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उदयपुर कंचनपुर में ग्रामीणों पर तेंदुए ने किया हमला
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अमृतपुर(फर्रुखाबाद)। नाइट विजन कैमरे की कैद से दूर तेंदुए ने देर शाम उदयपुर कंचनपुर गांव में प्रधान पति के मकान के बाहर बैठे लोगों पर हमला बोल दिया। असलहों से लैस ग्रामीणों ने फायरिंग की तो तेंदुआ गन्ने के खेत में घुस गया। पुलिस और वन विभाग की टीम ने गन्ने के खेतों को घेर लिया है। हालांकि नाइट विजन कैमरों में तेंदुआ नजर नहीं आ रहा है। दहशत के चलते महिलाओं और बच्चों ने खेत में जाना बंद कर दिया है।
तहसील क्षेत्र के गांव उदयपुर कंचनपुर में ग्राम प्रधान के पति ब्रजपाल सिंह, गांव के ही उमेश, बुधपाल, दिनेश, प्रदीप, आलोक के साथ अपने दरवाजे पर बैठे थे। देर शाम गन्ने के खेत में दहाड़ा और ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। असलहों से लैस ग्रामीणों ने फायरिंग शुरू कर दी। तेंदुआ उसी गन्ने के खेत में दोबारा घुस गया। आसपास के ग्रामीणों और पुलिस, वन विभाग की टीमों ने गन्ने के खेतों का घेराव कर लिया है। हालांकि वन विभाग ने जिन नाइट विजन कैमरों को लगाया था, उनमें तेंदुए की फोटो कैद नहीं हो सकी है। कानपुर से वन विभाग के एक्सपर्ट की टीम में भी डेरा डाले है। संभावित क्षेत्रों में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कांबिंग कर रहे हैं। बावजूद इसके कोई सुराग नहीं लग रहा।
गुरुवार शाम सात बजे डॉ. आरके सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी बीके सिंह, वन रेंजर उदयप्रताप सिंह, दरोगा लालाराम आदि कर्मचारी गांव में पहुंच कर तेंदुआ आने-जाने वाले रास्ते को देखा। कहीं भी कोई निशान नहीं मिले। इसके बाद कैमरे की रिकॉर्डिंग लैपटॉप से देखी गई। उसमें कई जगह सियार एवं जंगली बिल्ली दिखाई दी है। डॉक्टर आरके सिंह ने बताया, दो दिन से तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला है। वन क्षेत्रीय अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि नगरिया जवाहर व बलीपट्टी, रानीगांव से भी तेंदुआ पहुंचने के फोन आ रहे हैं। वहां जांच करने पर सुअर के पंजे दिखे। उन्होंने ग्रामीणों से अफवाह से दूर रहने की सलाह दी।
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अन्य टीमें लगाई गईं
एक टीम वन क्षेत्राधिकारी कायमगंज के साथ लगाई गई है। हरिसिंहपुर कायस्थ उगरपुर, कटरी तौफीक आदि गांव में कांबिंग की जा रही है। जहां भी पता लगेगा वहां से उसे पकड़ लिया जाएगा।
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तहसील क्षेत्र के गांव उदयपुर कंचनपुर में ग्राम प्रधान के पति ब्रजपाल सिंह, गांव के ही उमेश, बुधपाल, दिनेश, प्रदीप, आलोक के साथ अपने दरवाजे पर बैठे थे। देर शाम गन्ने के खेत में दहाड़ा और ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। असलहों से लैस ग्रामीणों ने फायरिंग शुरू कर दी। तेंदुआ उसी गन्ने के खेत में दोबारा घुस गया। आसपास के ग्रामीणों और पुलिस, वन विभाग की टीमों ने गन्ने के खेतों का घेराव कर लिया है। हालांकि वन विभाग ने जिन नाइट विजन कैमरों को लगाया था, उनमें तेंदुए की फोटो कैद नहीं हो सकी है। कानपुर से वन विभाग के एक्सपर्ट की टीम में भी डेरा डाले है। संभावित क्षेत्रों में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कांबिंग कर रहे हैं। बावजूद इसके कोई सुराग नहीं लग रहा।
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गुरुवार शाम सात बजे डॉ. आरके सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी बीके सिंह, वन रेंजर उदयप्रताप सिंह, दरोगा लालाराम आदि कर्मचारी गांव में पहुंच कर तेंदुआ आने-जाने वाले रास्ते को देखा। कहीं भी कोई निशान नहीं मिले। इसके बाद कैमरे की रिकॉर्डिंग लैपटॉप से देखी गई। उसमें कई जगह सियार एवं जंगली बिल्ली दिखाई दी है। डॉक्टर आरके सिंह ने बताया, दो दिन से तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला है। वन क्षेत्रीय अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि नगरिया जवाहर व बलीपट्टी, रानीगांव से भी तेंदुआ पहुंचने के फोन आ रहे हैं। वहां जांच करने पर सुअर के पंजे दिखे। उन्होंने ग्रामीणों से अफवाह से दूर रहने की सलाह दी।
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अन्य टीमें लगाई गईं
एक टीम वन क्षेत्राधिकारी कायमगंज के साथ लगाई गई है। हरिसिंहपुर कायस्थ उगरपुर, कटरी तौफीक आदि गांव में कांबिंग की जा रही है। जहां भी पता लगेगा वहां से उसे पकड़ लिया जाएगा।