{"_id":"5dda8e4a8ebc3e549d040990","slug":"health-farrukhabad-news-knp527829643","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोल्डन कार्ड पर नर्सिंगहोम में नहीं मिला इलाज, मरीज को भगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोल्डन कार्ड पर नर्सिंगहोम में नहीं मिला इलाज, मरीज को भगाया
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। आयुष्मान योजना में जिले के 10 नर्सिंग होम सूचीबद्ध हैं। इसके बावजूद मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। रविवार को तो लोहिया अस्पताल के सामने स्थित नर्सिंगहोम में आग से झुलसे मरीज को दुत्कार कर बिना इलाज दिए ही भगा दिया गया। इससे पीड़ित मरीज को लेकर घर चला गया।
सदर तहसील क्षेत्र के गांव बीसलपुर तराई निवासी दयाशंकर का पुत्र गोलू (18) एक सप्ताह पूर्व घर में किसी तरह आग से झुलस गया था। पैर में जख्म गहरा होने व इलाज के अभाव में उसके पैर में कीड़े पड़ गए। इससे दयाशंकर अपने पुत्र को शनिवार को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसे सैफई के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस न मिलने से दयाशंकर उसे सैफई नहीं ले जा सके। डॉक्टरों ने सलाह दी कि आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड पर 5 लाख रुपये तक का प्राइवेट अस्पताल में मुफ्त इलाज से करा सकते हैं। इस पर दयाशंकर रविवार को अपने पुत्र को लेकर लोहिया अस्पताल के सामने स्थित आयुष्मान में सूचीबद्ध नर्सिंगहोम पहुंचे और गोल्डन कार्ड दिखाकर इलाज करने को कहा।
इस पर कर्मचारियों ने उन्हें यह कह कर भगा दिया कि उनके यहां गोल्डन कार्ड से इलाज नहीं किया जाता है। इलाज के लिए रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इसके बाद वह आवास विकास तिराहे स्थित नर्सिंगहोम पहुंचे वहां भी कर्मचारी ने आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से मना कर दिया। इससे परेशान दयाशंकर आयुष्मान योजना व जिम्मेदारों को कोसते हुए अपने घायल बेटे को लेकर घर चले गए। उन्होंने बताया कि वह इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे।
विज्ञापन
आयुष्मान योजना के जिला कोऑर्डिनेटर डॉ.अमित मिश्रा ने बताया कि आयुष्मान भारत के तहत प्राइवेट अस्पताल में जिस मर्ज के लिए सूचीबद्ध हैं, वहां उसी मर्ज का इलाज होगा। अन्य बीमारी का इलाज नहीं किया जाएगा। नर्सिंगहोम में मरीज को इलाज न किए जाने के संबंध में वह वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगे।
विज्ञापन
सदर तहसील क्षेत्र के गांव बीसलपुर तराई निवासी दयाशंकर का पुत्र गोलू (18) एक सप्ताह पूर्व घर में किसी तरह आग से झुलस गया था। पैर में जख्म गहरा होने व इलाज के अभाव में उसके पैर में कीड़े पड़ गए। इससे दयाशंकर अपने पुत्र को शनिवार को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसे सैफई के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस न मिलने से दयाशंकर उसे सैफई नहीं ले जा सके। डॉक्टरों ने सलाह दी कि आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड पर 5 लाख रुपये तक का प्राइवेट अस्पताल में मुफ्त इलाज से करा सकते हैं। इस पर दयाशंकर रविवार को अपने पुत्र को लेकर लोहिया अस्पताल के सामने स्थित आयुष्मान में सूचीबद्ध नर्सिंगहोम पहुंचे और गोल्डन कार्ड दिखाकर इलाज करने को कहा।
विज्ञापन
इस पर कर्मचारियों ने उन्हें यह कह कर भगा दिया कि उनके यहां गोल्डन कार्ड से इलाज नहीं किया जाता है। इलाज के लिए रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इसके बाद वह आवास विकास तिराहे स्थित नर्सिंगहोम पहुंचे वहां भी कर्मचारी ने आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से मना कर दिया। इससे परेशान दयाशंकर आयुष्मान योजना व जिम्मेदारों को कोसते हुए अपने घायल बेटे को लेकर घर चले गए। उन्होंने बताया कि वह इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे।
विज्ञापन
आयुष्मान योजना के जिला कोऑर्डिनेटर डॉ.अमित मिश्रा ने बताया कि आयुष्मान भारत के तहत प्राइवेट अस्पताल में जिस मर्ज के लिए सूचीबद्ध हैं, वहां उसी मर्ज का इलाज होगा। अन्य बीमारी का इलाज नहीं किया जाएगा। नर्सिंगहोम में मरीज को इलाज न किए जाने के संबंध में वह वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगे।