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कोटेदार के पुत्र को दुष्कर्म में दस साल की कैद
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विशेष अदालत पॉक्सो एक्ट की न्यायाधीश नसीमा ने किशोरी से दुष्कर्म के मुकदमे में कोटेदार के पुत्र को दोषी पाकर दस साल की सजा सुनाई है। 50 हजार रुपये जुर्माना किया है। आरोपी कोटेदार और उसकी पत्नी को दोषमुक्त कर दिया है।
जहानगंज थाना क्षेत्र निवासी ग्रामीण ने गांव बिरिया नगला निवासी कोटेदार भगवान दास वर्मा, पत्नी उर्मिला देवी व पुत्र प्रताप वर्मा के खिलाफ 22 जनवरी 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कक्षा 11 में पढ़ रही 15 वर्षीय पुत्री को ले जाने के आरोप लगाया था।
पुलिस को विवेचना के दौरान करीब 15 दिन बाद किशोरी मिल गई। उसने कोर्ट में दिए बयान में प्रताप वर्मा पर बेहोश कर साथ ले जाने और दस दिन से अधिक रखकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। विवेचक ने दंपति और पुत्र के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह राजपूत ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी कोटेदार व इनकी पत्नी को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है। प्रताप वर्मा को दोषी पाकर दस साल की कैद और जुर्माने से दंडित किया है।
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जहानगंज थाना क्षेत्र निवासी ग्रामीण ने गांव बिरिया नगला निवासी कोटेदार भगवान दास वर्मा, पत्नी उर्मिला देवी व पुत्र प्रताप वर्मा के खिलाफ 22 जनवरी 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कक्षा 11 में पढ़ रही 15 वर्षीय पुत्री को ले जाने के आरोप लगाया था।
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पुलिस को विवेचना के दौरान करीब 15 दिन बाद किशोरी मिल गई। उसने कोर्ट में दिए बयान में प्रताप वर्मा पर बेहोश कर साथ ले जाने और दस दिन से अधिक रखकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। विवेचक ने दंपति और पुत्र के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह राजपूत ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी कोटेदार व इनकी पत्नी को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है। प्रताप वर्मा को दोषी पाकर दस साल की कैद और जुर्माने से दंडित किया है।