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विषम परिस्थिति में भी भगवान की भक्ति न छोड़ें: आचार्य लाला दुबे
Tue, 27 May 2025 11:39 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 27 May 2025 11:39 PM IST
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ताजपुर में श्रीमद्भागवत में भक्ति में लीन श्रद्धालु।
- फोटो : ताजपुर में श्रीमद्भागवत में भक्ति में लीन श्रद्धालु।
कमालगंज। ब्लाॅक क्षेत्र के प्राचीन हनुमान मंदिर ताजपुर में मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन भक्त प्रह्लाद की कथा का गुणगान किया गया। मधुर धुनों के बीच भजन व कथा के माध्यम से भक्ति का संदेश दिया गया। कथा व्यास ने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी भगवान की भक्ति नहीं छोड़नी चाहिए।
आचार्य लाला दुबे ने पूजन व हवन पश्चात कथा आरंभ की। कथा व्यास ने कहा कि भक्त प्रह्लाद ने हिरण्यकश्यप के अत्याचार की परवाह किए बिना भगवान की भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा। भगवान विष्णु ने नरसिंह का अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का अंत किया। निष्ठापूर्वक भक्ति से व्यक्ति को अवश्य ही सफलता मिलती है और दुष्टों का नाश होता है।
स्वामी प्रेमदास के निर्देशन में मंदिर की सजावट हुई। परीक्षित पप्पू श्रीवास्तव, नन्हीं देवी रहीं। वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों के बीच संगीतमय भजनों की सुरसरिता में श्रद्धालु डूब गए। गौरव श्रीवास्तव, सोनू राजपूत, रामदत्त, लालू श्रीवास्तव, मधुर, ब्रजेश राजपूत व रंजीत ने व्यवस्थाएं संभालीं।
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आचार्य लाला दुबे ने पूजन व हवन पश्चात कथा आरंभ की। कथा व्यास ने कहा कि भक्त प्रह्लाद ने हिरण्यकश्यप के अत्याचार की परवाह किए बिना भगवान की भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा। भगवान विष्णु ने नरसिंह का अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का अंत किया। निष्ठापूर्वक भक्ति से व्यक्ति को अवश्य ही सफलता मिलती है और दुष्टों का नाश होता है।
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स्वामी प्रेमदास के निर्देशन में मंदिर की सजावट हुई। परीक्षित पप्पू श्रीवास्तव, नन्हीं देवी रहीं। वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों के बीच संगीतमय भजनों की सुरसरिता में श्रद्धालु डूब गए। गौरव श्रीवास्तव, सोनू राजपूत, रामदत्त, लालू श्रीवास्तव, मधुर, ब्रजेश राजपूत व रंजीत ने व्यवस्थाएं संभालीं।
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