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खाद की किल्लत, चार रैक डीएपी व एनपीके शासन से मांगी
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फर्रुखाबाद। जनपद में इन दिनों आलू व रबी की फसलों की बुआई के बीच डीएपी व एनपीके खाद की किल्लत है। इससे किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
इसे देखते हुए सीडीओ ने शासन को पत्र लिखकर चार रैक डीएपी व एनपीके खाद शीघ्र ही भेजने की मांग की है।
इन दिनों आलू व रबी की फसलों की बुआई चल रही है। इससे डीएपी व एनपीके खाद के लिए सहकारी समितियों से लेकर दुकानों पर किसानों की भीड़ लग रही है।
निजी दुकानों पर कालाबाजारी भी तेज हो गई है। मांग के मुताबिक किसानों को खाद न मिल पाने से आलू बुआई भी पिछड़ रही है। किल्लत को देखते हुए प्रभारी जिलाधिकारी /सीडीओ एम. अरून्मोली ने शुक्रवार को कृषि निदेशक(उर्वरक अनुभाग) को पत्र भेजा।
इसमें कहा कि जिले के किसान आलू की अगैती फसल सितंबर के अंतिम सप्ताह में बोते हैं। इसमें प्रचुर मात्रा में डीएपी व एनपीके खाद डाली जाती है।
बारिश हो जाने से सितंबर में बुआई नहीं हो सकी थी। अब एक साथ बुआई शुरू होने से खाद की मांग बढ़ी है। इससे जरूरत के मुताबिक किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। उन्होंने परिस्थितियों को देखते हुए सहकारी समितियों के लिए 4800 मीट्रिक टन व निजी दुकानों के लिए 4800 मीट्रिक टन डीएपी व एनपीके खाद शीघ्र ही भेजने का अनुरोध किया है।
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जिले में 3348 टन बची डीएपी
शासन को भेजे पत्र में कहा कि जिले में इस वर्ष 25,800 मीट्रिक टन खपत का अनुमान है। इसके सापेक्ष अभी तक 11,802 मीट्रिक टन खाद मिली है। 8,454 टन वितरण होने के बाद 3,348 टन डीएपी शेष बची है। वहीं एनपीके खाद 16000 मीट्रिक टन की जरूरत है, जबकि 12292 टन खाद मिली है। इसमें 6710 टन एनपीके का वितरण हो जाने से अब स्टॉक में 5582 मीट्रिक टन खाद बची है।
20 समितियों पर डीएपी भेजने के निर्देश
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक विजय कुमार अग्रवाल ने पीसीएफ जिला प्रबंधक को 20 समितियों को डीएपी तत्काल भेजने के निर्देश दिए हैं।कहा कि अर्रापहाड़पुर स्थित गोदाम में डीएपी उपलब्ध होने के बावजूद समितियों पर न भेजे जाने से वितरण नहीं हो रहा है। उन्होंने कायमगंज ब्लाक क्षेत्र में सहकारी समिति बहवलपुर, शादनगर व सहकारी संघ बरखेड़ा, शमसाबाद की नगला नान, खिनमिनी, बघऊ, नवाबगंज की बबना, मईरसीदपुर, गठवाया, भटासा, मोहम्मदाबाद की धीरपुर, मेरापुर, राजेपुर में अलीगढ़, कुबेरपुर, कुतलूपुर, बरुआ, नयागांव, हुसैनपुर हड़ाई व बढ़पुर में सहकारी समिति सातनपुर में डीएपी पहुंचाने के निर्देश दिए।
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इसे देखते हुए सीडीओ ने शासन को पत्र लिखकर चार रैक डीएपी व एनपीके खाद शीघ्र ही भेजने की मांग की है।
इन दिनों आलू व रबी की फसलों की बुआई चल रही है। इससे डीएपी व एनपीके खाद के लिए सहकारी समितियों से लेकर दुकानों पर किसानों की भीड़ लग रही है।
निजी दुकानों पर कालाबाजारी भी तेज हो गई है। मांग के मुताबिक किसानों को खाद न मिल पाने से आलू बुआई भी पिछड़ रही है। किल्लत को देखते हुए प्रभारी जिलाधिकारी /सीडीओ एम. अरून्मोली ने शुक्रवार को कृषि निदेशक(उर्वरक अनुभाग) को पत्र भेजा।
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इसमें कहा कि जिले के किसान आलू की अगैती फसल सितंबर के अंतिम सप्ताह में बोते हैं। इसमें प्रचुर मात्रा में डीएपी व एनपीके खाद डाली जाती है।
बारिश हो जाने से सितंबर में बुआई नहीं हो सकी थी। अब एक साथ बुआई शुरू होने से खाद की मांग बढ़ी है। इससे जरूरत के मुताबिक किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। उन्होंने परिस्थितियों को देखते हुए सहकारी समितियों के लिए 4800 मीट्रिक टन व निजी दुकानों के लिए 4800 मीट्रिक टन डीएपी व एनपीके खाद शीघ्र ही भेजने का अनुरोध किया है।
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जिले में 3348 टन बची डीएपी
शासन को भेजे पत्र में कहा कि जिले में इस वर्ष 25,800 मीट्रिक टन खपत का अनुमान है। इसके सापेक्ष अभी तक 11,802 मीट्रिक टन खाद मिली है। 8,454 टन वितरण होने के बाद 3,348 टन डीएपी शेष बची है। वहीं एनपीके खाद 16000 मीट्रिक टन की जरूरत है, जबकि 12292 टन खाद मिली है। इसमें 6710 टन एनपीके का वितरण हो जाने से अब स्टॉक में 5582 मीट्रिक टन खाद बची है।
20 समितियों पर डीएपी भेजने के निर्देश
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक विजय कुमार अग्रवाल ने पीसीएफ जिला प्रबंधक को 20 समितियों को डीएपी तत्काल भेजने के निर्देश दिए हैं।कहा कि अर्रापहाड़पुर स्थित गोदाम में डीएपी उपलब्ध होने के बावजूद समितियों पर न भेजे जाने से वितरण नहीं हो रहा है। उन्होंने कायमगंज ब्लाक क्षेत्र में सहकारी समिति बहवलपुर, शादनगर व सहकारी संघ बरखेड़ा, शमसाबाद की नगला नान, खिनमिनी, बघऊ, नवाबगंज की बबना, मईरसीदपुर, गठवाया, भटासा, मोहम्मदाबाद की धीरपुर, मेरापुर, राजेपुर में अलीगढ़, कुबेरपुर, कुतलूपुर, बरुआ, नयागांव, हुसैनपुर हड़ाई व बढ़पुर में सहकारी समिति सातनपुर में डीएपी पहुंचाने के निर्देश दिए।