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Farrukhabad News: पहले हुआ 39.21 फीसदी काम, अब 3000 करोड़ का मिला लक्ष्य
Tue, 18 Nov 2025 12:24 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 18 Nov 2025 12:24 AM IST
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फोटो-11 ठंडी सड़क स्थित जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र कार्यालय। संवाद
फर्रुखाबाद। सरकार की मंशा है कि हर जिला उद्योगों का हब बने। करीब डेढ़ साल पहले हुई ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 39.21 फीसदी काम हुआ। इस बार 3000 करोड़ का लक्ष्य दिया गया है।
विभाग ने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए काम शुरू कर दिया है। जिले में उद्योगों की संख्या तेजी से बढ़े, इसके लिए शासन स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के चलते 19 फरवरी 2024 को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-4.0 (जीबीसी) का आयोजन किया गया था।
इसमें जिले को 1400 करोड़ रुपये से उद्योग लगाने का लक्ष्य दिया गया था। जिम्मेदार जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के अफसरों के लाख प्रयास के बावजूद 549 करोड़ रुपये से उद्योग लगाए गए। यह लक्ष्य का मात्र 39.21 फीसदी काम है। इस पर शासन ने खासा असंतोष व्यक्त किया। मगर जिले के अफसरों को जीबीसी-5.0 के लिए एक बड़ा टास्क तय कर दिया।
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शासन ने इस बार नवंबर के अंतिम सप्ताह में जीबीसी करने का फैसला किया है। इसके लिए 3000 करोड़ रुपये का जिले को लक्ष्य दिया गया है। शासन की मंशा है कि इतनी रकम से नए उद्योगों को हर हाल में खड़ा कराना है। फिलहाल जीबीसी की तारीख तय नहीं की गई है।
विभाग के अधिकारी स्थानीय ही नहीं बड़े शहरों के उद्यमियों को बुलाने के लिए तेजी से संपर्क कर रहे हैं। खिमसेपुर औद्योगिक क्षेत्र में करीब 500 करोड़ से लगने वाली बीयर फैक्टरी को जिले की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अभी तक जिले में एक्सप्रेसवे न होने के कारण दिक्कतें आ रही थीं। अब लिंक एक्सप्रेसवे की स्वीकृति के बाद हालात बदले हैं। आने वाले दिनों में बड़े उद्योगों का आना तय है। जीबीसी-5.0 के लिए 1070 करोड़ रुपये के उद्योगों का शामिल होना तय हो गया है। अभी यह लक्ष्य और बढ़ेगा।
-सत्यम शुक्ला, उद्यम प्रभारी, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केद्र।
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विभाग ने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए काम शुरू कर दिया है। जिले में उद्योगों की संख्या तेजी से बढ़े, इसके लिए शासन स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के चलते 19 फरवरी 2024 को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-4.0 (जीबीसी) का आयोजन किया गया था।
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इसमें जिले को 1400 करोड़ रुपये से उद्योग लगाने का लक्ष्य दिया गया था। जिम्मेदार जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के अफसरों के लाख प्रयास के बावजूद 549 करोड़ रुपये से उद्योग लगाए गए। यह लक्ष्य का मात्र 39.21 फीसदी काम है। इस पर शासन ने खासा असंतोष व्यक्त किया। मगर जिले के अफसरों को जीबीसी-5.0 के लिए एक बड़ा टास्क तय कर दिया।
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शासन ने इस बार नवंबर के अंतिम सप्ताह में जीबीसी करने का फैसला किया है। इसके लिए 3000 करोड़ रुपये का जिले को लक्ष्य दिया गया है। शासन की मंशा है कि इतनी रकम से नए उद्योगों को हर हाल में खड़ा कराना है। फिलहाल जीबीसी की तारीख तय नहीं की गई है।
विभाग के अधिकारी स्थानीय ही नहीं बड़े शहरों के उद्यमियों को बुलाने के लिए तेजी से संपर्क कर रहे हैं। खिमसेपुर औद्योगिक क्षेत्र में करीब 500 करोड़ से लगने वाली बीयर फैक्टरी को जिले की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अभी तक जिले में एक्सप्रेसवे न होने के कारण दिक्कतें आ रही थीं। अब लिंक एक्सप्रेसवे की स्वीकृति के बाद हालात बदले हैं। आने वाले दिनों में बड़े उद्योगों का आना तय है। जीबीसी-5.0 के लिए 1070 करोड़ रुपये के उद्योगों का शामिल होना तय हो गया है। अभी यह लक्ष्य और बढ़ेगा।
-सत्यम शुक्ला, उद्यम प्रभारी, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केद्र।