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बालक के अपहरण व हत्या में तीन को आजीवन कारावास
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फर्रुखाबाद। वर्ष 2016 में च्योहारा गांव में अपहरण कर बच्चे की हत्या के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों को दोष करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। हत्यारों में एक एटा जिले का रहने वाला है।
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के च्योलारा के किशनवीर राजपूत का पुत्र सौरभ उर्फ बड़े (8) गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ता था। चचेरी बहन नेहा (6) के साथ वह 27 जनवरी 2016 को स्कूल गया था। इंटरवल में भाई-बहन स्कूल के पास स्थित प्रेमदास बाबा के आश्रम में खेल रहे थे। इस दौरान दो युवक बाइक से वहां पहुंचे, दोनों ने हेलमेट पहन रखा था। एक युवक ने नेहा को दस रुपये देकर चौपतिया लेने के लिए भेज दिया और सौरभ को बाइक पर बैठाकर उठा ले गए। किशनवीर ने अज्ञात के खिलाफ बेटे के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। 29 जनवरी 2016 को गांव की पुलिया के नीचे बोरी में सौरभ का शव मिला था।
विवेचक ने जांच के आधार पर चार जुलाई 2016 को च्योलारा के गिरंद सिंह राजपूत, सरवन राजपूत और एटा जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव बिजैदेपुर निवासी लंबे उर्फ पतरे उर्फ चंद्रभान सिंह के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेंद्र सिंह की अदालत में हुई। गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तीनों आरोपियों को अपहरण और हत्या का दोषी करार दिया। तीनों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के च्योलारा के किशनवीर राजपूत का पुत्र सौरभ उर्फ बड़े (8) गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ता था। चचेरी बहन नेहा (6) के साथ वह 27 जनवरी 2016 को स्कूल गया था। इंटरवल में भाई-बहन स्कूल के पास स्थित प्रेमदास बाबा के आश्रम में खेल रहे थे। इस दौरान दो युवक बाइक से वहां पहुंचे, दोनों ने हेलमेट पहन रखा था। एक युवक ने नेहा को दस रुपये देकर चौपतिया लेने के लिए भेज दिया और सौरभ को बाइक पर बैठाकर उठा ले गए। किशनवीर ने अज्ञात के खिलाफ बेटे के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। 29 जनवरी 2016 को गांव की पुलिया के नीचे बोरी में सौरभ का शव मिला था।
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विवेचक ने जांच के आधार पर चार जुलाई 2016 को च्योलारा के गिरंद सिंह राजपूत, सरवन राजपूत और एटा जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव बिजैदेपुर निवासी लंबे उर्फ पतरे उर्फ चंद्रभान सिंह के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेंद्र सिंह की अदालत में हुई। गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तीनों आरोपियों को अपहरण और हत्या का दोषी करार दिया। तीनों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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