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मायूसी: कासगंज-कानपुर रेललाइन दोहरीकरण को मंजूरी नहीं
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फर्रुखाबाद। इज्जतनगर मंडल की डीआरएम के प्रस्ताव भेजने के बावजूद कासगंज-कानपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी नहीं मिली है। अब एक साल तक इंतजार करना तय माना जा रहा है। इससे जिले के लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। हालांकि कासगंज-मथुरा रेललाइन के दोहरीकरण पर वित्त मंत्रालय ने भी मुहर लगाकर बजट में धनराशि आवंटित हो गई है।
बीते महीने कन्नौज स्टेशन का निरीक्षण करने गईं इज्जतनगर मंडल की तत्कालीन डीआरएम ने कासगंज-फर्रुखाबाद-कानपुर रेललाइन के दोहरीकरण का प्रस्ताव भेजने की बात कही थी। इसे शीघ्र ही स्वीकृत होने की उम्मीद जताई थी। इसके बाद से जिले के लोगों को एक फरवरी को पारित आम बजट में काफी आस थी, मगर की घोषणा के बाद लोगों के हाथ मायूसी लगी। रेल मंत्रालय के दोहरीकरण प्रस्तावों में कासगंज-मथुरा रेलखंड के दोहरीकरण को वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिल गई।
यही नहीं इसके लिए प्राथमिक रूप से 2.10 करोड़ रुपये भी मंजूर कर लिए गए। इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आशीष शर्मा ने बताया कि कासगंज-मथुरा की दूरी 105 किमी है। इसके दोहरीकरण को मंजूरी दे दी गई है। यह जानकारी मिलने पर जिले के लोगों में मायूसी फैल गई। कासगंज से कानपुुर अनवरगंज की दूरी करीब 244 किमी है। यह रेलखंड पर हर रोज 44 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है।
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व्यापारिक शहरों से कनेक्टविटी बढ़ जाएगी
फोटो-14, जितेंद्र सिंह
अमृतपुर के कीटनाशक दवा व बर्तन व्यापारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि कासगंज-कानपुर रेल लाइन दोहरीकरण होना बेहद जरूरी है। ट्रेनों की गति बढ़ेगी और व्यापारिक शहरों से कनेक्टविटी बढ़ जाएगी। इससे जिले का विकास होगा। जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वह पैरवी करके इसी बजट में वित्तीय स्वीकृति दिलाएं।
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फोटो-15, रामनरेश मिश्रा
नगला हूसा निवासी रामनरेश मिश्रा कहते हैं कि जिले में कुछ भी नहीं है। पिछड़ेपन का यही कारण है। बड़ा एक्सप्रेस-वे नहीं। रेललाइन के दोहरीकरण की आस भी टूट गई। ट्रेनों का किराया सस्ता होने की वजह से लोगों को माल लाने-ले जाने और आवागमन में काफी आसान होगा। रेललाइन का शीघ्र दोहरीकरण किया जाए।
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फिलहाल मथुरा-कासगंज रेललाइन को वित्त मंत्रालय की स्वीकृति मिली है। उसके लिए बजट में 2.10 करोड़ रुपये भी मिले हैं। यह मंडल में बड़ा काम हो गया है।
-संजीव शर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, इज्जतनगर मंडल।
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बीते महीने कन्नौज स्टेशन का निरीक्षण करने गईं इज्जतनगर मंडल की तत्कालीन डीआरएम ने कासगंज-फर्रुखाबाद-कानपुर रेललाइन के दोहरीकरण का प्रस्ताव भेजने की बात कही थी। इसे शीघ्र ही स्वीकृत होने की उम्मीद जताई थी। इसके बाद से जिले के लोगों को एक फरवरी को पारित आम बजट में काफी आस थी, मगर की घोषणा के बाद लोगों के हाथ मायूसी लगी। रेल मंत्रालय के दोहरीकरण प्रस्तावों में कासगंज-मथुरा रेलखंड के दोहरीकरण को वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिल गई।
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यही नहीं इसके लिए प्राथमिक रूप से 2.10 करोड़ रुपये भी मंजूर कर लिए गए। इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आशीष शर्मा ने बताया कि कासगंज-मथुरा की दूरी 105 किमी है। इसके दोहरीकरण को मंजूरी दे दी गई है। यह जानकारी मिलने पर जिले के लोगों में मायूसी फैल गई। कासगंज से कानपुुर अनवरगंज की दूरी करीब 244 किमी है। यह रेलखंड पर हर रोज 44 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है।
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व्यापारिक शहरों से कनेक्टविटी बढ़ जाएगी
फोटो-14, जितेंद्र सिंह
अमृतपुर के कीटनाशक दवा व बर्तन व्यापारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि कासगंज-कानपुर रेल लाइन दोहरीकरण होना बेहद जरूरी है। ट्रेनों की गति बढ़ेगी और व्यापारिक शहरों से कनेक्टविटी बढ़ जाएगी। इससे जिले का विकास होगा। जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वह पैरवी करके इसी बजट में वित्तीय स्वीकृति दिलाएं।
फोटो-15, रामनरेश मिश्रा
नगला हूसा निवासी रामनरेश मिश्रा कहते हैं कि जिले में कुछ भी नहीं है। पिछड़ेपन का यही कारण है। बड़ा एक्सप्रेस-वे नहीं। रेललाइन के दोहरीकरण की आस भी टूट गई। ट्रेनों का किराया सस्ता होने की वजह से लोगों को माल लाने-ले जाने और आवागमन में काफी आसान होगा। रेललाइन का शीघ्र दोहरीकरण किया जाए।
फिलहाल मथुरा-कासगंज रेललाइन को वित्त मंत्रालय की स्वीकृति मिली है। उसके लिए बजट में 2.10 करोड़ रुपये भी मिले हैं। यह मंडल में बड़ा काम हो गया है।
-संजीव शर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, इज्जतनगर मंडल।