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भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष की धुनाई, पुलिस हिरासत में
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इटावा-बरेली हाईवे पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को पकड़कर वाहन में बैठाते पुलिस कर्मी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। भाकियू का भारत बंद जिले में पूरी तरह से बेअसर रहा। आंदोलन के समर्थन को पहुंचे भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष व तीन समर्थकों की पुलिस ने धुनाई कर दी। उन्हें पुलिस वाहन से कोतवाली भेज दिया।
इसका भाकियू नेता विरोध भी नहीं कर पाए। बाद में कुछ दूर हाईवे पर प्रदर्शन कर नेकपुर ओवरब्रिज पर भाकियू नेताओं ने एसडीएम व सीओ को चार सूत्री ज्ञापन सौंप दिया। जिले में सभी बाजार खुले रहे।
पुलिस ने सुबह से ही सपा व कांग्रेस जिलाध्यक्ष के आवास घेरकर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। अपने आवासों में ही नजरबंद रहकर उन्होंने भाकियू के समर्थन में ज्ञापन सौंपा।
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नए कृषि कानून के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के चलते मंगलवार को भारत बंद की घोषणा थी। इसी क्रम में भाकियू (टिकैत गुट) के मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा के नेतृत्व में किसान नेता सुबह करीब 11 बजे नेकपुर चौरासी ओवरब्रिज के निकट हाईवे किनारे स्थित धर्मकांटे के पास एकत्र हुए।
इससे पहले ही प्रशासन ने जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात कर दिया था। मंडल उपाध्यक्ष किसानों को संबोधित कर रहे थे। इसी बीच भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष आशुतोष कठेरिया, पूर्व जिला महासचिव अजीत कठेरिया, उपाध्यक्ष शहजान मंसूरी सहित चार लोग आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे और नारेबाजी की।
कुछ ही देर बाद दलीय नेताओं ने अधिकारियों को फोन कर कहा कि उन लोगों को नजर बंद कर दिया गया, जबकि भीम आर्मी खुलेआम समर्थन देने पहुंची। इसी के बाद पुलिस सख्त हुई और भीम आर्मी जिलाध्यक्ष से कहा कि नीला अंगौछा डालकर समर्थन देने आए, यदि समर्थन करना है तो किसान की टोपी लगाओ।
सिपाहियों ने चारों से नीले अंगौछे छीन लिए। जिलाध्यक्ष किसी को फोन करने लगे, फिर क्या था पुलिस के थप्पड़ चलने शुरू हुए और चारों को दबोचकर पुलिस वाहन में डाल दिया गया।
जिलाध्यक्ष आशुतोष कठेरिया ने बताया कि सीओ व पुलिस कर्मियों ने उन्हें व साथियों को थप्पड़, जूता-लात से वाहन में बहुत पीटा है। इसके बाद पुलिस वाहन से चारों को शहर कोतवाली भेज दिया गया। पुलिस से घिरे भाकियू नेता दबाव में आकर विरोध भी नहीं कर सके।
भाकियू की ओर से दो बजे ज्ञापन देने का समय निर्धारित था। इससे पहले ही मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा, संजीव सिंह, अफरोज मंसूरी, जगदीश सिंह, रामसेवक सक्सेना, महिला किसान नेताओं ने नारेबाजी करते हुए हाईवे पर प्रदर्शन किया।
नेकपुर चौरासी से ओवरब्रिज पर पहुंचकर एसडीएम सदर अनिल कुमार व सीओ राजवीर सिंह को चार सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें किसान विरोधी तीनों कानूनों को वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून के दायरे में लेने आदि की मांगें शामिल थीं।
शहर कोतवाल वेद प्रकाश पांडेय, फतेहगढ़ कोतवाल जेपी पाल व बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स तैनात रहा। कुछ देर बाद भाकियू नेताओं ने भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष व उनके समर्थकों को छुड़ाने के लिए सीओ से सिफारिश की।
शमसाबाद। भाकियू (हरपाल गुट) जिलाध्यक्ष रामबहादुर राजपूत के नेतृत्व में किसानों ने कस्बे में प्रदर्शन किया। भाकियू नेताओं ने सुबह कुछ दुकानें भी बंद कराईं। हालांकि कुछ देर बाद ही खुल गईं।
गंगा रोड पर जुलूस निकालकर जमकर नारेबाजी की। बाद में तहसीलदार कायमगंज (न्यायिक) संतोष कुमार को एसडीएम सुनील कुमार यादव व क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में ज्ञापन सौंपा। संजय गंगवार, सलमान अहमद, नन्हें लाल आदि किसान नेता मौजूद रहे।
नवाबगंज। भाकियू(टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह शाक्य के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने किसान विरोधी कानून के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य बाजार से मेन चौराहे तक चक्काजाम कर दिया।
नए कृषि कानून के विरोध में भड़ास निकाली। एक घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद किसान नेताओं ने 6 सूत्री ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार कायमगंज प्रदीप कुमार सिंह, सीओ मोहम्मदाबाद सोहराब आलम को सौंपा।
लक्ष्मी शंकर जोशी, सत्यवान झा, सपा युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष नवरंग सिंह यादव, सुमित कुमार शाक्य, साजिद अली खान आदि मौजूद रहे।
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इसका भाकियू नेता विरोध भी नहीं कर पाए। बाद में कुछ दूर हाईवे पर प्रदर्शन कर नेकपुर ओवरब्रिज पर भाकियू नेताओं ने एसडीएम व सीओ को चार सूत्री ज्ञापन सौंप दिया। जिले में सभी बाजार खुले रहे।
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पुलिस ने सुबह से ही सपा व कांग्रेस जिलाध्यक्ष के आवास घेरकर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। अपने आवासों में ही नजरबंद रहकर उन्होंने भाकियू के समर्थन में ज्ञापन सौंपा।
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नए कृषि कानून के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के चलते मंगलवार को भारत बंद की घोषणा थी। इसी क्रम में भाकियू (टिकैत गुट) के मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा के नेतृत्व में किसान नेता सुबह करीब 11 बजे नेकपुर चौरासी ओवरब्रिज के निकट हाईवे किनारे स्थित धर्मकांटे के पास एकत्र हुए।
इससे पहले ही प्रशासन ने जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात कर दिया था। मंडल उपाध्यक्ष किसानों को संबोधित कर रहे थे। इसी बीच भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष आशुतोष कठेरिया, पूर्व जिला महासचिव अजीत कठेरिया, उपाध्यक्ष शहजान मंसूरी सहित चार लोग आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे और नारेबाजी की।
कुछ ही देर बाद दलीय नेताओं ने अधिकारियों को फोन कर कहा कि उन लोगों को नजर बंद कर दिया गया, जबकि भीम आर्मी खुलेआम समर्थन देने पहुंची। इसी के बाद पुलिस सख्त हुई और भीम आर्मी जिलाध्यक्ष से कहा कि नीला अंगौछा डालकर समर्थन देने आए, यदि समर्थन करना है तो किसान की टोपी लगाओ।
सिपाहियों ने चारों से नीले अंगौछे छीन लिए। जिलाध्यक्ष किसी को फोन करने लगे, फिर क्या था पुलिस के थप्पड़ चलने शुरू हुए और चारों को दबोचकर पुलिस वाहन में डाल दिया गया।
जिलाध्यक्ष आशुतोष कठेरिया ने बताया कि सीओ व पुलिस कर्मियों ने उन्हें व साथियों को थप्पड़, जूता-लात से वाहन में बहुत पीटा है। इसके बाद पुलिस वाहन से चारों को शहर कोतवाली भेज दिया गया। पुलिस से घिरे भाकियू नेता दबाव में आकर विरोध भी नहीं कर सके।
भाकियू की ओर से दो बजे ज्ञापन देने का समय निर्धारित था। इससे पहले ही मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा, संजीव सिंह, अफरोज मंसूरी, जगदीश सिंह, रामसेवक सक्सेना, महिला किसान नेताओं ने नारेबाजी करते हुए हाईवे पर प्रदर्शन किया।
नेकपुर चौरासी से ओवरब्रिज पर पहुंचकर एसडीएम सदर अनिल कुमार व सीओ राजवीर सिंह को चार सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें किसान विरोधी तीनों कानूनों को वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून के दायरे में लेने आदि की मांगें शामिल थीं।
शहर कोतवाल वेद प्रकाश पांडेय, फतेहगढ़ कोतवाल जेपी पाल व बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स तैनात रहा। कुछ देर बाद भाकियू नेताओं ने भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष व उनके समर्थकों को छुड़ाने के लिए सीओ से सिफारिश की।
शमसाबाद। भाकियू (हरपाल गुट) जिलाध्यक्ष रामबहादुर राजपूत के नेतृत्व में किसानों ने कस्बे में प्रदर्शन किया। भाकियू नेताओं ने सुबह कुछ दुकानें भी बंद कराईं। हालांकि कुछ देर बाद ही खुल गईं।
गंगा रोड पर जुलूस निकालकर जमकर नारेबाजी की। बाद में तहसीलदार कायमगंज (न्यायिक) संतोष कुमार को एसडीएम सुनील कुमार यादव व क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में ज्ञापन सौंपा। संजय गंगवार, सलमान अहमद, नन्हें लाल आदि किसान नेता मौजूद रहे।
नवाबगंज। भाकियू(टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह शाक्य के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने किसान विरोधी कानून के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य बाजार से मेन चौराहे तक चक्काजाम कर दिया।
नए कृषि कानून के विरोध में भड़ास निकाली। एक घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद किसान नेताओं ने 6 सूत्री ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार कायमगंज प्रदीप कुमार सिंह, सीओ मोहम्मदाबाद सोहराब आलम को सौंपा।
लक्ष्मी शंकर जोशी, सत्यवान झा, सपा युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष नवरंग सिंह यादव, सुमित कुमार शाक्य, साजिद अली खान आदि मौजूद रहे।

किसानों के प्रदर्शन के दौरान इटावा-बरेली हाईवे पर नेकपुर पुल पर लगा जाम। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

इटावा-बरेली हाईवे पर नेकपुर पुल पर नारेबाजी करते किसान नेता। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD