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जलेंगे दीप और फूटेंगे पटाखे
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शहर के घुमना बाजार में भगवान गणेश की मूर्ति देखती महिला। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। दिवाली पर पूजन के लिए बुधवार को लोगों ने खील, खिलौने, दीये, झालर, नमकीन, मिठाई, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां और आतिशबाजी खरीदी। हालांकि बिजली की झालरों से ज्यादातर व्यवसायिक, सरकारी और निजी भवन जमगमा रहे हैं लेकिन गुरुवार शाम को शुभ मुहूर्त में पूजन के बाद दीये जलाकर आतिशबाजी जलाई जाएगी। बुधवार शाम को छोटी दिवाली पर भी दीये जलाए गए।
बाजार में मिट्टी के दीये 10 रुपये में 10 और खील 100 से 110 रुपये प्रति किलो में मिली। दो दिन पहले 80 रुपये बिकने वाले खिलौने का भाव 100 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। गणेश-लक्ष्मी की छोटी मूर्ति 50 रुपये की थी। पिछले वर्ष की तूलना में 20 रुपये की वृद्धि हुई।
लोहाई रोड पर नमकीन की दुकानों और क्रिश्चियन इंटर कॉलेज मैदान पटाखा बाजार में भी भीड़ रही। बिजली से चलने वाली झालरें भी खूब खरीदी गईं।
बाजार में तीन पहिया और चार पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित था लेकिन गलियों से कारें और ई-रिक्शा पहुंचने से जाम लग गया। घुमना तिराहे पर कई बार वाहनों की लंबी कतारें लगीं। सबसे ज्यादा चौक पर स्थिति खराब रही।
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पटाखों के धुएं से सांस-हृदय रोगी बचें
दिवाली में पटाखों की धूम के बीच सांस व हृदय रोगी अपना बचाव रखें। पटाखों का धुआं उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। बचाव के लिए मास्क लगाकर रहें। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.मनोज पांडेय ने बताया कि इन दिनों हवा में नमी होने से प्रदूषण की मात्रा बढ़ने लगती है। धूल, धुआं व कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाएं। जिन्हें हाल ही में हार्ट अटैक आया हो, उन्हें विशेष सतर्क रहना है। पटाखे की आवाज से धड़कन तेज होने के साथ धमनियां सिकुड़ती हैं। इससे दिल के रोगियों को दिक्कत हो सकती है। डॉ.ऋषिनाथ गुप्ता ने कहा कि अस्थमा के मरीज बाहर निकलने से परहेज करें। यदि बाहर जाएं तो इन्हेलर साथ रखें। धुएं के करीब न जाएं।
बच्चों को पटाखों से दूर रखें
लोहिया अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.शिवाशीश उपाध्याय ने कहाकि छोटे बच्चों को पटाखों से दूर रखें। पटाखों के धुएं से बच्चों की आंखों में परेशानी हो सकती है। गंभीर एलर्जी होने की आशंका भी रहती है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.सर्वेश यादव ने सलाह दी पटाखों से जलने के बाद शरीर पर टूथपेस्ट न लगाएं। जले स्थान पर पानी डालना चाहिए। यदि आंख में पटाखे का कोई कण चला जाए तो उसे रगड़ें नहीं। अस्पताल जाएं।
इन बातों का रखें ध्यान
हाथ में पकड़कर पटाखा न जलाएं, कान में रुई लगाकर पटाखे जलाएं, आस-पास रेत व पानी रखें, कान सुन्न होने पर डॉक्टर की सलाह लें। सांस तेज या सांस लेने में दिक्कत होने पर, घबराहट या खांसी आधिक आने पर, सीने में दर्द या थकान महसूस होने पर, स्किन, होंठ या नाखूनों पर नीले रंग पड़ने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
छठ पूजा महोत्सव 10 नवंबर से
फर्रुखाबाद। छठ पूजा समिति की देखरेख में दो दिनी छठ पूजा महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समिति अध्यक्ष केदार साह ने बताया कि महोत्सव का आयोजन पांचाल घाट स्थित पहली सीढ़ी पर होगा। 10 नवंबर शाम चार बजे सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। 11 नवंबर को सुबह साढ़े पांच बजे अर्घ्य होगा। इसके बाद आरती और प्रसाद वितरण कार्यक्रम किया जाएगा।
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बाजार में मिट्टी के दीये 10 रुपये में 10 और खील 100 से 110 रुपये प्रति किलो में मिली। दो दिन पहले 80 रुपये बिकने वाले खिलौने का भाव 100 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। गणेश-लक्ष्मी की छोटी मूर्ति 50 रुपये की थी। पिछले वर्ष की तूलना में 20 रुपये की वृद्धि हुई।
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लोहाई रोड पर नमकीन की दुकानों और क्रिश्चियन इंटर कॉलेज मैदान पटाखा बाजार में भी भीड़ रही। बिजली से चलने वाली झालरें भी खूब खरीदी गईं।
बाजार में तीन पहिया और चार पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित था लेकिन गलियों से कारें और ई-रिक्शा पहुंचने से जाम लग गया। घुमना तिराहे पर कई बार वाहनों की लंबी कतारें लगीं। सबसे ज्यादा चौक पर स्थिति खराब रही।
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पटाखों के धुएं से सांस-हृदय रोगी बचें
दिवाली में पटाखों की धूम के बीच सांस व हृदय रोगी अपना बचाव रखें। पटाखों का धुआं उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। बचाव के लिए मास्क लगाकर रहें। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.मनोज पांडेय ने बताया कि इन दिनों हवा में नमी होने से प्रदूषण की मात्रा बढ़ने लगती है। धूल, धुआं व कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाएं। जिन्हें हाल ही में हार्ट अटैक आया हो, उन्हें विशेष सतर्क रहना है। पटाखे की आवाज से धड़कन तेज होने के साथ धमनियां सिकुड़ती हैं। इससे दिल के रोगियों को दिक्कत हो सकती है। डॉ.ऋषिनाथ गुप्ता ने कहा कि अस्थमा के मरीज बाहर निकलने से परहेज करें। यदि बाहर जाएं तो इन्हेलर साथ रखें। धुएं के करीब न जाएं।
बच्चों को पटाखों से दूर रखें
लोहिया अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.शिवाशीश उपाध्याय ने कहाकि छोटे बच्चों को पटाखों से दूर रखें। पटाखों के धुएं से बच्चों की आंखों में परेशानी हो सकती है। गंभीर एलर्जी होने की आशंका भी रहती है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.सर्वेश यादव ने सलाह दी पटाखों से जलने के बाद शरीर पर टूथपेस्ट न लगाएं। जले स्थान पर पानी डालना चाहिए। यदि आंख में पटाखे का कोई कण चला जाए तो उसे रगड़ें नहीं। अस्पताल जाएं।
इन बातों का रखें ध्यान
हाथ में पकड़कर पटाखा न जलाएं, कान में रुई लगाकर पटाखे जलाएं, आस-पास रेत व पानी रखें, कान सुन्न होने पर डॉक्टर की सलाह लें। सांस तेज या सांस लेने में दिक्कत होने पर, घबराहट या खांसी आधिक आने पर, सीने में दर्द या थकान महसूस होने पर, स्किन, होंठ या नाखूनों पर नीले रंग पड़ने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
छठ पूजा महोत्सव 10 नवंबर से
फर्रुखाबाद। छठ पूजा समिति की देखरेख में दो दिनी छठ पूजा महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समिति अध्यक्ष केदार साह ने बताया कि महोत्सव का आयोजन पांचाल घाट स्थित पहली सीढ़ी पर होगा। 10 नवंबर शाम चार बजे सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। 11 नवंबर को सुबह साढ़े पांच बजे अर्घ्य होगा। इसके बाद आरती और प्रसाद वितरण कार्यक्रम किया जाएगा।