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फर्रुखाबाद में समस्याओं से त्रस्त नलकूप विभाग के कर्मचारी विरोध में उतरे
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नलकूप विभाग के वर्कशॉप में प्रर्दशन करते कर्मचारी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। नलकूप विभाग में समस्याओं का निस्तारण न होने से परेशान कर्मचारी मंगलवार वर्कशाप में काम बंद कर विरोध में उतर आए। उन्होंने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कहा कि कोरोना महामारी में मास्क व सैनिटाइजर तक उपलब्ध नहीं कराया गया। स्टोर में आधी-अधूरी घटिया सामग्री मिलने से आएदिन पंप फुंक रहे हैं। सात सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार का एलान कर दिया। हालांकि बाद में अधिशासी अभियंता ने निस्तारण का भरोसा देकर उन्हें शांत किया।
नलकूप विभाग में लिपिक पद पर तैनात राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला महामंत्री प्रमोद दीक्षित के नेतृत्व में समस्याओं को लेकर कर्मचारी लामबंद हो गए। वर्कशाप में पंप बनाने का काम बंद कर दिया गया। कार्यशाला गेट पर एकत्र होकर कर्मचारियों ने विरोध जताया। कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। चहेते लिपिक वर्षों से मलाईदार पटलों पर डटे हैं। जबकि 8 लिपिक खाली घूम रहे हैं। पांच माह पूर्व तैनाती होने के बाद से अधिशासी अभियंता कार्यशाला का निरीक्षण करने तक नहीं आए। कर्मचारी बैठने के लिए कुर्सी अपनी जेब से खरीद रहे हैं। कार्यशाला का कभी सैनिटाइजेशन नहीं कराया गया और न ही उन लोगों को मास्क व सैनिटाइजर दिए। जबकि हर विभाग को इसका अलग से बजट मिला है।
नलकूप के पंप बनाने को सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई जाती, जो सामग्री मिलती भी है वह घटिया है। किसी भी कर्मचारी की पीपीएफ की पासबुक तैयार नहीं कराई गई। वहीं मिस्त्री सुनील कुमार का जीपीएफ भी नहीं मिला। प्राइवेट कर्मचारियों को चार माह से मानदेय नहीं दिया गया। समस्याओं का निस्तारण न होने तक वह लोग काम नहीं करेंगे। जानकारी पर अधिशासी अभियंता ओपी गुप्ता वर्कशाप पहुंचे। उन्होंने कहा कि शासन से बजट मिलने पर कर्मचारियों के रुके भुगतान करने के साथ सभी समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा।
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फर्रुखाबाद। नलकूप विभाग में समस्याओं का निस्तारण न होने से परेशान कर्मचारी मंगलवार वर्कशाप में काम बंद कर विरोध में उतर आए। उन्होंने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कहा कि कोरोना महामारी में मास्क व सैनिटाइजर तक उपलब्ध नहीं कराया गया। स्टोर में आधी-अधूरी घटिया सामग्री मिलने से आएदिन पंप फुंक रहे हैं। सात सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार का एलान कर दिया। हालांकि बाद में अधिशासी अभियंता ने निस्तारण का भरोसा देकर उन्हें शांत किया।
नलकूप विभाग में लिपिक पद पर तैनात राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला महामंत्री प्रमोद दीक्षित के नेतृत्व में समस्याओं को लेकर कर्मचारी लामबंद हो गए। वर्कशाप में पंप बनाने का काम बंद कर दिया गया। कार्यशाला गेट पर एकत्र होकर कर्मचारियों ने विरोध जताया। कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। चहेते लिपिक वर्षों से मलाईदार पटलों पर डटे हैं। जबकि 8 लिपिक खाली घूम रहे हैं। पांच माह पूर्व तैनाती होने के बाद से अधिशासी अभियंता कार्यशाला का निरीक्षण करने तक नहीं आए। कर्मचारी बैठने के लिए कुर्सी अपनी जेब से खरीद रहे हैं। कार्यशाला का कभी सैनिटाइजेशन नहीं कराया गया और न ही उन लोगों को मास्क व सैनिटाइजर दिए। जबकि हर विभाग को इसका अलग से बजट मिला है।
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नलकूप के पंप बनाने को सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई जाती, जो सामग्री मिलती भी है वह घटिया है। किसी भी कर्मचारी की पीपीएफ की पासबुक तैयार नहीं कराई गई। वहीं मिस्त्री सुनील कुमार का जीपीएफ भी नहीं मिला। प्राइवेट कर्मचारियों को चार माह से मानदेय नहीं दिया गया। समस्याओं का निस्तारण न होने तक वह लोग काम नहीं करेंगे। जानकारी पर अधिशासी अभियंता ओपी गुप्ता वर्कशाप पहुंचे। उन्होंने कहा कि शासन से बजट मिलने पर कर्मचारियों के रुके भुगतान करने के साथ सभी समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा।
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