{"_id":"61b2474b153e1a503027a05f","slug":"lohia-hospital-s-bsl-2-lab-failed-in-the-test-on-the-first-day-farrukhabad-news-knp6686694110","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोहिया अस्पताल की बीएसएल-2 लैब पहले दिन जांच में फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोहिया अस्पताल की बीएसएल-2 लैब पहले दिन जांच में फेल
विज्ञापन
लोहिया अस्पताल में बनी बीएसएल-2 लैब का निरीक्षण करते डॉ. सर्वेश यादव। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लोहिया अस्पताल में बनाई गई बीएसएल-2 लैब नमूनों की जांच के पहले ही फेल हो गई। दूसरी कंपनी के पार्ट्स होने से मशीनों में फिट नहीं हो पाए। इससे पहले दिन भेजे गए 20 नमूनों की जांच नहीं हो पाई। मेडिकल कारपोरेशन लखनऊ से पार्ट्स मांगे गए हैं।
जिले में अभी तक आरटीपीसीआर की व्यवस्था नहीं थी। नमूने चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई (इटावा) और तिर्वा मेडिकल कालेज (कन्नौज) भेजे जाते थे। जांच रिपोर्ट दूसरे या तीसरे दिन मिल पाती थी। तीसरी लहर की आशंका के चलते आरपीसीआर जांच के लिए लोहिया अस्पताल के पुराने भवन के एक कक्ष में बीएसएल-2 लैब का निर्माण कराया गया। कक्ष की मरम्मत और साज सज्जा पर करीब करीब 25 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
मेडिकल कारपोरेशन लखनऊ से लाकर लाखों रुपये की मशीनें लगाई गईं।
लैब में साढ़े तीन घंटे में 100 नमूनों की जांच करने की क्षमता है। एक दिन में करीब 300 नमूनों की जांच हो सकती है। 21 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने लैब का वर्चुअल उद्घाटन भी कर दिया है।
विज्ञापन
कोरोना वायरस के नए वैरियंट ओमिक्रॉन संक्रमण बढ़ने की आशंका से स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया गया है। शुक्रवार को मंडलायुक्त डॉ.राजशेखर जिले में आ रहे हैं। गुरुवार को 20 मरीजों के नमूने जांच के लिए लैब में भेजे गए थे। सीएमओ ने जांच के निर्देश दिए। जांच के पहले मशीन में उपकरण लगाए गए तो वह फिट ही नहीं हुए। इससे नमूनों की जांच नहीं हो पाई।
लैब के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ.सर्वेश यादव ने बताया कि 100 नमूनों के लिए करीब 50 हजार रुपये की टेस्टिंग सामग्री मंगाई गई थी, जो मशीन में फिट न होने से बदली जाएगी। फिलहाल नमूने सुरक्षित कर लिए गए हैं। टेस्टिंग उपकरण आने पर लैब की मशीन से नमूनों की जांच कराई जाएगी।
ड्राई रन में बरती गई लापरवाही
लैब की माइक्रो बायलॉजिस्ट प्राची द्विवेदी ने बताया कि लैब का ड्राई रन पहले हो चुका था। इसके बाद मेडिकल कारपोरेशन लखनऊ से टेस्टिंग सामग्री मंगाई गई। दूसरी कंपनी के पार्ट्स भेज दिए गए हैं। कंपनी को आर्डर भेज दिया गया है वहां शार्टेज बताई जा रही है। दो-तीन दिन में पार्ट्स आने से नमूनों की जांच की जा सकेगी।
विज्ञापन
जिले में अभी तक आरटीपीसीआर की व्यवस्था नहीं थी। नमूने चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई (इटावा) और तिर्वा मेडिकल कालेज (कन्नौज) भेजे जाते थे। जांच रिपोर्ट दूसरे या तीसरे दिन मिल पाती थी। तीसरी लहर की आशंका के चलते आरपीसीआर जांच के लिए लोहिया अस्पताल के पुराने भवन के एक कक्ष में बीएसएल-2 लैब का निर्माण कराया गया। कक्ष की मरम्मत और साज सज्जा पर करीब करीब 25 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
विज्ञापन
मेडिकल कारपोरेशन लखनऊ से लाकर लाखों रुपये की मशीनें लगाई गईं।
लैब में साढ़े तीन घंटे में 100 नमूनों की जांच करने की क्षमता है। एक दिन में करीब 300 नमूनों की जांच हो सकती है। 21 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने लैब का वर्चुअल उद्घाटन भी कर दिया है।
विज्ञापन
कोरोना वायरस के नए वैरियंट ओमिक्रॉन संक्रमण बढ़ने की आशंका से स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया गया है। शुक्रवार को मंडलायुक्त डॉ.राजशेखर जिले में आ रहे हैं। गुरुवार को 20 मरीजों के नमूने जांच के लिए लैब में भेजे गए थे। सीएमओ ने जांच के निर्देश दिए। जांच के पहले मशीन में उपकरण लगाए गए तो वह फिट ही नहीं हुए। इससे नमूनों की जांच नहीं हो पाई।
लैब के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ.सर्वेश यादव ने बताया कि 100 नमूनों के लिए करीब 50 हजार रुपये की टेस्टिंग सामग्री मंगाई गई थी, जो मशीन में फिट न होने से बदली जाएगी। फिलहाल नमूने सुरक्षित कर लिए गए हैं। टेस्टिंग उपकरण आने पर लैब की मशीन से नमूनों की जांच कराई जाएगी।
ड्राई रन में बरती गई लापरवाही
लैब की माइक्रो बायलॉजिस्ट प्राची द्विवेदी ने बताया कि लैब का ड्राई रन पहले हो चुका था। इसके बाद मेडिकल कारपोरेशन लखनऊ से टेस्टिंग सामग्री मंगाई गई। दूसरी कंपनी के पार्ट्स भेज दिए गए हैं। कंपनी को आर्डर भेज दिया गया है वहां शार्टेज बताई जा रही है। दो-तीन दिन में पार्ट्स आने से नमूनों की जांच की जा सकेगी।