फर्रुखाबाद। कलक्ट्रेट सभागार में वृहस्पतिवार शाम जिलाधिकारी ने आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं से बिना बात किए मनमाने ढंग से निस्तारण पर अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी।
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने वाले अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आवदेकों से वार्ता न करना अनुशासनहीनता व अपराध है। लगातार साप्ताहिक व मासिक समीक्षा करने के बावजूद सुधार नहीं हो रहा है। जिन अधिकारियों के आवेदक से संपर्क के प्रकरण शून्य नहीं होंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने वालों में सीडीपीओ मोहम्मदाबाद, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण, विद्युत, आवास विकास समेत अन्य अधिकारियों को चेताया कि वे प्रतिदिन कार्यालय पहुंचकर सबसे पहले आईजीआरएस प्रकरण चेक करें और शिकायतों का निस्तारण अपनी देखरेख में निस्तारण कराएं।
सभी शिकायतकर्ताओं से स्वयं बात करें। यदि संदर्भ संबंधित न हो तो उसी दिन या अगले दिन वापस कर दें। जिलाधिकारी ने कहा कि डिफाल्टर संदर्भ होने या जिले की रैंकिंग प्रभावित होने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गुणवत्तापूर्ण व स्पष्ट निस्तारण आख्या 5 दिन पूर्व ही अपलोड की जानी चाहिए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही व शिथिलता पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी आदि अधिकारी मौजूद रहे।