{"_id":"649c812553d33a28880abe14","slug":"due-to-rise-in-the-water-level-of-ganga-the-belongings-of-the-sons-of-ganga-flowed-away-farrukhabad-news-c-222-1-frk1001-1-2023-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: गंगा का जलस्तर बढ़ने से बहा गंगापुत्रों का सामान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: गंगा का जलस्तर बढ़ने से बहा गंगापुत्रों का सामान
Thu, 29 Jun 2023 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 29 Jun 2023 12:21 AM IST
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से किनारे बसे गांव व घाटों में पानी भर गया। इससे ग्रामीणों में खलबली मच गई। पांचालघाट पर 28 गंगापुत्रों के घाटों में पानी भर जाने के कारण बहुत सामान भीग गया। गंगापुत्र अपने सामान को ठेलियों आदि की मदद से ऊंचाई वाले स्थानों पर ले गए। गंगा में जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते गंगा किनारे रहने वाले लोगों तथा तलहटी की बसावट को ऊंचे स्थलों पर जाने की सलाह दी गई है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश और नरौरा बांध से छोड़े जा रहे पानी के कारण विगत देर रात अचानक जल में बढ़ोतरी शुरू हुई। मंगलवार को गंगा का जलस्तर विलोगेज था। गंगा में नरौरा बांध से 48653 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बुधवार को भी 35320 क्यूसेक पानी छोड़ने से गंगा के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो गई। इसके चलते गंगा का जलस्तर 134.95 मीटर पर पहुंच गया। अचानक जलस्तर में 4-5 फीट की हुई बढ़ोतरी से गंगापुत्रों के घाट तथा दुकानों में पानी भर गया। गंगापुत्र मनोज कुमार ने बताया कि आधी रात से जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हुई।
सुबह होते-होते लगभग 4 फीट पानी बढ़ने से दुकानों और झोपड़ियों में पानी अंदर तक घुस गया। सामान को भीगने से बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुबह भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसको देखते हुए सभी गंगापुत्रों ने अपना सामान समेटकर ऊंचाई वाले क्षेत्र में रखना शुरू किया। गंगापुत्र ने बताया कि जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी के कारण सभी का लगभग 1.5 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। घाटों में पानी भर जाने से काफी सामान गंगा में बह गया है। रात से ही गंगा पुत्र अपनी अपनी झोपड़ी, तख्त व अन्य सामान पानी से निकाल कर ऊंचे स्थान पर ले जा रहे है।
विज्ञापन
अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा के किनारे बसे गांव तीसराम की मड़ैया, हरसिंहपुर कायस्थ, उगरपुर, करनपुर घाट, मंझा, सैदापुर, सुंदरपुर आदि गांव में खलबली मच गई है। तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने बताया है कि गंगा का जल स्तर बढ़ा है। लेकिन अभी किसी गांव में कोई खतरा नहीं है। सभी लेखपालों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
वहीं अधिशासी अभियंता सिंचाई दुर्ण कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बरसात का पानी आ रहा है। 15 जून के बाद निचले स्थानों पर रहने वाले लोगों को स्वयं ऊंचाई वाले स्थानों पर चले जाना चाहिए। बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने तलहटी वाले स्थानों तथा गंगा के किनारे रहने वालों को ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
विज्ञापन
पहाड़ों पर हो रही बारिश और नरौरा बांध से छोड़े जा रहे पानी के कारण विगत देर रात अचानक जल में बढ़ोतरी शुरू हुई। मंगलवार को गंगा का जलस्तर विलोगेज था। गंगा में नरौरा बांध से 48653 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बुधवार को भी 35320 क्यूसेक पानी छोड़ने से गंगा के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो गई। इसके चलते गंगा का जलस्तर 134.95 मीटर पर पहुंच गया। अचानक जलस्तर में 4-5 फीट की हुई बढ़ोतरी से गंगापुत्रों के घाट तथा दुकानों में पानी भर गया। गंगापुत्र मनोज कुमार ने बताया कि आधी रात से जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हुई।
विज्ञापन
सुबह होते-होते लगभग 4 फीट पानी बढ़ने से दुकानों और झोपड़ियों में पानी अंदर तक घुस गया। सामान को भीगने से बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुबह भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसको देखते हुए सभी गंगापुत्रों ने अपना सामान समेटकर ऊंचाई वाले क्षेत्र में रखना शुरू किया। गंगापुत्र ने बताया कि जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी के कारण सभी का लगभग 1.5 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। घाटों में पानी भर जाने से काफी सामान गंगा में बह गया है। रात से ही गंगा पुत्र अपनी अपनी झोपड़ी, तख्त व अन्य सामान पानी से निकाल कर ऊंचे स्थान पर ले जा रहे है।
विज्ञापन
अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा के किनारे बसे गांव तीसराम की मड़ैया, हरसिंहपुर कायस्थ, उगरपुर, करनपुर घाट, मंझा, सैदापुर, सुंदरपुर आदि गांव में खलबली मच गई है। तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने बताया है कि गंगा का जल स्तर बढ़ा है। लेकिन अभी किसी गांव में कोई खतरा नहीं है। सभी लेखपालों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
वहीं अधिशासी अभियंता सिंचाई दुर्ण कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बरसात का पानी आ रहा है। 15 जून के बाद निचले स्थानों पर रहने वाले लोगों को स्वयं ऊंचाई वाले स्थानों पर चले जाना चाहिए। बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने तलहटी वाले स्थानों तथा गंगा के किनारे रहने वालों को ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है।