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Farrukhabad News: डॉक्टर नदारद, भटकते रहे मरीज
Wed, 22 Oct 2025 11:39 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 22 Oct 2025 11:39 PM IST
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फोटो-17, ईएनटी सर्जन का इंतजार करते मरीज। संवाद
फर्रुखाबाद। अवकाश के बाद बुधवार को आधे दिन के लिए खुली लोहिया अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर नदारद रहे। ऐसे में दूरदराज से आए मरीज भटकने को मजबूर हो गए। आर्थो व ईएनटी सर्जन नहीं पहुंचे। लिहाजा मरीजों को इलाज नहीं मिल सका।
दिवाली को लेकर मंगलवार को अस्पताल में अवकाश रहा। जबकि 20, 22 और 23 अक्तूबर को ओपीडी में मरीजों का आधा दिन यानी दोपहर साढ़े 11 बजे तक ही इलाज किया जाएगा। बुधवार को ओपीडी खुली, मगर डॉक्टर नदारद रहे। सुबह 11 बजे के बाद तक न तो आर्थो सर्जन पहुंचे और न ही ईएनटी सर्जन। यहां तक की हृदय रोग विशेषज्ञ की कुर्सी भी खाली पड़ी रही।
बालरोग विशेषज्ञ भी कुछ देर मरीजों को देखने के बाद पौने 11 बजे सीट से उठ गए। इसके बाद आए बच्चों को इलाज नहीं मिल सका। ऐसे में दूरदराज से आने वाले मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डॉक्टर के न आने से मरीज बिना इलाज ही लौट गए। ओपीडी में 250 मरीजों के पर्चे बनाए गए।
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उधर, लोहिया पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि मरीजों की संख्या काफी कम थी। कुछ डॉक्टर राउंड पर थे। उनके पास किसी ने शिकायत नहीं की। वह इस मामले को दिखवाएंगे। आधे दिन की ओपीडी में डॉक्टर अपनी सीट पर मिलेंगे।
बैठे रहे मरीज व कर्मचारी, नहीं हुए प्लास्टर
प्लास्टर रूम के बाहर करीब प्लास्टर कराने के लिए करीब 15 मरीज बैठे रहे। अंदर मौजूद कर्मचारी उन्हें डॉक्टर के आने पर उनसे लिखवाने की बात कहते रहे। साढ़े 11 बजे तक डॉक्टर के अपने कमरे में न आने से मरीज मायूस होकर लौटने को मजबूर हो गए।
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दिवाली को लेकर मंगलवार को अस्पताल में अवकाश रहा। जबकि 20, 22 और 23 अक्तूबर को ओपीडी में मरीजों का आधा दिन यानी दोपहर साढ़े 11 बजे तक ही इलाज किया जाएगा। बुधवार को ओपीडी खुली, मगर डॉक्टर नदारद रहे। सुबह 11 बजे के बाद तक न तो आर्थो सर्जन पहुंचे और न ही ईएनटी सर्जन। यहां तक की हृदय रोग विशेषज्ञ की कुर्सी भी खाली पड़ी रही।
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बालरोग विशेषज्ञ भी कुछ देर मरीजों को देखने के बाद पौने 11 बजे सीट से उठ गए। इसके बाद आए बच्चों को इलाज नहीं मिल सका। ऐसे में दूरदराज से आने वाले मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डॉक्टर के न आने से मरीज बिना इलाज ही लौट गए। ओपीडी में 250 मरीजों के पर्चे बनाए गए।
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उधर, लोहिया पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि मरीजों की संख्या काफी कम थी। कुछ डॉक्टर राउंड पर थे। उनके पास किसी ने शिकायत नहीं की। वह इस मामले को दिखवाएंगे। आधे दिन की ओपीडी में डॉक्टर अपनी सीट पर मिलेंगे।
बैठे रहे मरीज व कर्मचारी, नहीं हुए प्लास्टर
प्लास्टर रूम के बाहर करीब प्लास्टर कराने के लिए करीब 15 मरीज बैठे रहे। अंदर मौजूद कर्मचारी उन्हें डॉक्टर के आने पर उनसे लिखवाने की बात कहते रहे। साढ़े 11 बजे तक डॉक्टर के अपने कमरे में न आने से मरीज मायूस होकर लौटने को मजबूर हो गए।

फोटो-17, ईएनटी सर्जन का इंतजार करते मरीज। संवाद