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विकास कार्यों में अनियमितता पर प्रशासक फंसे
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फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर 25 लाख से अधिक खर्च करने वाले प्रशासक अनियमितता में फंसते दिख रहे हैं। अधिकारियों की टीमों में जांच कर अपनी रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंप दी है।
प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर दिए गए थे। पंचायत चुनाव के बाद शासन से हुई समीक्षा में 25 लाख रुपये से अधिक खर्च करने वाली ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की जांच कराने के आदेश दिए गए थे। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने मोहम्मदाबाद की ग्राम पंचायत पिपरगांव में 47,25,916 रुपये खर्च होने के मामले की जांच के लिए जिला कृषि अधिकारी व अधिशासी अभियंता (लोक निर्माण विभाग), मदनपुर में 30,24,258 रुपये खर्च होने के मामले की
जांच जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी व अधिशासी अभियंता आरईडी, जबकि बढ़पुर की ग्राम पंचायत याकूतगंज में 25 लाख 44121 रुपये खर्च करने की जांच पीडी व एई डीआरडीए को सौंपी।
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याकूतगंज में करीब एक लाख रुपये अनियमितता पकड़ी गई। मदनपुर में हैंडपंपों के प्लेटफार्म बने नहीं मिले। भुगतान पूरा कराया जा चुका है। इसमें चबूतरा निर्माण कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि
पिपरगांव की जांच पूरी होने के बाद भी रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि दो ग्राम पंचायतों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। जांच पूरी होने पर वह रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे। इसी के बाद अनियमितता के आधार पर प्रशासकों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।
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प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर दिए गए थे। पंचायत चुनाव के बाद शासन से हुई समीक्षा में 25 लाख रुपये से अधिक खर्च करने वाली ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की जांच कराने के आदेश दिए गए थे। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने मोहम्मदाबाद की ग्राम पंचायत पिपरगांव में 47,25,916 रुपये खर्च होने के मामले की जांच के लिए जिला कृषि अधिकारी व अधिशासी अभियंता (लोक निर्माण विभाग), मदनपुर में 30,24,258 रुपये खर्च होने के मामले की
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जांच जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी व अधिशासी अभियंता आरईडी, जबकि बढ़पुर की ग्राम पंचायत याकूतगंज में 25 लाख 44121 रुपये खर्च करने की जांच पीडी व एई डीआरडीए को सौंपी।
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याकूतगंज में करीब एक लाख रुपये अनियमितता पकड़ी गई। मदनपुर में हैंडपंपों के प्लेटफार्म बने नहीं मिले। भुगतान पूरा कराया जा चुका है। इसमें चबूतरा निर्माण कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि
पिपरगांव की जांच पूरी होने के बाद भी रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि दो ग्राम पंचायतों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। जांच पूरी होने पर वह रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे। इसी के बाद अनियमितता के आधार पर प्रशासकों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।