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ग्रामीण की हत्या में पूर्व प्रधान को आजीवन कारावास
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फर्रुखाबाद। अपर जिला जज प्रथम राजेश कुमार राय ने 18 साल पूर्व ग्रामीण की हत्या करने के मुकदमे में पूूर्व प्रधान को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 60 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
कमालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण ने नाबालिग पुत्री को ले जाने में गांव के अखिलेश सहित कई के खिलाफ तीन जुलाई 2006 को मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोपी मुकदमे में समझौता करने का दबाव बनाने लगे। 26 दिसंबर 2006 को किशोरी के पिता, ताऊ और ताऊ का पुत्र खेत में शीशम के पेड़ के नीचे आग तापकर फसल की रखवाली कर रहे थे।
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मुकदमे की रंजिश में राजेश यादव, अखिलेेश, भूरे सिंह, दीपक असलहे लेकर खेत में आए। मुकदमा वापस लेने का दवाब बनाया। किशोरी के पिता ने मुकदमा वापस लेने से इनकार कर दिया।
इससे गुस्साए हमलावरों ने गोली चलाई। गोली लगने से किशोरी के ताऊ की मौत हो गई। हमलावर धमकी देकर भाग गए। किशोरी के पिता ने गांव नौसारा निवासी राजेश, अखिलेश, भूरे सिंह, दीपक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। इस मुकदमे में राजेश फरार चल रहा था। इस कारण उसकी पत्रावली अलग कर अखिलेश, भूरे सिंह और दीपक के खिलाफ सुनवाई हुई थी। जिसमें अखिलेश को सजा सुनाई गई थी और दीपक व भूरे सिंह दोषमुक्त हो गए थे।
राजेश के हाजिर होने के बाद उसकी पत्रावली पर सुनवाई हुई। पीड़ित के अधिवक्ता राजीव त्रिपाठी ने सुनवाई के दौरान दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने पूर्व प्रधान राजेश यादव को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है। राजेश यादव ग्राम सभा नौसारा का पूर्व प्रधान है।
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कमालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण ने नाबालिग पुत्री को ले जाने में गांव के अखिलेश सहित कई के खिलाफ तीन जुलाई 2006 को मुकदमा दर्ज कराया था।
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आरोपी मुकदमे में समझौता करने का दबाव बनाने लगे। 26 दिसंबर 2006 को किशोरी के पिता, ताऊ और ताऊ का पुत्र खेत में शीशम के पेड़ के नीचे आग तापकर फसल की रखवाली कर रहे थे।
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मुकदमे की रंजिश में राजेश यादव, अखिलेेश, भूरे सिंह, दीपक असलहे लेकर खेत में आए। मुकदमा वापस लेने का दवाब बनाया। किशोरी के पिता ने मुकदमा वापस लेने से इनकार कर दिया।
इससे गुस्साए हमलावरों ने गोली चलाई। गोली लगने से किशोरी के ताऊ की मौत हो गई। हमलावर धमकी देकर भाग गए। किशोरी के पिता ने गांव नौसारा निवासी राजेश, अखिलेश, भूरे सिंह, दीपक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। इस मुकदमे में राजेश फरार चल रहा था। इस कारण उसकी पत्रावली अलग कर अखिलेश, भूरे सिंह और दीपक के खिलाफ सुनवाई हुई थी। जिसमें अखिलेश को सजा सुनाई गई थी और दीपक व भूरे सिंह दोषमुक्त हो गए थे।
राजेश के हाजिर होने के बाद उसकी पत्रावली पर सुनवाई हुई। पीड़ित के अधिवक्ता राजीव त्रिपाठी ने सुनवाई के दौरान दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने पूर्व प्रधान राजेश यादव को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है। राजेश यादव ग्राम सभा नौसारा का पूर्व प्रधान है।