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Farrukhabad News: छात्राओं के लिए भेजा सूंड़ी व घुन वाला पोहा, सेवईं
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फोटो-24 कस्तूरबा गांधी विद्यालय कायमगंज में भेजे गया पोहा। स्रोत: शिक्षा विभाग
फर्रुखाबाद। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाली फर्म की लापरवाही सामने आई है। कायमगंज स्थित विद्यालय में सूंड़ी व घुन लगा पोहा और सेवईं भेज दी गईं। निरीक्षण करने पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी ने खाद्य सामग्री देखी तो नाराजगी जताई। साथ ही दैनिक उपयोग का आवश्यक सामान भी विद्यालय में न आने की जानकारी दी गई।
जिले में पांच कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। वहां एक फर्म के माध्यम से राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री भेजी जाती है। ग्रीष्मावकाश के बाद एक जुलाई से विद्यालय खुलने पर फर्म ने कुछ विद्यालयों में खाद्य सामग्री देरी से भेजी थी। कायमगंज की वार्डन के मांगने पर वहां दो जुलाई को खाद्य सामग्री भेज दी गई थी। सोमवार को मेन्यू के अनुसार विद्यालय में पोहा व सेवईं बनाने के लिए पैकेट खोला गया तो सूंड़ी व घुन निकले। 15 जुलाई को खंड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश वहां निरीक्षण करने पहुंचे तब वार्डन ने मामले की शिकायत की। उन्होंने पोहा और सेवईं देखी तो उसमें घुन व सूंड़ियां नजर आईं। इसके अलावा अरहर की दाल की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। फर्म ने साबुन, तेल, टूथब्रश, अंडरगारमेंट्स सहित दैनिक उपयोग का कोई भी सामान विद्यालय में नहीं पहुंचाया है।
विद्यालय का सोलर प्लांट पिछले चार वर्ष से खराब है। निरीक्षण के समय 72 छात्राएं उपस्थित मिलीं। विद्यालय में उर्दू, अंग्रेजी और कंप्यूटर विषय के शिक्षक कार्यरत नहीं हैं। दो सहायक रसोइयों और एक चौकीदार का पद भी रिक्त है। खंड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि उन्होंने अपनी निरीक्षण आख्या बीएसए को दे दी है। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता खराब मिलने और दैनिक उपयोग की सामग्री की आपूर्ति न होने का उल्लेख किया है।
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बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि अभी वह जिले से बाहर हैं। यदि ऐसा मामला है तो जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में पांच कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। वहां एक फर्म के माध्यम से राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री भेजी जाती है। ग्रीष्मावकाश के बाद एक जुलाई से विद्यालय खुलने पर फर्म ने कुछ विद्यालयों में खाद्य सामग्री देरी से भेजी थी। कायमगंज की वार्डन के मांगने पर वहां दो जुलाई को खाद्य सामग्री भेज दी गई थी। सोमवार को मेन्यू के अनुसार विद्यालय में पोहा व सेवईं बनाने के लिए पैकेट खोला गया तो सूंड़ी व घुन निकले। 15 जुलाई को खंड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश वहां निरीक्षण करने पहुंचे तब वार्डन ने मामले की शिकायत की। उन्होंने पोहा और सेवईं देखी तो उसमें घुन व सूंड़ियां नजर आईं। इसके अलावा अरहर की दाल की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। फर्म ने साबुन, तेल, टूथब्रश, अंडरगारमेंट्स सहित दैनिक उपयोग का कोई भी सामान विद्यालय में नहीं पहुंचाया है।
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विद्यालय का सोलर प्लांट पिछले चार वर्ष से खराब है। निरीक्षण के समय 72 छात्राएं उपस्थित मिलीं। विद्यालय में उर्दू, अंग्रेजी और कंप्यूटर विषय के शिक्षक कार्यरत नहीं हैं। दो सहायक रसोइयों और एक चौकीदार का पद भी रिक्त है। खंड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि उन्होंने अपनी निरीक्षण आख्या बीएसए को दे दी है। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता खराब मिलने और दैनिक उपयोग की सामग्री की आपूर्ति न होने का उल्लेख किया है।
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बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि अभी वह जिले से बाहर हैं। यदि ऐसा मामला है तो जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

फोटो-24 कस्तूरबा गांधी विद्यालय कायमगंज में भेजे गया पोहा। स्रोत: शिक्षा विभाग