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Farrukhabad News: अपहरण व हत्या में जीजा-साले सहित तीन को उम्रकैद
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फर्रुखाबाद। एडीजे प्रथम विष्णु चंद्र वैश्य ने गुरुवार को डिस ऑपरेटर के अपहरण व हत्या में दोषी जीजा-साले सहित तीन को उम्रकैद सुनाई। तीनों दोषियों को 50-50 हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए।
शहर कोतवाली के मोहल्ला पक्का पुल निवासी रामजानकी ने डेन कंपनी के डिश मैनेजर सतीश द्विवेदी, मोहल्ला जोगराज निवासी डिश ऑपरेटर वीके मिश्रा, मोहल्ला नुनहाई निवासी बीसी संचालक दुर्गेश मिश्रा, मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव हैवतपुर गढि़या निवासी ऑपरेटर बाबू उर्फ रनवीर चौहान के खिलाफ अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि 27 फरवरी 2017 को इन लोगों ने पुत्र मुकेश वर्मा का अपहरण कर रुपये के लेनदेन के लिए कर लिया था। 18 मार्च को पुलिस ने दुर्गेश मिश्रा के घर के पीछे कमरे से मुकेश वर्मा का शव बरामद किया था।
विवेचक ने दुर्गेश मिश्रा, फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सिविल लाइन मड़ैया निवासी दुर्गेश के साले प्रभाकर उर्फ सोनू पाठक, बाबूृ उर्फ रनवीर चौहान, वीके मिश्रा के खिलाफ कोर्ट में अपहरण, हत्या व शव को ठिकाने लगाने के आरोप में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। विवेचना में विवेचक ने मैनेजर सतीश द्विवेदी का नाम निकाल दिया था।
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मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने 30 सितंबर को गवाह व साक्ष्य के आधार पर जीजा दुर्गेश, साला प्रभाकर उर्फ सोनू पाठक, बाबू उर्फ रनवीर चौहान को दोषी करार दिया था। साक्ष्य के अभाव में वीके मिश्रा को दोषमुक्त कर दिया था। गुरुवार को न्यायाधीश ने जीजा दुर्गेश, साला प्रभाकर उर्फ सोनू पाठक, बाबू उर्फ रनवीर चौहान को अपहरण, हत्या, शव को ठिकाने लगाने में उम्रकैद की सजा सुनाई। तीनों दोषियों को पचास-पचास हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर तीनों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से तेज सिंह राजपूत, अनिल बाजपेई, दीपिका कटियार ने दमदार दलीले दी।
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शहर कोतवाली के मोहल्ला पक्का पुल निवासी रामजानकी ने डेन कंपनी के डिश मैनेजर सतीश द्विवेदी, मोहल्ला जोगराज निवासी डिश ऑपरेटर वीके मिश्रा, मोहल्ला नुनहाई निवासी बीसी संचालक दुर्गेश मिश्रा, मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव हैवतपुर गढि़या निवासी ऑपरेटर बाबू उर्फ रनवीर चौहान के खिलाफ अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि 27 फरवरी 2017 को इन लोगों ने पुत्र मुकेश वर्मा का अपहरण कर रुपये के लेनदेन के लिए कर लिया था। 18 मार्च को पुलिस ने दुर्गेश मिश्रा के घर के पीछे कमरे से मुकेश वर्मा का शव बरामद किया था।
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विवेचक ने दुर्गेश मिश्रा, फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सिविल लाइन मड़ैया निवासी दुर्गेश के साले प्रभाकर उर्फ सोनू पाठक, बाबूृ उर्फ रनवीर चौहान, वीके मिश्रा के खिलाफ कोर्ट में अपहरण, हत्या व शव को ठिकाने लगाने के आरोप में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। विवेचना में विवेचक ने मैनेजर सतीश द्विवेदी का नाम निकाल दिया था।
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मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने 30 सितंबर को गवाह व साक्ष्य के आधार पर जीजा दुर्गेश, साला प्रभाकर उर्फ सोनू पाठक, बाबू उर्फ रनवीर चौहान को दोषी करार दिया था। साक्ष्य के अभाव में वीके मिश्रा को दोषमुक्त कर दिया था। गुरुवार को न्यायाधीश ने जीजा दुर्गेश, साला प्रभाकर उर्फ सोनू पाठक, बाबू उर्फ रनवीर चौहान को अपहरण, हत्या, शव को ठिकाने लगाने में उम्रकैद की सजा सुनाई। तीनों दोषियों को पचास-पचास हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर तीनों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से तेज सिंह राजपूत, अनिल बाजपेई, दीपिका कटियार ने दमदार दलीले दी।