{"_id":"5d90ac3d8ebc3e93a76ff5ed","slug":"devotees-throng-the-temples-shout-for-joy-farrukhabad-news-knp5165611140","type":"story","status":"publish","title_hn":"साधना, आराधना संग नवरात्र शुरू, मंदिरों में भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साधना, आराधना संग नवरात्र शुरू, मंदिरों में भीड़
विज्ञापन
मठियादेवी मंदिर में भक्तों की लगी भीड़।
- फोटो : FARRUKHABAD
शहर समेत जिले भर में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हो गया। पहले दिन से ही लोग श्रद्धा और भक्ति में डूबे नजर आए। साधकों ने मनोकामनाओं की पूर्ति को लेकर साधना-आराधना शुरू की। ब्रह्ममुहूर्त से ही घरों, मंदिरों में ‘जय माता दी’ के उद्घोष शुरू हो गए। घंटा-घड़ियाल से वातावरण भक्तिमय हो गया।
उपासकों ने घटस्थापन किया और माता का श्रंगार कर षोड़शोपचार पूजन किया। माता के प्रसिद्ध मंदिरों में देर शाम तक भक्तों की कतारें लगी रहीं। प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा की गई।
नवरात्र के प्रथम दिन पर्वत राज हिमालय के घर जन्मी माता शैलपुत्री की आराधना की गई। साधकों ने सुबह से ही साफ-सफाई, स्नानादि के बाद माता का शृंगार किया। घरों में घट स्थापना के साथ कलश पूजन और माता का षोडशोपचार पूजन भी किया। नौ दिन उपवास रखे साधकों ने दुर्गा सप्तशती का पाठ कर माता से आशीर्वाद लिया।
विज्ञापन
उधर, शहर के प्रसिद्ध देवी मंदिर गुरुगांव माता, मठिया देवी मंदिर, बढ़पुर में शीतला माता मंदिर, भोलेपुर स्थित मां वैष्णोदेवी मंदिर समेत कई मंदिरों में सुबह से ही माता के भक्तों की लंबी लाइनें लग गईं। माता के दर्शन को काफी देर में नंबर आ सका। भक्तों ने शृंगार का सामान भी माता को भेंट किया। शाम तक मंदिरों में घंटा-घड़ियाल और माता के जयकारे गूंजते रहे।
मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में प्रथम शैलपुत्री माता की पूरे भक्तिभाव से आराधना की गई। नगर के कटी देवी मंदिर, महामाई मंदशिर समेत मौधा गवां देवी मंदिर, खिमसेपुर, ज्योता, धीरपुर, सहसापुर, मुरहास कनैया, पिपरगांव, गुड़गांव, गैसिंगपुर, सकवाई, गोसरपुर आदि गांवों में भक्तों घरों में भी माता की स्थापना कर पूजन-अर्चन किया।
भव्य सजावट से मंदिर बने आकर्षण के केंद्र
मंदिरों में भव्य सजावट की गई है। सड़कों को भी लाइटों से सजाया गया है। माता के स्वरूपों के सामने विशेष एलईटी सिस्टम लगाए गए हैं। इससे हर पल माता का स्वरूप रंग बदलता दिख रहा है।
सुरक्षा को तैनात रही पुलिस
मंदिरों में भ़ीड़ को देखते हुए महिला पुुलिस सुरक्षा भी लगाई गई थी। अनुशासन बनाए रखने को लाइनों से प्रवेश कराया गया। पुलिस ने अराजकतत्वों पर भी पैनी नजर रखी। सादा वर्दी में भी पुलिस बल नजर बनाए रहा।
विज्ञापन
उपासकों ने घटस्थापन किया और माता का श्रंगार कर षोड़शोपचार पूजन किया। माता के प्रसिद्ध मंदिरों में देर शाम तक भक्तों की कतारें लगी रहीं। प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा की गई।
विज्ञापन
नवरात्र के प्रथम दिन पर्वत राज हिमालय के घर जन्मी माता शैलपुत्री की आराधना की गई। साधकों ने सुबह से ही साफ-सफाई, स्नानादि के बाद माता का शृंगार किया। घरों में घट स्थापना के साथ कलश पूजन और माता का षोडशोपचार पूजन भी किया। नौ दिन उपवास रखे साधकों ने दुर्गा सप्तशती का पाठ कर माता से आशीर्वाद लिया।
विज्ञापन
उधर, शहर के प्रसिद्ध देवी मंदिर गुरुगांव माता, मठिया देवी मंदिर, बढ़पुर में शीतला माता मंदिर, भोलेपुर स्थित मां वैष्णोदेवी मंदिर समेत कई मंदिरों में सुबह से ही माता के भक्तों की लंबी लाइनें लग गईं। माता के दर्शन को काफी देर में नंबर आ सका। भक्तों ने शृंगार का सामान भी माता को भेंट किया। शाम तक मंदिरों में घंटा-घड़ियाल और माता के जयकारे गूंजते रहे।
मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में प्रथम शैलपुत्री माता की पूरे भक्तिभाव से आराधना की गई। नगर के कटी देवी मंदिर, महामाई मंदशिर समेत मौधा गवां देवी मंदिर, खिमसेपुर, ज्योता, धीरपुर, सहसापुर, मुरहास कनैया, पिपरगांव, गुड़गांव, गैसिंगपुर, सकवाई, गोसरपुर आदि गांवों में भक्तों घरों में भी माता की स्थापना कर पूजन-अर्चन किया।
भव्य सजावट से मंदिर बने आकर्षण के केंद्र
मंदिरों में भव्य सजावट की गई है। सड़कों को भी लाइटों से सजाया गया है। माता के स्वरूपों के सामने विशेष एलईटी सिस्टम लगाए गए हैं। इससे हर पल माता का स्वरूप रंग बदलता दिख रहा है।
सुरक्षा को तैनात रही पुलिस
मंदिरों में भ़ीड़ को देखते हुए महिला पुुलिस सुरक्षा भी लगाई गई थी। अनुशासन बनाए रखने को लाइनों से प्रवेश कराया गया। पुलिस ने अराजकतत्वों पर भी पैनी नजर रखी। सादा वर्दी में भी पुलिस बल नजर बनाए रहा।