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फर्रुखाबाद: एसडीएम समेत दो के खिलाफ परिवाद दर्ज, मारपीट व रुपये मांगने का आरोप
Fri, 26 Mar 2021 07:00 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 26 Mar 2021 07:00 PM IST
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद में कायमगंज तहसील क्षेत्र के एसडीएम समेत दो के खिलाफ ग्रामीण ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया है। इसमें जमीन बंटवारे के मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने, मारपीट करने, एक लाख रुपये मांगने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
कायमगंज कोतवाली के गांव नुनवारा निवासी अनवर जमाल खां उर्फ चांदमियां ने कायमगंज के एसडीएम नरेंद्र सिंह, उनके कर्मचारी अंकित कुमार के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया है। इसमें कहा कि कंपिल क्षेत्र के गांव कुंवरपुर ईमलाक में पिता की जमीन है।
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कायमगंज कोतवाली के गांव नुनवारा निवासी अनवर जमाल खां उर्फ चांदमियां ने कायमगंज के एसडीएम नरेंद्र सिंह, उनके कर्मचारी अंकित कुमार के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया है। इसमें कहा कि कंपिल क्षेत्र के गांव कुंवरपुर ईमलाक में पिता की जमीन है।
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इसके अन्य सह खातेदार आसफ जमा खां से बंटवारे को लेकर एसडीएम कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। एसडीएम ने मुकदमे में समझौते के लिए उस पर दबाव बनाया। उससे 20 हजार रुपये की मांग की। धन की व्यवस्था न होने पर एसडीएम ने पुलिस से उसे 26 फरवरी को गिरफ्तार करा लिया।
27 फरवरी को उसका शांतिभंग में चालान किया गया। एसडीएम ने उसे जेल भेज दिया। भाई को धमकी देकर सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराए। इसके बाद 3 मार्च को उसकी जमानत मंजूर की। रिहाई परवाना जेल भेजने के लिए एक लाख रुपये मांगने और मुकदमे में समझौते का दबाव बनाया।
भाई ने रुपये नहीं दिए, जिससे 14 दिन बाद परवाना रिहाई भेजा। तब वह जेल से छूट पाया। 16 मार्च को मुकदमे की पत्रावली की नकल लेने तहसील गया। एसडीएम को जानकारी हुई तो लिपिक से उसे अपने कमरे में बुलवाया। वहां एसडीएम व उनके कर्मचारी ने गालीगलौज कर मारपीट कर कक्ष से बाहर निकाल दिया। सुनवाई के बाद एसडीएम व उनके कर्मचारी के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दर्ज किया गया। पीड़ित के बयान दर्ज करने के लिए सात अप्रैल की तारीख लगाई गई है।
27 फरवरी को उसका शांतिभंग में चालान किया गया। एसडीएम ने उसे जेल भेज दिया। भाई को धमकी देकर सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराए। इसके बाद 3 मार्च को उसकी जमानत मंजूर की। रिहाई परवाना जेल भेजने के लिए एक लाख रुपये मांगने और मुकदमे में समझौते का दबाव बनाया।
भाई ने रुपये नहीं दिए, जिससे 14 दिन बाद परवाना रिहाई भेजा। तब वह जेल से छूट पाया। 16 मार्च को मुकदमे की पत्रावली की नकल लेने तहसील गया। एसडीएम को जानकारी हुई तो लिपिक से उसे अपने कमरे में बुलवाया। वहां एसडीएम व उनके कर्मचारी ने गालीगलौज कर मारपीट कर कक्ष से बाहर निकाल दिया। सुनवाई के बाद एसडीएम व उनके कर्मचारी के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दर्ज किया गया। पीड़ित के बयान दर्ज करने के लिए सात अप्रैल की तारीख लगाई गई है।