{"_id":"674b55d72fc394b6ff0e4c87","slug":"land-not-available-for-construction-of-eight-health-wellness-centers-farrukhabad-news-c-222-1-sknp1016-118112-2024-11-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: आठ हेल्थ वेलनेस सेंटर निर्माण के लिए नहीं मिली भूमि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: आठ हेल्थ वेलनेस सेंटर निर्माण के लिए नहीं मिली भूमि
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। जिले में 29 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर हेल्थ वेलनेस सेंटरों का निर्माण कराया जाना है। इसमें आठ हेल्थ वेलनेस सेंटर निर्माण के लिए अभी तक भूमि ही उपलब्ध नहीं हो सकी है। उपकेंद्र के पास पड़ी सरकारी भूमि पर कब्जा होने से निर्माण लटका है।
जिले में 161 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हैं। शासन से इस वित्तीय वर्ष में 29 हेल्थ वेलनेस सेंटर और स्वीकृत किए गए। इनके निर्माण के लिए यूपीआरएनएसएस को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। एक केंद्र के निर्माण की लागत 5.97 लाख निर्धारित है। ब्लाक कायमगंज व नवाबगंज में सर्वाधिक सात-सात केंद्रों का निर्माण होगा। हालात यह हैं कि बढ़पुर के बिलावलपुर के अलावा कायमगंज में तीन और नवाबगंज व शमसाबाद में दो-दो हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे कुल सेंटरों का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
कार्यदायी संस्था के सहायक अभियंता अरविंद यादव ने बताया कि 21 केंद्रों का निर्माण चल रहा है। अभी आठ केंद्रों के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी। इससे निर्माण शुरू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया काम की धीमी प्रगति की एक मुख्य वजह शासन से भुगतान न मिलना भी है। अभी तक आधा भुगतान ही मिल सका है। शासन से धनराशि मिलते ही काम की रफ्तार और बढ़ जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में 161 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हैं। शासन से इस वित्तीय वर्ष में 29 हेल्थ वेलनेस सेंटर और स्वीकृत किए गए। इनके निर्माण के लिए यूपीआरएनएसएस को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। एक केंद्र के निर्माण की लागत 5.97 लाख निर्धारित है। ब्लाक कायमगंज व नवाबगंज में सर्वाधिक सात-सात केंद्रों का निर्माण होगा। हालात यह हैं कि बढ़पुर के बिलावलपुर के अलावा कायमगंज में तीन और नवाबगंज व शमसाबाद में दो-दो हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे कुल सेंटरों का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
विज्ञापन
कार्यदायी संस्था के सहायक अभियंता अरविंद यादव ने बताया कि 21 केंद्रों का निर्माण चल रहा है। अभी आठ केंद्रों के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी। इससे निर्माण शुरू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया काम की धीमी प्रगति की एक मुख्य वजह शासन से भुगतान न मिलना भी है। अभी तक आधा भुगतान ही मिल सका है। शासन से धनराशि मिलते ही काम की रफ्तार और बढ़ जाएगी।
विज्ञापन