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अन्ना गोवंश से सभी दुखी, कंपिल थाने को बनाया ठिकाना

Sun, 13 Oct 2019 06:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 13 Oct 2019 06:39 PM IST
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Kampil police station is destination of anna cattle
कंपिल थाना परिसर में बैठे अन्ना मवेशी। - फोटो : FARRUKHABAD
क्षेत्र के गांवों के खेतों व कस्बे की सड़कों पर इन दिनों अन्ना गोवंश घूम रहे हैं। यह नगरवासियों व ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। गोशालाओं की भी हालत ठीक नहीं है। वहां बंद चंद गोवंश भूखे प्यासे तड़प रहे हैं। महीने भर से दर्जन भर गोवंशों ने थाने में डेरा जमा रखा है। थाने में खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली में भरा भूसा खाकर वे भूख मिटा रहे हैं। उसके बाद भी प्रशासन की नजर अन्ना गोवंश पर नहीं पड़ रही है।
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गांवों में अन्ना गोवंश की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इससे किसानों के साथ आम लोग भी परेशान हैं। नगर व गांवों की गलियों, मुख्य मार्गों व सार्वजनिक स्थानों सहित खेतों में सैकड़ों अन्ना गोवंश के झुंड घूम रहे हैं। इससे वाहन चालकों व दुकानदारों के अलावा नगरवासियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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मार्गों से गुजरने वाले वाहनों के सामने अन्ना गोवंश आ जाते हैं और हादसे का कारण बनते हैं। गांव राईपुर चिनघटपुर, इकलहरा, तल्फ़ी नगला, कारब, पुन्थर, अर्जुन नगला, सवितापुर, हल्दी खेड़ा, अकबरपुर, हमीरपुर काजी, पट्टी मदारी के किसानों ने बताया कि अन्ना गोवंश खेतों में घुसकर धान, मक्का व बाजरा की फसलों को तहस नहस कर रहे हैं।
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इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में किसान रात-रात भर जागकर फसल की रखवाली करते हैं। खेत में खड़ी फसल को सुरक्षित रखने के लिए कांटेदार तार लगाने के लिए मजबूर हैं।
सूखा भूसा खा रहे अन्ना गोवंश
जिला प्रशासन के आदेश पर ग्राम पंचायत गंगपुर शाहपुर व सुल्तानपुर पलनापुर में स्थायी व अन्य कुछ गांवों में अस्थायी गोशालाएं बनवाई गई हैं। वहां की हालत भी ठीक नहीं है। कहीं गायें सूखा भूसा खाने को मजबूर हैं तो कहीं भूखी ही रहती हैं। गोशालाओं में गायों की संख्या नाम मात्र की ही रह गई है जबकि सड़कों, खेतों, गांवों में अन्ना गोवंश की संख्या सैकड़ों में है। ग्राम प्रधानों व अधिकारियों के गोलमाल करने के चक्कर में अन्ना गोवंश भूखे-प्यासे रहने को मजबूर हैं।

दुर्घटना में पकड़ी गई थी भूसा भरी ट्रैक्टर ट्राली
करीब बीस दिन पहले कंपिल क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना के बाद भूसा भरी ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी गई थी। उसे थाना परिसर में खड़ा करा लिया गया था। अन्ना गोवंश घूमते हुए वहां पहुंच जाते हैं। उन्होंने ट्रली में लगी पन्नी को फाड़ दिया है। उस पर लदा भूसा खाने के बाद वह वहीं बैठे रहते हैं। पुलिस कर्मी भी उन्हें नहीं भगाते हैं।
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