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जंगली जानवर की सूचना पर वन विभाग की टीम ने की कांबिंग

Tue, 26 Apr 2022 11:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2022 11:39 PM IST
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Forest department team did combing on the information of wild animal
कायमगंज में टेढ़ी कोन के पास ग्रामीण से पूछताछ करते वन क्षेत्राधिकारी व अन्य। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
कायमगंज। गांव अताईपुर कोहना में वनरोज पर हमले के बाद सोमवार रात ग्रामीण ने एक जंगली जानवर देखा। इसकी सूचना पर वन विभाग की टीम ने टेढ़ीकोन के आसपास बागों में कांबिंग की। जंगली जानवर के पैरों के स्पष्ट निशान न मिलने पर वन विभाग की टीम किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। टीम ने लकड़बग्घा होने की आशंका व्यक्त की है।
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सोमवार सुबह गांव अताईपुर कोहना स्थित एक नर्सरी में वनरोज मरा मिलने से हड़कंप मच गया था। वन विभाग की टीम ने पैरों के निशान की फोटोग्राफी कराई और किसी जानवर द्वारा नोंचे गए वनरोज का पोस्टमार्टम भी कराया, मगर अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं हो सका।
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मंगलवार सुबह गांव बरझाला निवासी एक ग्रामीण ने वन क्षेत्राधिकारी एके अवस्थी को सूचना दी कि वह सोमवार देर रात ट्रैक्टर लेकर घर जा रहा था, तभी टेढ़ीकोन के पास से एक जंगली जानवर को जाते देखा, वह कुछ काले रंग था और संभवत: बाघ हो सकता है। इस पर वन विभाग की टीम टेढ़ीकोन पहुंची।
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वहां उन्होंने आम के बागों में कांबिग की और पैरों के निशान खोजे। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि बाग में आम के पत्ते पड़े होते हैं, इसलिए पैरों के निशान मिलना मुश्किल है।
टीम को सड़क पर मामूली निशान मिले हैं, जो पूरी तरह स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी ने कांबिंग के दौरान खेतों में मौजूद किसानों से कहा कि अगर कोई जंगली जानवर देखें तो इसकी सूचना तुरंत दें। वन विभाग की टीम कांबिग कर वापस आ गई, मगर किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
वन क्षेत्राधिकारी एके अवस्थी ने बताया कि गांव बरझाला के ग्रामीण ने काला और पीछे से हल्के बदन का जानवर बताया है। सड़क पर मिले निशान से कुछ स्पष्ट नहीं हैं। लकड़बग्घे के भी निशान हो सकते हैं।

लकड़बग्घे के निशान छोटे और नुकीले होते हैं। बाघ के पंजे में नुकीलापन नहीं होता है। अनुमान है मरे हुए वनरोज को लकड़बग्घे ने खाया होगा। बाघ मरा हुआ जानवर नहीं खाता है।
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