाद एक साथ पर्चा जमा कर दोपहर 12 बजे के बाद अल्ट्रासाउंड शुरू होते हैं। इससे सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक चार घंटे मरीज भटकते रहते हैं।
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इकलौते रेडियोलॉजिस्ट की वजह से जिम्मेदार मौन
लोहिया पुरुष और महिला अस्पताल में डॉ. योगेंद्र सिंह इकलौते रेडियोलॉजिस्ट हैं। इसी वजह से जिम्मेदार अधिकारी उनके हिसाब से ही काम करवाने पर मजबूर हैं। कई बार तो वह स्थानांतरण करवाने तक की धमकी दे चुके हैं।
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लोहिया पुरुष अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराना मरीजों के लिए मुसीबत बन गया है। अल्ट्रासाउंड कक्ष का ताला साढ़े 11 बजे के बाद ही खुलता है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. योेगेंद्र सिंह पास के ही दूसरे कमरे में बैठकर कागजी कार्रवाई करते रहते हैं।
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इस दौरान गंभीर बीमार मरीज भी अपनी बात कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। यही नहीं मरीजों को अल्ट्रासाउंड के बारे में जानकारी भी नहीं दी जाती है। भीड़ लगने के बाद एक साथ पर्चा जमा कर दोपहर 12 बजे के बाद अल्ट्रासाउंड शुरू होते हैं। इससे सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक चार घंटे मरीज भटकते रहते हैं।
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इकलौते रेडियोलॉजिस्ट की वजह से जिम्मेदार मौन
लोहिया पुरुष और महिला अस्पताल में डॉ. योगेंद्र सिंह इकलौते रेडियोलॉजिस्ट हैं। इसी वजह से जिम्मेदार अधिकारी उनके हिसाब से ही काम करवाने पर मजबूर हैं। कई बार तो वह स्थानांतरण करवाने तक की धमकी दे चुके हैं।