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गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार, पचास गांव प्रभावित
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कटरी गंगापुर में बाढ़ के भरे पानी से निकलता दूधिया।
- फोटो : FARRUKHABAD
चेतावनी बिंदु के पार हुई गंगा, 50 गांव प्रभावित
अमृतपुर/शमसाबाद। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु (136.60 मीटर) पार कर रविवार को 136.70 मीटर पर पहुंच गया है। इसके चलते सात गांवों के रास्तों में चार से पांच फीट पानी बहने से रास्ता बंद हो गया है। इससे ग्रामीणों का तहसील से संपर्क टूट गया है। अमृतपुर क्षेत्र में गंगा से 33 और रामगंगा से सात गांव प्रभावित हैं। शमसाबाद क्षेत्र में गंगा के उफनाने से किनारे बसे दस गांव प्रभावित हो गए हैं।
बांधों से लगातार अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने से गंगा और रामगंगा उफान भरने लगी हैं। रविवार को नरौरा बांध से गंगा में 1 लाख 83 हजार 42 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसका असर 24 घंटे बाद दिखाई देगा। रामगंगा में कालागढ़, खो बैराज, हरेली व रामनगर से कुल 7182 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामगंगा का जलस्तर 134.35 से बढ़कर 134.40 मीटर पर पहुंच गया है।
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार होने से तटवर्ती गांव हरसिंहपुर कायस्थ, जोगराजपुर, कुड़री सारंगपुर, तीसराम की मड़ैया, उगरपुर, करनपुर घाट, मंझा की मड़ैया गांवों के रास्ते में पानी भर गया है। रास्ता बंद होने से इन गांवों के लोगों का तहसील से संपर्क टूट गया है। गांव बामियारी, सुंदरपुर, कछुआ गाड़ा, सवितापुर, मानपुर में पानी भरने लगा है।
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गांव भाऊपुर चौरासी, माखन नगला, मिघन नगला, कुसमापुर, उदयपुर, कंचनपुर सबलपुर, अंबरपुर, गौटिया, पट्टी भरका, जसूपुर, सलेमपुर के किनारे तक गंगा का पानी पहुंच गया है। गांव हरसिंहपुर कायस्थ, उगरपुर, मंझा की मड़ैया के ग्रामीण निजी नाव से आवागमन कर रहे हैं। इन गांवों का अभी तक किसी लेखपाल व सरकारी कर्मचारी ने हाल तक नहीं लिया है। लगातार पानी बढ़ने से गांव के लोग भयभीत हैं।
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से अलादपुर भटौली, कोला सोता, रेगापुर, बिरसिंहपुर, महुलिया, मोकलपुर, बेचेपट्टी गांव के किसानों की उपजाऊ जमीन कटने लगी है। रामगंगा के कटान से भटौली गांव पर खतरा मंडराने लगा है। उप जिलाधिकारी बृजेंद्र कुमार ने बताया है कि अभी किसी गांव में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा और न बाढ़ आई है।
हरसिंहपुर कायस्थ के गांव की गलियों में कुछ पानी पहुंचा है। बाढ़ का संकट नहीं है। शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार गंगा के तटवर्ती गांव कटरी तौफीक में नदी का पानी भर गया है। गलियों में पानी भरा होने से गांव के लोगों का अब घर से निकलना भी मुश्किल होने लगा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से गांव अचानकपुर, पैलानी दक्षिण, अजीजाबाद, समैचीपुर चितार, परसादी की मड़ैया, फुला समेत दस गांव प्रभावित हैं।
गंगा की बाढ़ से ग्रामीणों का मुख्यालय से संपर्क टूटा
फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का पानी गांवों तक पहुंच गया है। सड़क पर तीन फीट पानी बहने से निर्माणाधीन पुलिया से निकलना खतरे से खाली नहीं है। ग्राम पंचायत कटरी गंगपुर का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। बढ़पुर ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कटरी गंगपुर गंगा के पानी से घिर गई है। इसी ग्राम पंचायत के मजरे छोटी गुलरिया, बड़ी गुलरिया, पहाड़पुर, हुल्ला की मड़ैया, कटरी शिकारपुर में पानी घुस गया है।
गलियों में पानी भरने से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया। इन गांवों से मुख्यालय को जाने वाली सड़कों पर तीन फीट ऊंचा पानी बह रहा है। गांव छोटी-बड़ी गुलरिया और पहाड़कर से जाने को बनाई गई तीन पुलियां अधूरी हैं। निर्माणाधीन पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है। इससे इन गांवों के लोगों को आने-जाने का सहारा नाव ही बन सकती है।
गांव के अंगद, संदीप कुमार, रामनरेश, अजय, रमनपाल, बुलाकी, सुनील ने गांव में नाव डलवाने की प्रशासन से मांग की। प्रधान राजेश्वरी देवी के पुत्र मनोज यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत की करीब 2500 आबादी है। इसमें तीन मजरों के 1400 लोग तो इस तरह फंसे हैं कि बिना नाव वह जिला मुख्यालय पहुंच ही नहीं सकते। सबसे बड़ी दिक्कत बीमार व्यक्तियों को है। उन्होंने प्रशासन से नाव डलवाने की मांग की।
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अमृतपुर/शमसाबाद। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु (136.60 मीटर) पार कर रविवार को 136.70 मीटर पर पहुंच गया है। इसके चलते सात गांवों के रास्तों में चार से पांच फीट पानी बहने से रास्ता बंद हो गया है। इससे ग्रामीणों का तहसील से संपर्क टूट गया है। अमृतपुर क्षेत्र में गंगा से 33 और रामगंगा से सात गांव प्रभावित हैं। शमसाबाद क्षेत्र में गंगा के उफनाने से किनारे बसे दस गांव प्रभावित हो गए हैं।
बांधों से लगातार अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने से गंगा और रामगंगा उफान भरने लगी हैं। रविवार को नरौरा बांध से गंगा में 1 लाख 83 हजार 42 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसका असर 24 घंटे बाद दिखाई देगा। रामगंगा में कालागढ़, खो बैराज, हरेली व रामनगर से कुल 7182 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामगंगा का जलस्तर 134.35 से बढ़कर 134.40 मीटर पर पहुंच गया है।
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गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार होने से तटवर्ती गांव हरसिंहपुर कायस्थ, जोगराजपुर, कुड़री सारंगपुर, तीसराम की मड़ैया, उगरपुर, करनपुर घाट, मंझा की मड़ैया गांवों के रास्ते में पानी भर गया है। रास्ता बंद होने से इन गांवों के लोगों का तहसील से संपर्क टूट गया है। गांव बामियारी, सुंदरपुर, कछुआ गाड़ा, सवितापुर, मानपुर में पानी भरने लगा है।
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गांव भाऊपुर चौरासी, माखन नगला, मिघन नगला, कुसमापुर, उदयपुर, कंचनपुर सबलपुर, अंबरपुर, गौटिया, पट्टी भरका, जसूपुर, सलेमपुर के किनारे तक गंगा का पानी पहुंच गया है। गांव हरसिंहपुर कायस्थ, उगरपुर, मंझा की मड़ैया के ग्रामीण निजी नाव से आवागमन कर रहे हैं। इन गांवों का अभी तक किसी लेखपाल व सरकारी कर्मचारी ने हाल तक नहीं लिया है। लगातार पानी बढ़ने से गांव के लोग भयभीत हैं।
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से अलादपुर भटौली, कोला सोता, रेगापुर, बिरसिंहपुर, महुलिया, मोकलपुर, बेचेपट्टी गांव के किसानों की उपजाऊ जमीन कटने लगी है। रामगंगा के कटान से भटौली गांव पर खतरा मंडराने लगा है। उप जिलाधिकारी बृजेंद्र कुमार ने बताया है कि अभी किसी गांव में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा और न बाढ़ आई है।
हरसिंहपुर कायस्थ के गांव की गलियों में कुछ पानी पहुंचा है। बाढ़ का संकट नहीं है। शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार गंगा के तटवर्ती गांव कटरी तौफीक में नदी का पानी भर गया है। गलियों में पानी भरा होने से गांव के लोगों का अब घर से निकलना भी मुश्किल होने लगा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से गांव अचानकपुर, पैलानी दक्षिण, अजीजाबाद, समैचीपुर चितार, परसादी की मड़ैया, फुला समेत दस गांव प्रभावित हैं।
गंगा की बाढ़ से ग्रामीणों का मुख्यालय से संपर्क टूटा
फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का पानी गांवों तक पहुंच गया है। सड़क पर तीन फीट पानी बहने से निर्माणाधीन पुलिया से निकलना खतरे से खाली नहीं है। ग्राम पंचायत कटरी गंगपुर का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। बढ़पुर ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कटरी गंगपुर गंगा के पानी से घिर गई है। इसी ग्राम पंचायत के मजरे छोटी गुलरिया, बड़ी गुलरिया, पहाड़पुर, हुल्ला की मड़ैया, कटरी शिकारपुर में पानी घुस गया है।
गलियों में पानी भरने से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया। इन गांवों से मुख्यालय को जाने वाली सड़कों पर तीन फीट ऊंचा पानी बह रहा है। गांव छोटी-बड़ी गुलरिया और पहाड़कर से जाने को बनाई गई तीन पुलियां अधूरी हैं। निर्माणाधीन पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है। इससे इन गांवों के लोगों को आने-जाने का सहारा नाव ही बन सकती है।
गांव के अंगद, संदीप कुमार, रामनरेश, अजय, रमनपाल, बुलाकी, सुनील ने गांव में नाव डलवाने की प्रशासन से मांग की। प्रधान राजेश्वरी देवी के पुत्र मनोज यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत की करीब 2500 आबादी है। इसमें तीन मजरों के 1400 लोग तो इस तरह फंसे हैं कि बिना नाव वह जिला मुख्यालय पहुंच ही नहीं सकते। सबसे बड़ी दिक्कत बीमार व्यक्तियों को है। उन्होंने प्रशासन से नाव डलवाने की मांग की।