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सरकार ने माना 31 मरीजों को डेंगू
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फर्रुखाबाद। डेंगू मरीजों पर न-न करने वाले स्वास्थ्य विभाग ने आखिर मान ही लिया कि जिले में 31 बुखार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। ये आंकड़े उन मरीजों के हैं, जिन्होंने जिले में जांच कराई। इसके कई मरीजों के परिजनों ने कानपुर, आगरा और बरेली में हुई जांच में डेंगू की बात कही है लेकिन जिले का स्वास्थ्य विभाग बाहर की रिपोर्ट से इत्तफाक नहीं रखता है।
जिले में नगरों से लेकर गांवों तक बुखार से हाहाकार मचा है। सैकड़ों की संख्या में लोग बीमार हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग रही है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने पिछले करीब 20 दिनों में 2000 बुखार मरीजों की किट से डेंगू की जांच की। 89 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इन मरीजों के नमूने एलाइजा जांच के लिए कन्नौज जिले के तिर्वा मेडिकल कालेज भेजे गए थे। इनमें 31 मरीज डेंगू की पुष्टि हुई है। डिप्टी सीएमओ डॉ.राजीव शाक्य ने कहाकि एलाइजा जांच के बाद ही डेंगू की पुष्टि होती है। जिले में अभी तक 31 ही डेंगू के मरीज मिले हैं।
49 में मलेरिया की पुष्टि
जिले में अभी तक 3739 बुखार मरीजों में मलेरिया की जांच की गई। इसमें 49 में मलेरिया होने की पुष्टि हुई है।
प्लेटलेट्स सेप्रेटर न होने से मरीज होते रेफर
जिले में डेंगू की आशंका वाले मरीजों को सीएचसी से डा.राममनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया जाता है। प्लेटलेट्स कम होेने पर मरीज को सैफई रेफर कर दिया जाता है। सीएमओ डॉ.सतीश चंद्रा ने बताया कि गंभीर मरीज को रेफर करना हमारी मजबूरी है। जिला अस्पताल में एलाइजा जांच और प्लेटलेट्स सेप्रेटर की व्यवस्था नहीं है।
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पैथालाजिस्ट के दोनों पद रिक्त
डिप्टी सीएमओ डॉ.राजीव शाक्य ने बताया कि जिला अस्पताल में पैथालाजिस्ट के दो पद हैं और इस समय दोनों पर रिक्त हैं। सीएचसी और पीएचसी में लैबटेक्नीशियन जांच का काम करते हैं। पैथालाजिस्ट न होने से दिक्कत आ रही है।
गंगाइच की महिला में मिलेडेंगू के लक्षण
कमालगंज क्षेत्र के गांव गंगाइच के बुखार की सूचना पर गुरुवार को सीएचसी से डॉ. कुलभूषण की अगुवाई में टीम ने जांच की। 85 मरीजों की जांच में 44 बुखार से पीड़ित मिले। एलटी ने किट से 31 की मलेरिया, 21 की टाइफाइड और सात की डेंगू जांच की। मदीना (50) में डेंगू जैसे लक्षण मिले हैं। उन्हें सीएचसी में इलाज की सलाह दी गई है।
डॉ. विवेक कन्नौजिया की अगुवाई में दूसरी टीम ने भोजपुर में 70 और नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम ने बर्ना खुर्द में 74 मरीजों की जांच की। एक टीम ने राजेपुर सरायमेदा में 25 मरीजों की जांच की। यहां चार की मलेरिया, छह की डेंगू व पांच की टाइफाइड की जांच हुई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सोमेश अग्निहोत्री ने बताया कि चार गांव में 254 मरीजों की जांच कर दवा दी गई है।
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जिले में नगरों से लेकर गांवों तक बुखार से हाहाकार मचा है। सैकड़ों की संख्या में लोग बीमार हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग रही है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने पिछले करीब 20 दिनों में 2000 बुखार मरीजों की किट से डेंगू की जांच की। 89 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इन मरीजों के नमूने एलाइजा जांच के लिए कन्नौज जिले के तिर्वा मेडिकल कालेज भेजे गए थे। इनमें 31 मरीज डेंगू की पुष्टि हुई है। डिप्टी सीएमओ डॉ.राजीव शाक्य ने कहाकि एलाइजा जांच के बाद ही डेंगू की पुष्टि होती है। जिले में अभी तक 31 ही डेंगू के मरीज मिले हैं।
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49 में मलेरिया की पुष्टि
जिले में अभी तक 3739 बुखार मरीजों में मलेरिया की जांच की गई। इसमें 49 में मलेरिया होने की पुष्टि हुई है।
प्लेटलेट्स सेप्रेटर न होने से मरीज होते रेफर
जिले में डेंगू की आशंका वाले मरीजों को सीएचसी से डा.राममनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया जाता है। प्लेटलेट्स कम होेने पर मरीज को सैफई रेफर कर दिया जाता है। सीएमओ डॉ.सतीश चंद्रा ने बताया कि गंभीर मरीज को रेफर करना हमारी मजबूरी है। जिला अस्पताल में एलाइजा जांच और प्लेटलेट्स सेप्रेटर की व्यवस्था नहीं है।
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पैथालाजिस्ट के दोनों पद रिक्त
डिप्टी सीएमओ डॉ.राजीव शाक्य ने बताया कि जिला अस्पताल में पैथालाजिस्ट के दो पद हैं और इस समय दोनों पर रिक्त हैं। सीएचसी और पीएचसी में लैबटेक्नीशियन जांच का काम करते हैं। पैथालाजिस्ट न होने से दिक्कत आ रही है।
गंगाइच की महिला में मिलेडेंगू के लक्षण
कमालगंज क्षेत्र के गांव गंगाइच के बुखार की सूचना पर गुरुवार को सीएचसी से डॉ. कुलभूषण की अगुवाई में टीम ने जांच की। 85 मरीजों की जांच में 44 बुखार से पीड़ित मिले। एलटी ने किट से 31 की मलेरिया, 21 की टाइफाइड और सात की डेंगू जांच की। मदीना (50) में डेंगू जैसे लक्षण मिले हैं। उन्हें सीएचसी में इलाज की सलाह दी गई है।
डॉ. विवेक कन्नौजिया की अगुवाई में दूसरी टीम ने भोजपुर में 70 और नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम ने बर्ना खुर्द में 74 मरीजों की जांच की। एक टीम ने राजेपुर सरायमेदा में 25 मरीजों की जांच की। यहां चार की मलेरिया, छह की डेंगू व पांच की टाइफाइड की जांच हुई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सोमेश अग्निहोत्री ने बताया कि चार गांव में 254 मरीजों की जांच कर दवा दी गई है।