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मालागाड़ी- ट्रैक्टर की भिड़ंत में दोषी गेटमैन बर्खास्त
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फर्रुखाबाद। कमालगंज-फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच 22 दिन पूर्व नगला पजाबा रेलवे क्रॉसिंग पर मालगाड़ी और आलू भरे ट्रैक्टर-ट्राली में भिड़ंत हुई थी। दुर्घटना की रेलवे ने राजपत्रित अफसरों से जांच कराई, तो गेटमैन दोषी पाया गया। लिहाजा विभाग ने उसे बर्खास्त कर दिया है। दुर्घटना के बाद गेट तोड़ने में सहयोगियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
कानपुर से मथुरा जा रही मालगाड़ी से नगला पजाबा रेलवे क्रासिंग पर तीन नवंबर की शाम पौने पांच बजे आलू भरी ट्रैक्टर-ट्राली टकरा गई थी। दुर्घटना में करीब 200 मीटर दूर तक इंजन में ट्राली फंसकर घिसटती हुई पहुंच गई थी। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंचे आरपीएफ और रेलवे के कन्नौज सेक्शन और स्थानीय अफसरों ने आसपास लोगों से पूछताछ की, तो गेटमैन की लापरवाही सामने आई। इस पर डीआरएम इज्जतनगर ने राजपत्रित अधिकारियों की टीम बनाकर जांच कराई। उन्होंने 20 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए। इसके बाद सौंपी रिपोर्ट में गेटमैन रवेंद्र कुमार यादव को दोषी माना गया। रेलवे अफसरों ने गेटमैन को बर्खास्त कर दिया। कन्नौज सेक्शन के एक जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि 16 नवंबर को बर्खास्तगी कर दी गई थी। डीआरएम के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि यह रेलवे का अंदरुनी मामला है। इसलिए बताया नहीं जा सकता।
रेलवे के सूत्र बताते हैं कि जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि ट्रैक्टर जब एक तरफ से घुस गया था, इसके बाद गेटमैन ने गेट बंद किया था। इसीलिए घुसने की तरफ वाले गेट में टक्कर के कोई भी निशान नहीं मिले। बाद में उसे कुछ साथियों की मदद से तोड़ा गया। लिहाजा अब गेट तोड़ने में गेटमैन की मदद करने वालों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
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कानपुर से मथुरा जा रही मालगाड़ी से नगला पजाबा रेलवे क्रासिंग पर तीन नवंबर की शाम पौने पांच बजे आलू भरी ट्रैक्टर-ट्राली टकरा गई थी। दुर्घटना में करीब 200 मीटर दूर तक इंजन में ट्राली फंसकर घिसटती हुई पहुंच गई थी। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंचे आरपीएफ और रेलवे के कन्नौज सेक्शन और स्थानीय अफसरों ने आसपास लोगों से पूछताछ की, तो गेटमैन की लापरवाही सामने आई। इस पर डीआरएम इज्जतनगर ने राजपत्रित अधिकारियों की टीम बनाकर जांच कराई। उन्होंने 20 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए। इसके बाद सौंपी रिपोर्ट में गेटमैन रवेंद्र कुमार यादव को दोषी माना गया। रेलवे अफसरों ने गेटमैन को बर्खास्त कर दिया। कन्नौज सेक्शन के एक जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि 16 नवंबर को बर्खास्तगी कर दी गई थी। डीआरएम के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि यह रेलवे का अंदरुनी मामला है। इसलिए बताया नहीं जा सकता।
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रेलवे के सूत्र बताते हैं कि जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि ट्रैक्टर जब एक तरफ से घुस गया था, इसके बाद गेटमैन ने गेट बंद किया था। इसीलिए घुसने की तरफ वाले गेट में टक्कर के कोई भी निशान नहीं मिले। बाद में उसे कुछ साथियों की मदद से तोड़ा गया। लिहाजा अब गेट तोड़ने में गेटमैन की मदद करने वालों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
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