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Farrukhabad News: दो सरकारी केंद्रों पर खरीदा जाएगा पांच लाख मीट्रिक टन आलू
Sat, 25 Apr 2026 01:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 25 Apr 2026 01:14 AM IST
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फोटो-20 सातनपुर मंडी में लगा आलू का ढेर। संवाद
फर्रुखाबाद। आलू की मंदी से परेशान किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है। हाफेड की ओर से 650 रुपये प्रति क्विंटल आलू की सरकारी खरीद की जाएगी। इसके लिए कमालगंज मंडी सहित दो क्रय केंद्र प्रस्तावित हैं। जिले में पांच लाख मीट्रिक टन आलू खरीद का लक्ष्य है।
जनपद के किसान प्रमुख रूप से आलू की खेती करते हैं। इस वर्ष 42950 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की फसल का उत्पादन हुआ। जिले में संचालित 113 शीतगृहों में 10.57 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारण की क्षमता है। इसके सापेक्ष 92 प्रतिशत 9.73 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित किया गया है। इसके अलावा हजारों क्विंटल आलू के अभी खेत व बागों में ढेर लगे हैं। आलू की मंदी की दोहरी मार से किसान टूट चुका है।
मंडी में सामान्य आलू 300 से 500 रुपये क्विंटल बिक रहा है। इससे किसानों की लागत निकलना मुश्किल है। कई किसानों ने तो मंदी के चलते आलू फसल खेत में जोतवा दी। आलू मंदी की दोहरी मार से किसानों की बर्बादी की चीख सरकार तक पहुंची। इस पर सरकार ने अब हाफेड (हॉर्टिकल्चर कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन) के माध्यम से आलू की खरीद करने का निर्णय लिया है।
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इससे सस्ते दामों में बिकने वाले ख्याति, पुखराज आदि हाइब्रिड प्रजाति के आलू उत्पादन करने वाले किसानों को सरकारी खरीद से काफी राहत मिलेगी। हालांकि आलू की कुछ प्रजाति जैसे चिप्सोना, नीदरलैंड, 3797 व फुलवा आलू का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक चल रहा है। इससे इन किसानों को सरकारी खरीद का अधिक लाभ मिलने की उम्मीद कम है।
जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में आलू की सरकारी खरीद के लिए बेवर सड़क स्थित एमडी कोल्ड स्टोर व कमालगंज मंडी में दो क्रय केंद्र बनाए जाएंगे। 650 रुपये प्रति क्विंटल आलू की खरीद की जाएगी। इस संबंध में शासन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश मिल चुके हैं। हालांकि अभी शासनादेश प्राप्त नहीं हुआ है। जिले में पांच लाख मीट्रिक टन आलू की सरकारी खरीद करने का लक्ष्य है।
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जनपद के किसान प्रमुख रूप से आलू की खेती करते हैं। इस वर्ष 42950 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की फसल का उत्पादन हुआ। जिले में संचालित 113 शीतगृहों में 10.57 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारण की क्षमता है। इसके सापेक्ष 92 प्रतिशत 9.73 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित किया गया है। इसके अलावा हजारों क्विंटल आलू के अभी खेत व बागों में ढेर लगे हैं। आलू की मंदी की दोहरी मार से किसान टूट चुका है।
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मंडी में सामान्य आलू 300 से 500 रुपये क्विंटल बिक रहा है। इससे किसानों की लागत निकलना मुश्किल है। कई किसानों ने तो मंदी के चलते आलू फसल खेत में जोतवा दी। आलू मंदी की दोहरी मार से किसानों की बर्बादी की चीख सरकार तक पहुंची। इस पर सरकार ने अब हाफेड (हॉर्टिकल्चर कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन) के माध्यम से आलू की खरीद करने का निर्णय लिया है।
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इससे सस्ते दामों में बिकने वाले ख्याति, पुखराज आदि हाइब्रिड प्रजाति के आलू उत्पादन करने वाले किसानों को सरकारी खरीद से काफी राहत मिलेगी। हालांकि आलू की कुछ प्रजाति जैसे चिप्सोना, नीदरलैंड, 3797 व फुलवा आलू का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक चल रहा है। इससे इन किसानों को सरकारी खरीद का अधिक लाभ मिलने की उम्मीद कम है।
जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में आलू की सरकारी खरीद के लिए बेवर सड़क स्थित एमडी कोल्ड स्टोर व कमालगंज मंडी में दो क्रय केंद्र बनाए जाएंगे। 650 रुपये प्रति क्विंटल आलू की खरीद की जाएगी। इस संबंध में शासन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश मिल चुके हैं। हालांकि अभी शासनादेश प्राप्त नहीं हुआ है। जिले में पांच लाख मीट्रिक टन आलू की सरकारी खरीद करने का लक्ष्य है।