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Farrukhabad News: एटा में चार लोगों की मौत से चार गांवों में कोहराम
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फोटो-1 राजेश कश्यप। फाइल फोटो
नवाबगंज (फर्रुखाबाद)। जनपद एटा के बागवाला क्षेत्र के गांव कीलरमऊ के पास हुई दुर्घटना में नवाबगंज क्षेत्र के तीन गांवों के तीन लोगों की मौत की खबर आते ही कोहराम मच गया। इसके अलावा मेरापुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौगांव के मजरा बबुरी के युवक की भी इस दुर्घटना में जान चली गई। इन गांवों में पूरे दिन परिजन रोते-बिलखते रहे। मरने वाले सभी लोग बृहस्पतिवार शाम को बस से दिल्ली व नोएडा जाने के लिए निकले थे। कोई सब्जी बेचकर परिवार का भरण पोषण कर रहा था तो कोई फैक्टरी में नौकरी करता था। एक युवक फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा देने जा रहा था। कुछ लोग घायल भी हुए हैं।
कस्बा के मोहल्ला पुराना गनीपुर निवासी अजय दीक्षित के पुत्र अभय (23) व प्रभय (21) दिल्ली में किसी कंपनी में काम करते हैं। अभय की एक माह पूर्व शादी हुई थी। तभी छुट्टी लेकर दोनों भाई घर आए थे। दोनों एटा डिपो की बस से दिल्ली जा रहे थे। प्रभय का कहना है कि वह बस की सीट पर बैठकर भाई अभय से बात कर रहा था, तभी कंटेनर की टक्कर लगने से तेज धमाका हुआ। बस करीब दो सौ मीटर तक घिसटती चली गई और बिजली के पोल से टकरा गई। सवारियां एक-दूसरे पर गिर पड़ीं और चीख पुकार मच गई। लोग बचने के लिए सामान छोड़कर बस से उतर कर भागने लगे। बस के अंदर इधर-उधर टक्कर लगने से प्रभय का हाथ टूट गया। उसके भाई के अंदरूनी चोटें आई हैं। अभय ने फोन कर पिता को जानकारी दी। वह अपने वाहन से वहां पहुंच गए। दोनों को घर ले आए।
दिल्ली में सब्जी बेचकर करते थे गुजारा
गांव दौलतपुर निवासी राजेश कश्यप (38) दिल्ली के गोविंद नगर में सब्जी बेचते थे। मंगलवार को वह पत्नी पूनम व बेटा हर्ष व बेटी प्रज्ञा को लेने आए थे। बस से तीनों दिल्ली जा रहे थे। उनके साथ उनका छोटा भाई अवधेश भी था। रास्ते में बस के खराब होने पर राजेश बस में धक्का लगाने लगा और अवधेश पास में खड़ा था। इस बीच कंटेनर की टक्कर लगने पर राजेश की मौत हो गई और अवधेश बचने के लिए सड़क किनारे गड्ढे में कूद गया। पूनम, हर्ष व प्रज्ञा बस में बैठे थे। उन्हें हल्की चोटें आईं। पोस्टमार्टम के बाद सुबह राजेश का शव घर पहुंचा तो वहां भीड़ लग गई।
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भवन निर्माण सामग्री की उधारी निपटाने आए थे घर
उम्मरपुर निवासी शैलेश दिवाकर (35) दिल्ली में किसी फैक्टरी में नौकरी करते थे। उन्होंने कुछ समय पहले ही गांव में अपना पक्का मकान बनवाया था। इसके लिए भवन निर्माण सामग्री उधार ली थी। उसके रुपये अदा करने के लिए सोमवार को घर आए थे। उनकी पत्नी चांदनी, पुत्री परी (4) दिल्ली में ही थीं। शैलेश के भाई राजीव व संजीव भी दिल्ली में रहकर किसी फैक्टरी में काम करते हैं। शैलेश भी बस में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। बेटे शैलेश की मौत से मां कमला देवी, पिता जोगराज रो-रोकर बेहाल हो गए।
फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा देने जा रहा था नोएडा
दुर्घटना में मरने वाला तीसरा युवक बीरसिंहपुर निवासी आशीष सक्सेना उर्फ अंकित (22) है। आशीष नोएडा में यूपी फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा देने बस से जा रहा था। शुक्रवार को दोपहर तीन बजे से उसकी परीक्षा थी। सुबह नौ बजे पहचान होने के बाद परिजन को सूचना मिल सकी। पिता सुरेश चंद्र सक्सेना अन्य परिजन के साथ एटा चले गए। सुरेश चंद्र खेती करते हैं। परिवार में माता रामवती, पिता के अलावा बड़ा भाई अनुज सक्सेना है। तीन बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है।
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नामकरण संस्कार की खुशियों की जगह मचा चीत्कार
मेरापुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौगांव के मजरा बबुरी निवासी सुखराम (30) की भी एटा में हुई दुर्घटना में जान चली गई। वह कई वर्ष से गाजियाबाद में सब्जी की ठेली लगाते थे। वह मंगलवार को अपने गांव बबुरी नौगांव अपने भतीजे के नामकरण संस्कार में शामिल होने आए थे। उनकी अभी शादी नहीं हुई थी। वह पांच भाई शेर सिंह, शिशुपाल, जय चंद्र, पंचम सिंह के बीच तीसरे नंबर का था। मां फूलकली, बहन रोली और पिता राज पाल रो-रोकर बेहाल हो गए। मौत की खबर आते ही परिवार में नामकरण संस्कार की खुशियों की जगह चीत्कार मच गया।
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कस्बा के मोहल्ला पुराना गनीपुर निवासी अजय दीक्षित के पुत्र अभय (23) व प्रभय (21) दिल्ली में किसी कंपनी में काम करते हैं। अभय की एक माह पूर्व शादी हुई थी। तभी छुट्टी लेकर दोनों भाई घर आए थे। दोनों एटा डिपो की बस से दिल्ली जा रहे थे। प्रभय का कहना है कि वह बस की सीट पर बैठकर भाई अभय से बात कर रहा था, तभी कंटेनर की टक्कर लगने से तेज धमाका हुआ। बस करीब दो सौ मीटर तक घिसटती चली गई और बिजली के पोल से टकरा गई। सवारियां एक-दूसरे पर गिर पड़ीं और चीख पुकार मच गई। लोग बचने के लिए सामान छोड़कर बस से उतर कर भागने लगे। बस के अंदर इधर-उधर टक्कर लगने से प्रभय का हाथ टूट गया। उसके भाई के अंदरूनी चोटें आई हैं। अभय ने फोन कर पिता को जानकारी दी। वह अपने वाहन से वहां पहुंच गए। दोनों को घर ले आए।
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दिल्ली में सब्जी बेचकर करते थे गुजारा
गांव दौलतपुर निवासी राजेश कश्यप (38) दिल्ली के गोविंद नगर में सब्जी बेचते थे। मंगलवार को वह पत्नी पूनम व बेटा हर्ष व बेटी प्रज्ञा को लेने आए थे। बस से तीनों दिल्ली जा रहे थे। उनके साथ उनका छोटा भाई अवधेश भी था। रास्ते में बस के खराब होने पर राजेश बस में धक्का लगाने लगा और अवधेश पास में खड़ा था। इस बीच कंटेनर की टक्कर लगने पर राजेश की मौत हो गई और अवधेश बचने के लिए सड़क किनारे गड्ढे में कूद गया। पूनम, हर्ष व प्रज्ञा बस में बैठे थे। उन्हें हल्की चोटें आईं। पोस्टमार्टम के बाद सुबह राजेश का शव घर पहुंचा तो वहां भीड़ लग गई।
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भवन निर्माण सामग्री की उधारी निपटाने आए थे घर
उम्मरपुर निवासी शैलेश दिवाकर (35) दिल्ली में किसी फैक्टरी में नौकरी करते थे। उन्होंने कुछ समय पहले ही गांव में अपना पक्का मकान बनवाया था। इसके लिए भवन निर्माण सामग्री उधार ली थी। उसके रुपये अदा करने के लिए सोमवार को घर आए थे। उनकी पत्नी चांदनी, पुत्री परी (4) दिल्ली में ही थीं। शैलेश के भाई राजीव व संजीव भी दिल्ली में रहकर किसी फैक्टरी में काम करते हैं। शैलेश भी बस में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। बेटे शैलेश की मौत से मां कमला देवी, पिता जोगराज रो-रोकर बेहाल हो गए।
फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा देने जा रहा था नोएडा
दुर्घटना में मरने वाला तीसरा युवक बीरसिंहपुर निवासी आशीष सक्सेना उर्फ अंकित (22) है। आशीष नोएडा में यूपी फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा देने बस से जा रहा था। शुक्रवार को दोपहर तीन बजे से उसकी परीक्षा थी। सुबह नौ बजे पहचान होने के बाद परिजन को सूचना मिल सकी। पिता सुरेश चंद्र सक्सेना अन्य परिजन के साथ एटा चले गए। सुरेश चंद्र खेती करते हैं। परिवार में माता रामवती, पिता के अलावा बड़ा भाई अनुज सक्सेना है। तीन बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है।
नामकरण संस्कार की खुशियों की जगह मचा चीत्कार
मेरापुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौगांव के मजरा बबुरी निवासी सुखराम (30) की भी एटा में हुई दुर्घटना में जान चली गई। वह कई वर्ष से गाजियाबाद में सब्जी की ठेली लगाते थे। वह मंगलवार को अपने गांव बबुरी नौगांव अपने भतीजे के नामकरण संस्कार में शामिल होने आए थे। उनकी अभी शादी नहीं हुई थी। वह पांच भाई शेर सिंह, शिशुपाल, जय चंद्र, पंचम सिंह के बीच तीसरे नंबर का था। मां फूलकली, बहन रोली और पिता राज पाल रो-रोकर बेहाल हो गए। मौत की खबर आते ही परिवार में नामकरण संस्कार की खुशियों की जगह चीत्कार मच गया।

फोटो-1 राजेश कश्यप। फाइल फोटो

फोटो-1 राजेश कश्यप। फाइल फोटो

फोटो-1 राजेश कश्यप। फाइल फोटो

फोटो-1 राजेश कश्यप। फाइल फोटो

फोटो-1 राजेश कश्यप। फाइल फोटो

फोटो-1 राजेश कश्यप। फाइल फोटो