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संविदा कर्मियों के आंदोलन से बाधित रहीं स्वास्थ्य सेवाएं
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सीएमओ कार्यालय में प्रदर्शन करते संविदा कर्मी।
- फोटो : FARRUKHABAD
संविदा कर्मियों के आंदोलन से स्वास्थ्य सेवाएं बाधित
फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग में तैनात दो संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त किए जाने के विरोध में साथी कर्मचारियों ने चौथे दिन शुक्रवार को आंदोलन तेज कर दिया। ओपीडी सेवाएं सेवाएं बंद कर सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं। कर्मचारियों ने शोषण का आरोप लगाते हुई कार्रवाई वापस न लेने पर कोविड व आपातकालीन सेवाएं भी बंद करने का एलान किया है।
मोहम्मदाबाद सीएचसी में संविदा पर तैनात बीसीपीएम व कायमगंज सीएचसी के डाटा इंट्री आपरेटर की सेवा समाप्त किए जाने के विरोध में संविदा स्वास्थ्य कर्मी लामबंद हैं। शुक्रवार को लगातार चौथे दिन विरोध प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डा.गौरव शर्मा व महामंत्री नरेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में संविदा कर्मी डॉक्टर, एएनएम, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन आदि सीएमओ कार्यालय परिसर में एकत्र हुए।
परिसर में ही दरी बिछाकर धरना देकर बैठ गए। इस दौरान कर्मचारियों ने सीएमओ पर भ्रष्टाचार व जिला प्रशासन पर तानाशाही के आरोप लगाए। कहा कि अभी पीएचसी व सीएचसी में ओपीडी सेवाएं बंद कर आंदोलन किया जा रहा है। कर्मचारियों का शोषण न रुका तो आगे आपातकालीन व कोविड सेवाओं पर भी विराम लगा दिया जाएगा। राज्य कर्मचारी परिषद के जिला महामंत्री पंकज शुक्ल व डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री ने भी आंदोलन का समर्थन किया।
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उन्होंने भी कार्रवाई की निंदा करते हुए एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का साथ देने का आश्वासन दिया। कहा कि यदि सीएमओ ने कर्मचारियों की संविदा बहाल न की तो राज्य स्तरीय आंदोलन की तैयारी की जाएगी। स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि यदि इसी तरह तानाशाही का रवैया रहा तो स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की साक्ष्यों के साथ सभी परतें खोल दी जाएंगी।
डॉ.सुधीर सिंह, डॉ.रजत कटियार, डॉ.पंकज कटियार, डॉ. ऋषिकांत गुप्ता, मीडिया प्रभारी साबिर हुसैन, अंकित दीक्षित, पारुल, आरती, राखी, प्रिया, ज्योति सिंह, वर्षा, विजय गंगवार, विवेक कुमार, अवधेश मिश्रा, जनक सिंह, प्रदीप कुमार आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
धरनास्थल पर तैनात रही पुलिस
जनपद में धारा 144 लागू होने के बावजूद संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान फतेहगढ़ कोतवाल जेपी पाल पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे। सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य भी जायजा लेने पहुंचे। निर्धारित समय दो बजे तक प्रदर्शन करने के बाद संविदा स्वास्थ्य कर्मी वापस चले गए। शनिवार को सुबह 10 बजे एकत्र होकर सीएमओ कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की गई।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
सीएमओ डा.वंदना सिंह ने बताया कि रकाबगंज स्वास्थ्य केंद्र पर अनुपस्थित मिले कर्मचारियों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य बहिष्कार से जिले में कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं प्रभावित हुईं हैं। जिन कर्मचारियों की संविदा समाप्त की गई है और इसके विरोध में जो धरना प्रदर्शन चल रहा है, इसको लेकर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।
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फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग में तैनात दो संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त किए जाने के विरोध में साथी कर्मचारियों ने चौथे दिन शुक्रवार को आंदोलन तेज कर दिया। ओपीडी सेवाएं सेवाएं बंद कर सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं। कर्मचारियों ने शोषण का आरोप लगाते हुई कार्रवाई वापस न लेने पर कोविड व आपातकालीन सेवाएं भी बंद करने का एलान किया है।
मोहम्मदाबाद सीएचसी में संविदा पर तैनात बीसीपीएम व कायमगंज सीएचसी के डाटा इंट्री आपरेटर की सेवा समाप्त किए जाने के विरोध में संविदा स्वास्थ्य कर्मी लामबंद हैं। शुक्रवार को लगातार चौथे दिन विरोध प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डा.गौरव शर्मा व महामंत्री नरेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में संविदा कर्मी डॉक्टर, एएनएम, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन आदि सीएमओ कार्यालय परिसर में एकत्र हुए।
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परिसर में ही दरी बिछाकर धरना देकर बैठ गए। इस दौरान कर्मचारियों ने सीएमओ पर भ्रष्टाचार व जिला प्रशासन पर तानाशाही के आरोप लगाए। कहा कि अभी पीएचसी व सीएचसी में ओपीडी सेवाएं बंद कर आंदोलन किया जा रहा है। कर्मचारियों का शोषण न रुका तो आगे आपातकालीन व कोविड सेवाओं पर भी विराम लगा दिया जाएगा। राज्य कर्मचारी परिषद के जिला महामंत्री पंकज शुक्ल व डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री ने भी आंदोलन का समर्थन किया।
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उन्होंने भी कार्रवाई की निंदा करते हुए एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का साथ देने का आश्वासन दिया। कहा कि यदि सीएमओ ने कर्मचारियों की संविदा बहाल न की तो राज्य स्तरीय आंदोलन की तैयारी की जाएगी। स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि यदि इसी तरह तानाशाही का रवैया रहा तो स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की साक्ष्यों के साथ सभी परतें खोल दी जाएंगी।
डॉ.सुधीर सिंह, डॉ.रजत कटियार, डॉ.पंकज कटियार, डॉ. ऋषिकांत गुप्ता, मीडिया प्रभारी साबिर हुसैन, अंकित दीक्षित, पारुल, आरती, राखी, प्रिया, ज्योति सिंह, वर्षा, विजय गंगवार, विवेक कुमार, अवधेश मिश्रा, जनक सिंह, प्रदीप कुमार आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
धरनास्थल पर तैनात रही पुलिस
जनपद में धारा 144 लागू होने के बावजूद संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान फतेहगढ़ कोतवाल जेपी पाल पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे। सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य भी जायजा लेने पहुंचे। निर्धारित समय दो बजे तक प्रदर्शन करने के बाद संविदा स्वास्थ्य कर्मी वापस चले गए। शनिवार को सुबह 10 बजे एकत्र होकर सीएमओ कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की गई।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
सीएमओ डा.वंदना सिंह ने बताया कि रकाबगंज स्वास्थ्य केंद्र पर अनुपस्थित मिले कर्मचारियों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य बहिष्कार से जिले में कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं प्रभावित हुईं हैं। जिन कर्मचारियों की संविदा समाप्त की गई है और इसके विरोध में जो धरना प्रदर्शन चल रहा है, इसको लेकर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।