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Farrukhabad News: गिरे खंभे, टूटे तार, आंधी-पानी ने खोली व्यवस्था की पोल
Thu, 22 May 2025 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 22 May 2025 11:58 PM IST
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चौमुखा मंदिर शमसाबाद के पास 11 हजार लाइन पर टूटकर गिरा स्ट्रीट लाइट का पोल।
- फोटो : संवाद
फर्रुखाबाद। बुधवार की रात मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। रात करीब 10:30 बजे आसमान में बादल छा गए। कुछ ही देर में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। आंधी व बारिश ने शहर से लेकर गांव तक जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया।
टूटे बिजली के खंभे और सड़क पर गिरे पेड़ों की वजह से यातायात ठप हो गया। हालत यह रही कि सफर में निकले लोग रातभर घर नहीं पहुंच सके। सड़क पर ताश के पत्तों की तरह पेड़ और बिजली के पोल हटाने में विभागीय कर्मचारी रातभर पसीना बहाते रहे। जिसके बावजूद भी जिले के कस्बों और गांव में अंधेरा पसरा रहा। बिजली व्यवस्था बहाल करने में विभाग को 20 घंटे से भी ज्यादा समय लगा।
20 घंटे बाद भी हजियांपुर उपकेंद्र चालू नहीं, 80 गांवों की बिजली गुल : शमसाबाद में देर रात तेज आंधी-पानी के चलते शमसाबाद और हजियांपुर उपकेंद्र बंद हो गए। चौमुखे महादेव मंदिर व रसीदपुर के पास दो बिजली के पोल व लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं हजियांपुर उपकेंद्र क्षेत्र में 13 बिजली के पोल टूट गए।
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रात भर दोनों उपकेंद्रों के बंद रहने से करीब 140 गावों की बिजली रात भर गुल रही। गुरुवार दोपहर करीब दो बजे शमसाबाद उपकेंद्र चालू किया जा सका। वहीं हजियांपुर उपकेंद्र पर गुरुवार दूसरे दिन भी पोलों को बदलने व क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने का कार्य जारी था।
इसके चलते इस उपकेंद्र से जुड़े 80 गांवों की बिजली गुल थी। हजियांपुर उपकेंद्र के जेई नईम अख्तर ने बताया कि शाम छह बजे तक टूटे पोलों को बदलवाकर उपकेंद्र चालू करा दिया जाएगा।
चरमराई जिले की बिजली व्यवस्था, अंधेरे में डूबे सैकड़ों गांव : बुधवार देर शाम आई आंधी-पानी से जिले की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। जगह-जगह बिजली के पोल व पेड़ की डालें टूटकर गिरने से लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। ट्रिपिंग का सिलसिला पूरी रात चलता रहा।
बधौआ में पेड़ की डाल गिरने से 400 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया। ट्राॅली ट्रांसफार्मर लगाकर सुबह सप्लाई चालू की गई। हिंदुस्तान होटल के पीछे 33 हजार केवी लाइन में फाल्ट हो गया। करीब दो घंटे बाद फाल्ट ठीक कर आपूर्ति चालू की गई। ठंडी सड़क उपकेंद्र की सप्लाई सुबह 8:15 बजे चालू हो सकी। रेलवे रोड फीडर सुबह करीब 8:45 बजे चालू हो सका। कमालगंज क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिर गया, जिससे लाइन ब्रेकडाउन हो गई। दोपहर करीब 12:15 बजे आपूर्ति बहाल की जा सकी। जसमई के पास पेड़ टूटकर गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
लकूला व कादरीगेट के पास पेड़ की डालें टूटकर गिरने से लाइनें टूट गईं, जिन्हें ठीक कराया गया। नवाबगंज क्षेत्र के बवना में पेड़ की डाल गिरने से 33 केवी मुख्यलाइन बंद हो गई। गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे लाइन चालू हुई। इससे करीब 150 गांवों की आपूर्ति 24 घंटे तक बंद रही। जरारी, कमालगंज व हुसैनपुर तराई फीडर भी दोपहर 1:20 बजे के बाद चालू हो सके।
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टूटे बिजली के खंभे और सड़क पर गिरे पेड़ों की वजह से यातायात ठप हो गया। हालत यह रही कि सफर में निकले लोग रातभर घर नहीं पहुंच सके। सड़क पर ताश के पत्तों की तरह पेड़ और बिजली के पोल हटाने में विभागीय कर्मचारी रातभर पसीना बहाते रहे। जिसके बावजूद भी जिले के कस्बों और गांव में अंधेरा पसरा रहा। बिजली व्यवस्था बहाल करने में विभाग को 20 घंटे से भी ज्यादा समय लगा।
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20 घंटे बाद भी हजियांपुर उपकेंद्र चालू नहीं, 80 गांवों की बिजली गुल : शमसाबाद में देर रात तेज आंधी-पानी के चलते शमसाबाद और हजियांपुर उपकेंद्र बंद हो गए। चौमुखे महादेव मंदिर व रसीदपुर के पास दो बिजली के पोल व लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं हजियांपुर उपकेंद्र क्षेत्र में 13 बिजली के पोल टूट गए।
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रात भर दोनों उपकेंद्रों के बंद रहने से करीब 140 गावों की बिजली रात भर गुल रही। गुरुवार दोपहर करीब दो बजे शमसाबाद उपकेंद्र चालू किया जा सका। वहीं हजियांपुर उपकेंद्र पर गुरुवार दूसरे दिन भी पोलों को बदलने व क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने का कार्य जारी था।
इसके चलते इस उपकेंद्र से जुड़े 80 गांवों की बिजली गुल थी। हजियांपुर उपकेंद्र के जेई नईम अख्तर ने बताया कि शाम छह बजे तक टूटे पोलों को बदलवाकर उपकेंद्र चालू करा दिया जाएगा।
चरमराई जिले की बिजली व्यवस्था, अंधेरे में डूबे सैकड़ों गांव : बुधवार देर शाम आई आंधी-पानी से जिले की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। जगह-जगह बिजली के पोल व पेड़ की डालें टूटकर गिरने से लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। ट्रिपिंग का सिलसिला पूरी रात चलता रहा।
बधौआ में पेड़ की डाल गिरने से 400 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया। ट्राॅली ट्रांसफार्मर लगाकर सुबह सप्लाई चालू की गई। हिंदुस्तान होटल के पीछे 33 हजार केवी लाइन में फाल्ट हो गया। करीब दो घंटे बाद फाल्ट ठीक कर आपूर्ति चालू की गई। ठंडी सड़क उपकेंद्र की सप्लाई सुबह 8:15 बजे चालू हो सकी। रेलवे रोड फीडर सुबह करीब 8:45 बजे चालू हो सका। कमालगंज क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिर गया, जिससे लाइन ब्रेकडाउन हो गई। दोपहर करीब 12:15 बजे आपूर्ति बहाल की जा सकी। जसमई के पास पेड़ टूटकर गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
लकूला व कादरीगेट के पास पेड़ की डालें टूटकर गिरने से लाइनें टूट गईं, जिन्हें ठीक कराया गया। नवाबगंज क्षेत्र के बवना में पेड़ की डाल गिरने से 33 केवी मुख्यलाइन बंद हो गई। गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे लाइन चालू हुई। इससे करीब 150 गांवों की आपूर्ति 24 घंटे तक बंद रही। जरारी, कमालगंज व हुसैनपुर तराई फीडर भी दोपहर 1:20 बजे के बाद चालू हो सके।