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कान्हा गोशाला में चार गोवंश ने तोड़ा दम
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गांव द्विरान गढ़िया स्थित कान्हा गोशाला में बीमार पड़े गोवंश। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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कमालगंज। कड़ाके की ठंड में पर्याप्त साधनों के अभाव में कान्हा गोशाला में चार गायों ने दम तोड़ दिया। छह से अधिक गोवंश मरणासन्न हैं। सूचना के बावजूद इलाज के लिए पशु डॉक्टर नहीं पहुंचे। शाम को ईओ ने गोशाला पहुंचकर मृत गायों को दफन कराया।
नगर पंचायत की द्विरान गढ़िया गांव में कान्हा गोशाला है। उसमें 265 गोवंश बंद हैं। कड़ाके की ठंड में बेजुबानों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। लिहाजा चार गायों ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा छह से अधिक गोवंश मरणासन्न अवस्था में इधर-उधर पड़ी हैं।
गोशाला परिसर में चारों ओर कीचड़ और दलदल से गोवंश के लिए सूखा स्थान तक नहीं है। लापरवाही इतनी कि बीमार गोवंश के इलाज के लिए पशु डॉक्टर भी गोशाला में नहीं पहुंचे। पालिका के ट्रैक्टर और जेसीबी से मरी गायों को जंगल में दफन कराया गया।
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ईओ मुन्ना कुमार ने बताया कि ठंड से बचाने के लिए पॉलिथीन लगी हैं। मंगलवार से अलाव जलाने के निर्देश दे दिए हैं। पिछले 10 दिनों में 100 गोवंशों को गोशाला में भेजा गया है। अब गोवंशों की संख्या क्षमता से अधिक हो गई। बीमार गोवंशों का इलाज भी कराया जाएगा।
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नगर पंचायत की द्विरान गढ़िया गांव में कान्हा गोशाला है। उसमें 265 गोवंश बंद हैं। कड़ाके की ठंड में बेजुबानों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। लिहाजा चार गायों ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा छह से अधिक गोवंश मरणासन्न अवस्था में इधर-उधर पड़ी हैं।
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गोशाला परिसर में चारों ओर कीचड़ और दलदल से गोवंश के लिए सूखा स्थान तक नहीं है। लापरवाही इतनी कि बीमार गोवंश के इलाज के लिए पशु डॉक्टर भी गोशाला में नहीं पहुंचे। पालिका के ट्रैक्टर और जेसीबी से मरी गायों को जंगल में दफन कराया गया।
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ईओ मुन्ना कुमार ने बताया कि ठंड से बचाने के लिए पॉलिथीन लगी हैं। मंगलवार से अलाव जलाने के निर्देश दे दिए हैं। पिछले 10 दिनों में 100 गोवंशों को गोशाला में भेजा गया है। अब गोवंशों की संख्या क्षमता से अधिक हो गई। बीमार गोवंशों का इलाज भी कराया जाएगा।