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मोहल्लों में नहीं पहुंची टीमें, 14 लाख लोगों को खिला दी दवा
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फर्रुखाबाद। जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान 12 मई से छह जून तक चला। इस दौरान 14 लाख लोगों को दवा खिलाने का दावा किया जा रहा है। कई ऐसे मोहल्ले हैं जिनमें दवा खिलाने वाली टीमें पहुंचीं ही नहीं। इससे अभियान की हकीकत का अंदाजा लगाना काफी आसान है।
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में 237 टीमें व ग्रामीण क्षेत्र में 1263 टीमें लगाई गईं थीं। अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमों को घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया की दवा अपने सामने खिलानी थी। जिले में 18 लाख 72 हजार 700 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य था। विभाग के अनुसार, अब तक करीब 14 लाख लोगों को दवा खिलाई जा चुकी है।
हकीकत यह है कि शहर के अधिकांश मोहल्लों व कई गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें गईं ही नहीं। जिन स्थानों पर टीमें गईं वहां अपने सामने दवा खिलाने की बजाय गोलियां बांटकर चली आईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बीसीएम कागजी खानापूरी कर लक्ष्य पूरा करने में जुटे हैं। यदि लाभार्थियों की सूची देख उनकी मौके पर जांच कर ली जाए तो हकीकत खुलकर सामने आ जाएगी।
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नगरीय क्षेत्र के कई मोहल्लों में लोगों को अभियान की जानकारी तक नहीं है। फतेहगढ़ के मोहल्ला भूसामंडी, हाथीखाना, गाड़ीखाना, ग्रानगंज, वनखड़िया आदि मोहल्लों के लोगों ने बताया कि फाइलेरिया की दवा खिलाने उनके यहां कोई टीम नहीं आई और न ही उन लोगों ने दवा खाई है।
जिला मलेरिया अधिकारी केपी द्विवेदी ने बताया कि मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी सीएचसी प्रभारी व फीडिंग की जिम्मेदारी बीसीपीएम की है। सीएचसी से 14 लाख लोगों को दवा खिलाने की उन्हें रिपोर्ट मिली है। उन्होंने स्वीकार किया कि शहर के मोहल्लों में टीमें न पहुंचने की शिकायत मिली है। फिलहाल 12 जून तक के लिए अभियान बढ़ा दिया गया है। अभियान पूरा होने पर वह अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेंगे।
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फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में 237 टीमें व ग्रामीण क्षेत्र में 1263 टीमें लगाई गईं थीं। अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमों को घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया की दवा अपने सामने खिलानी थी। जिले में 18 लाख 72 हजार 700 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य था। विभाग के अनुसार, अब तक करीब 14 लाख लोगों को दवा खिलाई जा चुकी है।
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हकीकत यह है कि शहर के अधिकांश मोहल्लों व कई गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें गईं ही नहीं। जिन स्थानों पर टीमें गईं वहां अपने सामने दवा खिलाने की बजाय गोलियां बांटकर चली आईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बीसीएम कागजी खानापूरी कर लक्ष्य पूरा करने में जुटे हैं। यदि लाभार्थियों की सूची देख उनकी मौके पर जांच कर ली जाए तो हकीकत खुलकर सामने आ जाएगी।
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नगरीय क्षेत्र के कई मोहल्लों में लोगों को अभियान की जानकारी तक नहीं है। फतेहगढ़ के मोहल्ला भूसामंडी, हाथीखाना, गाड़ीखाना, ग्रानगंज, वनखड़िया आदि मोहल्लों के लोगों ने बताया कि फाइलेरिया की दवा खिलाने उनके यहां कोई टीम नहीं आई और न ही उन लोगों ने दवा खाई है।
जिला मलेरिया अधिकारी केपी द्विवेदी ने बताया कि मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी सीएचसी प्रभारी व फीडिंग की जिम्मेदारी बीसीपीएम की है। सीएचसी से 14 लाख लोगों को दवा खिलाने की उन्हें रिपोर्ट मिली है। उन्होंने स्वीकार किया कि शहर के मोहल्लों में टीमें न पहुंचने की शिकायत मिली है। फिलहाल 12 जून तक के लिए अभियान बढ़ा दिया गया है। अभियान पूरा होने पर वह अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेंगे।