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Farrukhabad News: मिस्तनी के मनरेगा कार्यों में 22 लाख का गबन
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संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। कायमगंज ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मिस्तनी में सांसद की शिकायत पर मनरेगा कार्यों की जांच की गई। इसमें 22 लाख रुपये काम से अधिक भुगतान कर गबन होने की पुष्टि हुई। जांच कमेटी ने गबन की धनराशि प्रधान, सचिव व अवर अभियंता से वसूल करने की संस्तुति की है।
भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने 17 मई को जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह से शिकायत की थी कि कायमगंज की ग्राम पंचायत मिस्तनी में मनरेगा के कार्यों में जमकर धांधली की गई। वर्ष 2020-21 व 2021-22 में मनरेगा से काम न कराकर भुगतान कराने ओर दूसरी ग्राम पंचायत में काम कराकर भुगतान निकालने का आरोप लगाया था। इस पर डीएम ने डीडीओ योगेंद्र कुमार पाठक, अधिशासी अभियंता आरईडी व सहायक अभियंता डीआरडीए की कमेटी गठित कर जांच कराई।
गत माह कमेटी ने गांव पहुंचकर मनरेगा से नाली निर्माण व इंटरलॉकिंग के 17 कार्यों की जांच की। इसमें काम से अधिक भुगतान का मामला निकला। खास बात तो यह है कि आरईडी के अवर अभियंता ने इन सभी कार्यों का तकनीकी सहायक को दरकिनार कर इस्टीमेट बनाने के साथ सीधे एमबी कर भुगतान करा दिया। नियमानुसार तकनीकी सहायक द्वारा इस्टीमेट और एमबी की जाती है। इसके बाद जेई के अनुमोदन के बाद भुगतान होता है।
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जांच कमेटी ने 22 लाख एक हजार 919 रुपये के गबन होने की पुष्टि की। इसमें वर्ष 2020-21 में तत्कालीन ग्राम प्रधान शिवम, सचिव कमल, अवर अभियंता राजीव गोयल, जबकि वर्ष 2021-22 में ग्राम प्रधान राजकुमारी, सचिव जयवीर सिंह व अवर अभियंता राजीव गोयल को दोषी ठहराते हुए धनराशि वसूलने की संस्तुति की। खास बात तो यह है कि अवर अभियंता को किसी भी अधिकारी ने ग्राम पंचायत आवंटित की नहीं की। अनाधिकृत रूप से दुरभि संधि कर जेई ने भुगतान कराया है।
अंत्येष्टि स्थल की जांच दबी
ग्राम पंचायत मिस्तनी में गत वर्ष अंत्येष्टि स्थल के निर्माण में गोलमाल किया गया। निर्माण पर करीब छह लाख रुपये खर्च कर 24 लाख का भुगतान निकाल लिया गया था। मामले का खुलासा होने पर खलबली मची। इसके बाद अधिकारियों ने दबाव बनाकर निर्माण कार्य पूरा करा दिया, लेकिन जांच रिपोर्ट दबाकर जिम्मेदारों को कार्रवाई से बचा लिया गया था।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि मनरेगा कार्यों में अनियमितता करने वालों से वसूली की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अंत्येष्टि स्थल की जांच रिपोर्ट भी तलब की जाएगी।
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फर्रुखाबाद। कायमगंज ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मिस्तनी में सांसद की शिकायत पर मनरेगा कार्यों की जांच की गई। इसमें 22 लाख रुपये काम से अधिक भुगतान कर गबन होने की पुष्टि हुई। जांच कमेटी ने गबन की धनराशि प्रधान, सचिव व अवर अभियंता से वसूल करने की संस्तुति की है।
भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने 17 मई को जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह से शिकायत की थी कि कायमगंज की ग्राम पंचायत मिस्तनी में मनरेगा के कार्यों में जमकर धांधली की गई। वर्ष 2020-21 व 2021-22 में मनरेगा से काम न कराकर भुगतान कराने ओर दूसरी ग्राम पंचायत में काम कराकर भुगतान निकालने का आरोप लगाया था। इस पर डीएम ने डीडीओ योगेंद्र कुमार पाठक, अधिशासी अभियंता आरईडी व सहायक अभियंता डीआरडीए की कमेटी गठित कर जांच कराई।
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गत माह कमेटी ने गांव पहुंचकर मनरेगा से नाली निर्माण व इंटरलॉकिंग के 17 कार्यों की जांच की। इसमें काम से अधिक भुगतान का मामला निकला। खास बात तो यह है कि आरईडी के अवर अभियंता ने इन सभी कार्यों का तकनीकी सहायक को दरकिनार कर इस्टीमेट बनाने के साथ सीधे एमबी कर भुगतान करा दिया। नियमानुसार तकनीकी सहायक द्वारा इस्टीमेट और एमबी की जाती है। इसके बाद जेई के अनुमोदन के बाद भुगतान होता है।
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जांच कमेटी ने 22 लाख एक हजार 919 रुपये के गबन होने की पुष्टि की। इसमें वर्ष 2020-21 में तत्कालीन ग्राम प्रधान शिवम, सचिव कमल, अवर अभियंता राजीव गोयल, जबकि वर्ष 2021-22 में ग्राम प्रधान राजकुमारी, सचिव जयवीर सिंह व अवर अभियंता राजीव गोयल को दोषी ठहराते हुए धनराशि वसूलने की संस्तुति की। खास बात तो यह है कि अवर अभियंता को किसी भी अधिकारी ने ग्राम पंचायत आवंटित की नहीं की। अनाधिकृत रूप से दुरभि संधि कर जेई ने भुगतान कराया है।
अंत्येष्टि स्थल की जांच दबी
ग्राम पंचायत मिस्तनी में गत वर्ष अंत्येष्टि स्थल के निर्माण में गोलमाल किया गया। निर्माण पर करीब छह लाख रुपये खर्च कर 24 लाख का भुगतान निकाल लिया गया था। मामले का खुलासा होने पर खलबली मची। इसके बाद अधिकारियों ने दबाव बनाकर निर्माण कार्य पूरा करा दिया, लेकिन जांच रिपोर्ट दबाकर जिम्मेदारों को कार्रवाई से बचा लिया गया था।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि मनरेगा कार्यों में अनियमितता करने वालों से वसूली की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अंत्येष्टि स्थल की जांच रिपोर्ट भी तलब की जाएगी।