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सावन के झूले ने ली छात्रा की जान
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Mon, 01 Aug 2016 11:00 PM IST
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सावन के झूले ने कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नाला स्मित सुमाल में एक छात्रा की जान ले ली। झूला झूलते समय अचानक कुंडा टूटने से झूले से गिरी छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद शव देख परिजनों का कोहराम मच गया।
मोहल्ला नाला स्मित सुमाल निवासी बबलू गुप्ता की बेटी गौरी (14) ने अपने घर के कुंडे में सावन के चलते धोती बांधकर झूला डाल रखा था। परिजनों के मुताबिक सोमवार शाम करीब 6 बजे गौरी उस पर झूला झूल रही थी। इस दौरान गौरी ने झूले पर तेजी से पेंगे बढ़ाना शुरू कर दिए। पेंगे तेज होने से धीरे-धीरे कुंडे से धोती कटने लगी और अचानक झूला टूट गया। झूले का पेंग इतना तेज था कि झूला टूटते ही गौरी का सिर कमरे की दीवार में तेजी से लगा और वह लहूलुहान होकर कमरे में गिर पड़ी।
चीख-पुकार की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो गौरी को लहूलुहान देख वह उसे पास के ही नर्सिंग होम ले गए। यहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन शव लेकर घर पहुंचे। शव देख परिजनों का कोहराम मच गया। मां मिथलेश का रो-रोकर बुरा हाल था। उसके मुख से एक ही बात निकल रही थी कि सावन के चलते बेटी की जिद पर उसने धोती का झूला बनाकर डाला था। उसे क्या पता था कि झूला ही उसकी बेटी की मौत का कारण बनेगा।
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उधर, जिस किसी ने घटना सुनी वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। बबलू ने बताया कि गौरी रामानंद बालिका इंटर कालेज में कक्षा नौ में पढ़ती थी। बबलू तिकोना चौकी के पास पानी के बतासा की ठेली लगाता है।
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मोहल्ला नाला स्मित सुमाल निवासी बबलू गुप्ता की बेटी गौरी (14) ने अपने घर के कुंडे में सावन के चलते धोती बांधकर झूला डाल रखा था। परिजनों के मुताबिक सोमवार शाम करीब 6 बजे गौरी उस पर झूला झूल रही थी। इस दौरान गौरी ने झूले पर तेजी से पेंगे बढ़ाना शुरू कर दिए। पेंगे तेज होने से धीरे-धीरे कुंडे से धोती कटने लगी और अचानक झूला टूट गया। झूले का पेंग इतना तेज था कि झूला टूटते ही गौरी का सिर कमरे की दीवार में तेजी से लगा और वह लहूलुहान होकर कमरे में गिर पड़ी।
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चीख-पुकार की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो गौरी को लहूलुहान देख वह उसे पास के ही नर्सिंग होम ले गए। यहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन शव लेकर घर पहुंचे। शव देख परिजनों का कोहराम मच गया। मां मिथलेश का रो-रोकर बुरा हाल था। उसके मुख से एक ही बात निकल रही थी कि सावन के चलते बेटी की जिद पर उसने धोती का झूला बनाकर डाला था। उसे क्या पता था कि झूला ही उसकी बेटी की मौत का कारण बनेगा।
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उधर, जिस किसी ने घटना सुनी वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। बबलू ने बताया कि गौरी रामानंद बालिका इंटर कालेज में कक्षा नौ में पढ़ती थी। बबलू तिकोना चौकी के पास पानी के बतासा की ठेली लगाता है।