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नर्सिंगहोम में मरीज उतारने पर डीएम ने बैठाई जांच

Wed, 23 Dec 2020 11:44 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Dec 2020 11:44 PM IST
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DM set up an investigation after landing a patient in the nursing home
फर्रुखाबाद। नियमों को दरकिनार कर सरकारी एंबुलेंस के नर्सिंगहोम में मरीज ले जाने के मामले में डीएम ने जांच बैठा दी है। डीएम ने सीएमओ को पूरे मामले में जवाब तलब किया था। सीएमओ ने एंबुलेंस संचालक कंपनी के प्रोग्राम मैनेजर से मरीज उतारने वाली एंबुलेंस के संबंध में बिंदुवार स्पष्टीकरण देने को कहा है। इससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
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सरकारी एंबुलेंस से नर्सिंग होम में दो बार मरीजों को उतारा गया। इसमें अमर उजाला ने 13 नवंबर और फिर 21 नवंबर को प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थीं। डीएम मानवेंद्र सिंह ने सरकारी एंबुलेंस के नर्सिंगहोम में मरीज को उतारने की खबर को गंभीरता से लिया। उन्होंने सीएमओ डॉ. वंदना सिंह को पत्र भेजकर पूरे मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए। डीएम का पत्र मिलते ही सीएमओ ने एंबुलेंस संचालक कंपनी के प्रोग्राम मैनेजर से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस मामले की जांच करके आख्या प्रस्तुत करें। डीएम की ओर से जांच बैठाने के बाद से एंबुलेंस कर्मियों में हड़कंप मच गया है।
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जिले की ही थी मरीज उतारने वाली एंबुलेंस
मरीज उतारने वाली एंबुलेंस को दूसरे जिले की बताने में अधिकारी जुटे हैं। जबकि सच यह है कि दुर्घटना में घायल युवक को लोहिया में भर्ती कराया गया था। उसी मरीज को एक भाजपा नेता के कहने पर नर्सिंग होम ले जाया गया था। खबर छपने के बाद उसी मरीज को दोबारा लोहिया अस्पताल लाकर रेफर कराया गया था। इस सच को छिपाने में अधिकारी लगे हैं।
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...तो फंसेगा स्टाफ और अफसर
अस्पताल में मरीज उतारने वाली एंबुलेंस का नंबर प्रकाश में आ गया, तो उसके स्टाफ का फंसना तय है। यही नहीं अभी तक सच्चाई को छिपाने में लगे जिम्मेदार अफसरों का भी बचना मुश्किल होगा।

‘सीएमओ का पत्र मिल गया है। शीघ्र ही पूरे मामले में विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जिले की सभी गाड़ियां उसी लोकेशन से लोहिया अस्पताल आती हैं, इसीलिए लोकेेशन ट्रेस होने में दिक्कत है।’
-सौरभ कुमार, प्रोग्राम मैनेजर, सरकारी एंबुलेंस।
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