फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Festival of Dhamma Yatra, Buddha Vows, scripture

धम्म यात्रा, बुद्ध वचन, धर्मपाठ से महोत्सव का समापन

Sun, 13 Oct 2019 06:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 13 Oct 2019 06:30 PM IST
विज्ञापन
Festival of Dhamma Yatra, Buddha Vows, scripture
संकिसा बौद्ध स्तूप के पास धर्म पाठ करते बौद्ध भिक्षु। - फोटो : FARRUKHABAD
बुद्ध महोत्सव में रविवार को धम्मयात्रा का तथागत भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष भिक्षु धम्मपाल थौरे ने मोमबत्ती प्रज्ज्वलित कर ‘बुद्धम शरणं गच्छामि’ उद्घोष के साथ शुभारंभ किया। हजारों अनुयायी जयकारे लगाते हुए बौद्ध स्तूप तक पहुंचे। तीन परिक्रमा करने के बाद बुद्ध वचन, धर्मपाठ किया गया। महोत्सव संयोजक ने जुटे अनुयायियों को लेकर भगवान बुद्ध की कृपा पर धन्यवाद दिया। इसी के साथ महोत्सव का समापन कर दिया गया।
विज्ञापन

धर्म लोको बुद्ध विहार प्रबंध समिति के बैनर तले सुबह साढ़े सात बजे धम्मयात्रा का शानदार तरीके से शुभारंभ हुआ। रथ पर तथागत भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष प्रार्थना की गई। बैंडबाजों के साथ सबसे आगे बौद्ध भिक्षु चले। इसके पीछे जनसमूह था।
विज्ञापन

बुद्धम शरणं गच्छामि, बुद्ध धर्म की क्या पहचान- मानव-मानव एक समान, एक-दो-तीन-चार-बौद्ध धर्म की जय-जयकार आदि नारे लगाते चल रहे थे। करीब एक घंटे बाद धर्मयात्रा स्तूप परिसर में प्रविष्ट हुई। परिक्रमा मार्ग पर बौद्ध भिक्षु, भंतेगण और उसके पीछे भीड़ ने स्तूप की तीन बार परिक्रमा की। बाद में सभी अनुयायी एक स्थान पर बैठ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

संकिसा भिक्षु एसोसिएशन के अध्यक्ष भिक्षु डा.धम्मपाल थैरो ने बुद्ध वंदना कराई। मोमबत्ती, अगरबत्ती लगाकर पूजापाठ किया। इसके बाद पाली भाषा में धर्मपाठ कराया। उन्होंने कहा कि बुद्ध वचन पाली भाषा में हैं। हम सभी लोग यहां पुण्य कमाने आए हैं। आज का दिन बड़ा पवित्र है।
शरद पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध से 500 भिक्षुओं को दीक्षा मिली थी। भगवान बुद्ध के पहले शिष्य ब्राह्मण थे। इसी स्तूप पर भगवान बुद्ध, ब्रह्मा और इंद्र के बीच में बैठकर सोने की सीढ़ी से उतरे थे। मुख्य आयोजक कर्मवीर शाक्य ने कहा कि कभी यहां पर केवल पांच-छह लोग ही आया करते थे, लेकिन आज अपार जनसमूह देख गदगद हूं।
इस मौके पर भिक्षु नंदरतन थैरो, भिक्षु पंडित थैरो, भिक्षु धम्मकीर्ति, भिक्षु संघतीर्थ, अश्वघोष, भंते धम्म रतन, ज्ञानलोक थैरो, करमापा थैरो, सहसंयोजक देवेश शाक्य आदि तमाम युवा, बुजुर्ग, बहनें मौजूद रहीं। सुरक्षा व्यवस्था में एसडीएम सदर अनिल कुमार, सीओ कायमगंज अवनीश कुमार, तहसीलदार सदर राजू कुमार समेत पुलिस, पीएसी तैनात रही।

काली नदी पुलिस ने रोक दिया रथ
भगवान बुद्ध के लिए भोगांव से रथ मंगाया गया था। रथ सुबह छह बजे जब काली नदी पुल के पास जिले की सीमा में प्रवेश किया, तो वहीं बैरियर पर पुलिस ने रोक दिया। करीब एक घंटे खड़ा होने के बाद जब आयोजक कर्मवीर शाक्य को पता चला, तो उन्होंने सीओ अवनीश कुमार से शिकायत की। इस पर थानाध्यक्ष मेरापुर को भेजकर रथ मंगवाया गया। इससे आधा घंटा विलंब हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed