{"_id":"68dad974503b30144308231d","slug":"hanuman-and-angad-performed-aarti-by-jumping-in-a-60-feet-long-circle-farrukhabad-news-c-222-1-frk1001-130686-2025-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: 60 फीट लंबे घेरे में हनुमान-अंगद ने उछल-उछल कर की आरती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: 60 फीट लंबे घेरे में हनुमान-अंगद ने उछल-उछल कर की आरती
Tue, 30 Sep 2025 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 30 Sep 2025 12:39 AM IST
विज्ञापन
फोटो-18, कानपुर रोड पर उछल-उछलकर आरती करते हनुमान-अंगद के स्वरूप। संवाद
कमालगंज। 190 साल पुरानी कमालगंज की रामलीला में आरती का अद्भुत कार्यक्रम सोमवार से शुरू हो गया। कानपुर मार्ग स्थित चौराहे पर बीच सड़क पर हनुमान-अंगद के स्वरूपों द्वारा उछल- उछल कर रथ पर विराजमान भगवान के स्वरूपों की आरती की गई।
इस दौरान प्रभु श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे। सोमवार को रामलीला मैदान में दिन की लीला में सीता हरण, शबरी मिलन व हनुमान मिलन लीला का मंचन हुआ। रामलीला व्यास आचार्य लक्ष्मीकांत दुबे ने लीला निर्देशन किया। सायंकाल अग्रवाल सदन में पूजन -भोग कार्यक्रम हुआ।
इसके बाद कानपुर-फतेहगढ़ मार्ग स्थित चौराहे पर हनुमान जी व अंगद ने उछलते हुए करीब 60 फीट घेरे में भगवान स्वरूपों की आरती की। आरती व्यास आदित्य ने पहले रथ पर बैठे माता जानकी व चारों भाइयों की आरती की। फिर हनुमान के हाथ में परंपरागत आरती का पात्र दे दिया। आरती लेकर हनुमान ने घेरे में उछलते हुए चक्कर शुरू किए।
विज्ञापन
पीछे से अंगद हाथ मे चंवर लेकर उछलते चल रहे थे। चक्कर लगाने के दौरान ही बीच-बीच में पात्र में कपूर डाला जाता रहा। युवाओं की टोली बोलो सीताराम-सीताराम आरती गा रही थी।
आरती गायन टोली का नेतृत्व सौरभ चौरसिया ने निभाया। हनुमान के स्वरूप में शिवमोहन दवे व अंगद श्याम दवे ने छाप छोड़ी। कानपुर और फतेहगढ़ की ओर खड़े वाहनों से उतरे लोग भी आरती अनुष्ठान के भागीदार बने।
विज्ञापन
इस दौरान प्रभु श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे। सोमवार को रामलीला मैदान में दिन की लीला में सीता हरण, शबरी मिलन व हनुमान मिलन लीला का मंचन हुआ। रामलीला व्यास आचार्य लक्ष्मीकांत दुबे ने लीला निर्देशन किया। सायंकाल अग्रवाल सदन में पूजन -भोग कार्यक्रम हुआ।
विज्ञापन
इसके बाद कानपुर-फतेहगढ़ मार्ग स्थित चौराहे पर हनुमान जी व अंगद ने उछलते हुए करीब 60 फीट घेरे में भगवान स्वरूपों की आरती की। आरती व्यास आदित्य ने पहले रथ पर बैठे माता जानकी व चारों भाइयों की आरती की। फिर हनुमान के हाथ में परंपरागत आरती का पात्र दे दिया। आरती लेकर हनुमान ने घेरे में उछलते हुए चक्कर शुरू किए।
विज्ञापन
पीछे से अंगद हाथ मे चंवर लेकर उछलते चल रहे थे। चक्कर लगाने के दौरान ही बीच-बीच में पात्र में कपूर डाला जाता रहा। युवाओं की टोली बोलो सीताराम-सीताराम आरती गा रही थी।
आरती गायन टोली का नेतृत्व सौरभ चौरसिया ने निभाया। हनुमान के स्वरूप में शिवमोहन दवे व अंगद श्याम दवे ने छाप छोड़ी। कानपुर और फतेहगढ़ की ओर खड़े वाहनों से उतरे लोग भी आरती अनुष्ठान के भागीदार बने।