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फर्रुखाबाद : जंजालीनगला में कटान से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश

Thu, 04 Aug 2022 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 04 Aug 2022 11:51 PM IST
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Farrukhabad: Instruction for people to go to safer places due to cutting in Janjalingala
गांव जंजाली नगला में कटान करतीं गंगा। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
कमालगंज। गांव जंजालीनगला में मकानों के पास गंगा की मुख्य धारा बहने और कटान होने से 62 परिवारों के 300 लोग भयभीत हैं। गुरुवार दोपहर डीएम ने एसडीएम और तहसीलदार के साथ गांव में हो रहे कटान का जायजा लिया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है। पीड़ितों को ठहराने के लिए डीएम ने रामलीला मैदान के पास गेस्टहाउस का भी निरीक्षण किया।
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ग्राम पंचायत बहोरनपुर टप्पाहवेली के गांव जंजालीनगला में मकानों से लगकर बह रहीं गंगा तेजी से कटान कर रहीं हैं। किसी भी समय जगदीश, विश्राम, रामलड़ैते और कुछ अन्य गांव वालों के मकान कट सकते हैं। इसके बाद गांव के अन्य परिवार चपेट में आ सकते हैं। बाढ़ व कटान के विकराल रूप से लोग परेशान हैं।
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डीएम संजय कुमार सिंह ने एसडीएम सदर संजय कुमार सिंह व तहसीलदार श्रद्धा पांडेय के साथ दोपहर को गांव पहुंचकर बाढ़ व कटान का निरीक्षण किया। सिंचाई विभाग द्वारा लगाई गईं बल्लियां और जियो ट्यूब पानी में डूबे मिले।
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डीएम के बाढ़ चौकी पूछने पर एसडीएम ने बताया कि कस्बे में रामलीला मैदान के पास गेस्टहाउस व नगर पंचायत के बरात घर में चौकी बनाई गई है। बाद में डीएम ने गेस्टहाउस का भी जायजा लिया। प्रभारी निरीक्षक अमर पाल सिंह ने भी गांव पहुंचकर कहा कि लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे। कहा कि नवीस मंडी में भी बाढ़ चौकी बन सकती है।
गांव के 46 वर्षीय राकेश ने बताया कि जब वह सात साल के थे तो गंगा छह किलोमीटर दूर राजेपुर ब्लाक के सबासी गांव के पास बहती थी। जंजालीनगला के पास आते-आते करीब 20 गांव का अस्तित्व खत्म कर चुकी है। पिछले साल ही पास में बसे कल्लूनगला, कुशवाहा नगला व धारानगला गांव को समेट चुकीं हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन में गंगा बढ़ने व कटान से जगदीश, नंदकिशोर, सीतराम, विश्राम, मिन्नी, पन्नालाल, अनिल, सूबेदार सहित 20 किसानों के खेत और अमरूद के बाग गंगा में चले गए। एसडीएम ने बताया कि गत वर्ष कटे गांवों के 52 पीड़ितों को मुआवजा के लिए फाइल डीएम को भेज दी गई है।
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