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भुगतान की हीलाहवाली में रुका हैंडपंप रीबोर का काम
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कायमगंज के गांव झब्बूपुर के विद्यालय में रिबोर के लिए लगाई गई मशीन।
- फोटो : FARRUKHABAD
भुगतान न होने से रुका हैंडपंप रीबोर का काम
कायमगंज। गांव झब्बूपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में लगे दो हैंडपंप में एक खारा पानी दे रहा तो दूसरा खराब पड़ा है। इसे रीबोर कराने के लिए सेट तो लगा दिया गया, लेकिन रीबोर करने वाले कारीगरों को भुगतान न होने से तीन दिन से काम शुरू नहीं हो सका है। हालांकि अधिकारियों का कहना है जल्द काम शुरू करा दिया जाएगा।
गांव झब्बूपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की प्यास बुझाने के लिए दो हैंडपंप लगे हैं। इसमें से एक में खारा पानी आ रहा था तो दूसरा खराब था। कोरोना काल के बाद खुले स्कूल में बच्चों को पानी जरूरत हुई। इस समय मिड डे मील के लिए पानी बाहर मंगाना पड़ता है। स्कूल में पानी की टंकी भी नहीं है। हैंडपंप रीबोर कराने, परिसर में खड़े पोल उखाड़ने व मिट्टी का भराव कराने के लिए सहायक अध्यापक चंद्रकांत दुबे ने लिखित में मांग की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
13 फरवरी के अंक में अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो गुरुवार को ब्लॉक कार्यालय से हैंडपंप रीबोर के लिए मशीन भेजकर लगवा दी गई, लेकिन अभी तक रीबोर का कार्य शुरू नहीं कराया गया। सहायक अध्यापक ने बताया कि कारीगर सेट लगाकर चले गए।
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उनका कहना था कि जब तक भुगतान नहीं होगा तब तक काम शुरू नहीं करेंगे। परिसर में खड़े पोल को विद्युत विभाग ने उखाड़ दिया है। मिट्टी व रीबोर का काम अभी बाकी है। बीडीओ राहुल राय ने बताया कि मशीन लग गई है। सचिव से स्थिति पता कर जल्द ही काम शुरू करा दिया जाएगा। मशीन लगी है तो काम तो होगा ही। कारीगर अपने कार्य से कहीं चले गए होंगे।
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कायमगंज। गांव झब्बूपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में लगे दो हैंडपंप में एक खारा पानी दे रहा तो दूसरा खराब पड़ा है। इसे रीबोर कराने के लिए सेट तो लगा दिया गया, लेकिन रीबोर करने वाले कारीगरों को भुगतान न होने से तीन दिन से काम शुरू नहीं हो सका है। हालांकि अधिकारियों का कहना है जल्द काम शुरू करा दिया जाएगा।
गांव झब्बूपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की प्यास बुझाने के लिए दो हैंडपंप लगे हैं। इसमें से एक में खारा पानी आ रहा था तो दूसरा खराब था। कोरोना काल के बाद खुले स्कूल में बच्चों को पानी जरूरत हुई। इस समय मिड डे मील के लिए पानी बाहर मंगाना पड़ता है। स्कूल में पानी की टंकी भी नहीं है। हैंडपंप रीबोर कराने, परिसर में खड़े पोल उखाड़ने व मिट्टी का भराव कराने के लिए सहायक अध्यापक चंद्रकांत दुबे ने लिखित में मांग की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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13 फरवरी के अंक में अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो गुरुवार को ब्लॉक कार्यालय से हैंडपंप रीबोर के लिए मशीन भेजकर लगवा दी गई, लेकिन अभी तक रीबोर का कार्य शुरू नहीं कराया गया। सहायक अध्यापक ने बताया कि कारीगर सेट लगाकर चले गए।
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उनका कहना था कि जब तक भुगतान नहीं होगा तब तक काम शुरू नहीं करेंगे। परिसर में खड़े पोल को विद्युत विभाग ने उखाड़ दिया है। मिट्टी व रीबोर का काम अभी बाकी है। बीडीओ राहुल राय ने बताया कि मशीन लग गई है। सचिव से स्थिति पता कर जल्द ही काम शुरू करा दिया जाएगा। मशीन लगी है तो काम तो होगा ही। कारीगर अपने कार्य से कहीं चले गए होंगे।