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गबन : भूमि का फर्जी ब्योरा भरकर 56 किसानों को बांट दिए 60 लाख
Tue, 30 Dec 2025 01:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 30 Dec 2025 01:02 AM IST
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फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 68 लाख के गबन का खुलासा होने के बाद 60 लाख के खेल का और खुलासा हुआ है। बीमा कंपनी व बैंक कर्मियों की मिलीभगत से भूमि का फर्जी ब्योरा भरकर क्लेम बांट दिया गया। इससे बीमा व बैंक कर्मियों के साथ 56 और किसानों पर कार्रवाई तय है। फसल बीमा योजना में गबन की धनराशि बढ़कर करीब एक करोड़ 28 लाख रुपये पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जिले के 232 किसानों को 2.28 करोड़ रुपये क्लेम दिया गया है। इसमें वास्तविक किसानों को कम और फर्जी किसानों को लाखों का भुगतान कर दिया गया। बुंदेलखंड में फसल बीमा में गबन का खुलासा होने के बाद जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी व उपकृषि निदेशक ने सतर्कता के साथ जांच शुरू करा दी। इसके लिए तहसीलवार नायब तहसीलदार, कानूनगो व एडीओ कृषि की कमेटी ने जांच की तो घोटाले की परतें खुलने लगी।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव बंथलशाहपुर, अमृतपुर क्षेत्र के गांव गुड़ेरा व बलीपट्टी में 32 किसानों को 68 लाख रुपये फर्जी तरीके से भुगतान करने में तीन बीमा कर्मी व नौ बैंक शाखा प्रबंधकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। अभी पांच गांवों की जांच चल रही है।
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विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि बढ़पुर ब्लॉक के गांव कटरी गंगपुर के सात, राजेपुर क्षेत्र के गांव सवासी के आठ, सुंदरपुर के 14, कायमगंज क्षेत्र के गांव मिस्तनी के 12 व शाहीपुर के 15 किसानों को करीब 60 लाख रुपये नियम विरुद्ध तरीके से बीमा क्लेम का भुगतान किया गया है। इन किसानों की भूमि का ब्योरा फर्जी भर दिया।
खास बात तो यह है कि बंदरबांट के खेल में कई किसानों की भूमि रेत की दिखाकर उसमें आलू व सरसों की फसल का मुआवजा दे दिया गया है। जबकि रेत में यह दोनों फसलें होती ही नहीं और उन किसानों के नाम तो रेत की भी भूमि नहीं है। जांच लगभग पूरी हो चुकी है। इससे 56 किसान, बीमा कंपनी के कर्मचारी व बैंक शाखा प्रबंधकों का फंसना तय है। इससे फसल बीमा में गबन की धनराशि बढ़ एक करोड़ 28 लाख रुपये पहुंच गई है। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने पर दोषियों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कराई जाएगी।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जिले के 232 किसानों को 2.28 करोड़ रुपये क्लेम दिया गया है। इसमें वास्तविक किसानों को कम और फर्जी किसानों को लाखों का भुगतान कर दिया गया। बुंदेलखंड में फसल बीमा में गबन का खुलासा होने के बाद जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी व उपकृषि निदेशक ने सतर्कता के साथ जांच शुरू करा दी। इसके लिए तहसीलवार नायब तहसीलदार, कानूनगो व एडीओ कृषि की कमेटी ने जांच की तो घोटाले की परतें खुलने लगी।
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जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव बंथलशाहपुर, अमृतपुर क्षेत्र के गांव गुड़ेरा व बलीपट्टी में 32 किसानों को 68 लाख रुपये फर्जी तरीके से भुगतान करने में तीन बीमा कर्मी व नौ बैंक शाखा प्रबंधकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। अभी पांच गांवों की जांच चल रही है।
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विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि बढ़पुर ब्लॉक के गांव कटरी गंगपुर के सात, राजेपुर क्षेत्र के गांव सवासी के आठ, सुंदरपुर के 14, कायमगंज क्षेत्र के गांव मिस्तनी के 12 व शाहीपुर के 15 किसानों को करीब 60 लाख रुपये नियम विरुद्ध तरीके से बीमा क्लेम का भुगतान किया गया है। इन किसानों की भूमि का ब्योरा फर्जी भर दिया।
खास बात तो यह है कि बंदरबांट के खेल में कई किसानों की भूमि रेत की दिखाकर उसमें आलू व सरसों की फसल का मुआवजा दे दिया गया है। जबकि रेत में यह दोनों फसलें होती ही नहीं और उन किसानों के नाम तो रेत की भी भूमि नहीं है। जांच लगभग पूरी हो चुकी है। इससे 56 किसान, बीमा कंपनी के कर्मचारी व बैंक शाखा प्रबंधकों का फंसना तय है। इससे फसल बीमा में गबन की धनराशि बढ़ एक करोड़ 28 लाख रुपये पहुंच गई है। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने पर दोषियों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कराई जाएगी।